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7th Pay Commission : नए साल पर केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेंगे 3 गिफ्ट, सैलरी में हो जाएगी इतनी बढ़ोतरी

7th Pay Commission :  केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कर्मचारियों को नए साल पर सरकार की ओर से 3 तोहफे मिलने जा रहे है। इसे सैलरी में अच्छी खासी वृद्धि होगी। अक्तूबर में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 4 प्रतिशत की बढौतरी की गई थी। जिससे महंगाई भत्ता 42 से बढ़कर 46 प्रतिशत हो गया।
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HR Breaking News, Digital Desk- 7th Pay Commission:  इस साल केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में कुल फीसदी का इजाफा हुआ है। लेकिन, इंतजार कई और तोहफों का है।  साल खत्म होने में अब केवल 15 दिन का समय बचा है।  इसके बाद नए साल का सफर शुरू होगा। 

 

 

नए साल में तोहफे भी नए होंगे और ज्यादा होंगे। अक्टूबर में हुए DA में इजाफे के बाद अब कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA Hike) नए साल में रिवाइज होगा। लेकिन, उसके साथ ट्रैवल अलाउंस (TA), HRA में भी बढ़ोतरी संभव है।  साथ ही सबसे बड़ा अपडेट फिटमेंट फैक्टर पर मिलने वाला है।   

कई सालों से फिटमेंट फैक्टर में नहीं हुआ कोई बदलाव

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी (Basic Salary) बढ़ाने के लिए फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) लागू किया गया। फिटमेंट फैक्टर लगने की वजह से केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी सीधे 6000 रुपए से 18000 रुपए हो गई।  फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना निर्धारित किया गया। हालांकि, सिफारिशों के अनुसार, इसे 3 रखने की बात कही गई। 

अगर ये 3 होता तो न्यूनत्तम सैलरी (minimum salary) 21,000 रुपए बनती है। लेकिन, केंद्रीय कर्मचारियों ने इसे 3.68 रखने की डिमांड रखी। तब से ये मामला लंबित है। कई साल बीतने के बाद भी फिटमेंट फैक्टर में कोई बदलाव नहीं हुआ किया है। परंतु, अब अच्छी खबर आ रही है.

इतना बढ़ सकता है फिटमेंट फैक्टर

केंद्रीय कर्मचारियों (Central Employees) के लिए अच्छी खबर ये है कि उनका फिटमेंट फैक्टर नए साल में रिवाइज हो सकता है। सूत्रों की मानें तो केंद्र सरकार कर्मचारियों को खुश करने की तैयारी में है। ऐसे में उनका फिटमेंट 2.57 गुना से बढ़ाकर 3 गुना किया जा सकता है।  हालांकि, ये भी मौजूदा मांग से काफी कम होगा। लेकिन, 3 गुना होने पर भी कर्मचारियों के पे-बैंड के हिसाब से सैलरी में अच्छा खासा इजाफा हो जाएगा।  

जानिये क्या होता है Fitment Factor?

सावतें वेतना आयोगी की सिफारिशों के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना है।  केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी तय करते समय, भत्तों के अलावा जैसे महंगाई भत्ता (DA), यात्रा भत्ता (TA), हाउस रेंट अलाउंट (HRA) वगैरह., कर्मचारी की बेसिक सैलरी को 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission latest update) के फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor Hike ) 2.57 से गुणा करके निकाला जाता है।

उदाहरण के तौर पर- अगर किसी केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18000 रुपए है, तो भत्तों को छोड़कर उसकी कुल सैलरी होगी 18,000 X 2.57= 46,260 रुपए। अगर इसी को 3 मान लिया जाए तो सैलरी होगी 21,000X3= 63,000 रुपए। केंद्रीय कर्मचारियों को इसमें बंपर फायदा मिलेगा।

भत्तों की कैलकुलेशन

जब केंद्रीय कर्मचारी की सैलरी तय होती है तो इसके बाद तमाम तरह के भत्तों को जोड़ा जाता है, जैसे DA, TA, HRA, मेडिकल रीम्बर्समेंट वगैरह। महंगाई भत्ते (DA Hike)  में बढ़ोतरी के बाद TA उसी आधार पर बढ़ाया जाता है। डीए में बढ़ोतरी TA से भी लिंक्ड है।  इसी तरह हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और मेडिकल रीम्बर्समेंट भी तय हो जाता है।  जब सारे भत्ते कैलकुलेट हो जाते हैं तब केंद्रीय कर्मचारी की मासिक CTC तय होती है। 

PF, ग्रेच्युटी का योगदान

सभी तरह के भत्ते और सैलरी फाइनल होने के बाद अब बात आती है मासिक Provident Fund (PF) और ग्रेच्युटी योगदान की।  PF और ग्रेच्युटी योगदान बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) से लिंक होता है। केंद्रीय कर्मचारी का PF और ग्रेच्युटी उसके फॉर्मूले से तय होता है।  जब सारे भत्ते और कटौतियां CTC से हो जाती हैं तब केंद्रीय कर्मचारी की टेक होम सैलरी तय होती है। 

पुरानी पेंशन योजना पर सरकार ने किया साफ


दूसरी ओर कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल होगी या नहीं इसको लेकर सरकार ने सोमवार को लोकसभा में अपना रुख एक बार फिर से साफ कर दिया है।  वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने ओपीएस (Old Pension Scheme) की बहाली को लेकर कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से से वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए OPS बहाली को लेकर सरकार के पास को प्रस्ताव नहीं है। 
केंद्र सरकार (Central Government) के कर्मचारियों के लिए लागू नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जुड़े मुद्दे को देखने के लिए तथा किसी आवश्यक परिवर्तन के लिए वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है।