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Success Story: कभी पलीं थी अनाथालय में, फिर 16 की उम्र में हुई शादी, अब ₹5 में मजदूरी करने वाली बनी अरबों की मालकिन!

Jyothi Reddy Success Story: कहते है न अगर इंसान एक बार दृढ़ निश्चय करले तो उसे सफलता पाने से कोई नहीं रोक सकता। ऐसी ही कहानी है ज्योति रेड्डी की उन्होंने  गरीबी और कठिनाइयों से भरे बचपन का (women inspirational story) सामना खूब डटकर किया और कभी हार नहीं मानी। गरीबी, बाल विवाह होने के बाद भी उन्होंने शिक्षा के महत्व को समझा और अनेक बाधाओं के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी। जिसके परिणामसवरुप आज वो करोड़ों रुपये की कंपनी (success story) की मालकिन हैं। आइए नीचे खबर में विस्तार से जानते है उनकी ये दिलचस्प कहानी-

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Success Story: कभी पलीं थी अनाथालय में, फिर 16 की उम्र में हुई शादी, अब ₹5 में मजदूरी करने वाली बनी अरबों की मालकिन!

HR BREAKING NEWS (ब्यूरो)। सफलता की कुछ कहानियां वाकई बहुत प्रेरित करती हैं। वे दिल को छू लेने वाली होती हैं। इसका एक बेहतरीन उदाहरण ज्योति रेड्डी की कहानी है। ज्‍योति कई चुनौतियों का सामना (Jyoti reddy success story) करते हुए आज एक अरब डॉलर की सॉफ्टवेयर कंपनी की सीईओ हैं। गरीबी से अमीरी के सफर में उन्‍होंने कभी हार नहीं मानी। आइए, यहां उनके बारे में जानते हैं।

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16 की उम्र में शादी

 

ज्योति रेड्डी तेलंगाना से ताल्‍लुक रखती हैं। उनके पिता दिहाड़ी-मजदूरी करते थे। पिता ने ज्‍योति को 8 साल की उम्र में अनाथालय भेज (Motivational story) दिया था। वह कठिनाइयों के बीच पली-बढ़ीं। गरीब परिवार में पांच बच्चों में से दूसरी होने के नाते अनाथालय में रहते हुए उन्होंने सरकारी स्कूल में पढ़ाई की। ज्योति के जीवन में तब बड़ा बदलाव आया जब 16 साल की (women success story) उम्र में उनकी शादी कर दी गई। 18 साल की उम्र में वह दो बेटियों की मां बन गईं।
 

5 रुपये में की मजदूरी

आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण ज्‍योति को कभी सिर्फ 5 रुपये की मामूली दैनिक मजदूरी पर खेतों में काम तक करना पड़ा। उनकी जिंदगी में एक महत्वपूर्ण बदलाव तब आया जब केंद्र सरकार की एक योजना के तहत उन्हें टीचिंग का मौका मिला। हालांकि, यह इनकम नाकाफी थी। इसके कारण उन्हें रात में सिलाई का काम भी करना पड़ता था। अपनी स्थिति सुधारने के लिए ज्योति रेड्डी (jyothi reddy real story) ने ठान रखी थी। 1994 में उन्‍होंने डॉ. बी.आर. अंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी से बीए की डिग्री हासिल की। फिर 1997 में काकतीय विश्वविद्यालय से पीजी किया। ​​हालांकि, इन योग्यताओं की वजह से उन्हें अधिक कमाई करने (how to become rich) में मदद मिली। लेकिन, 398 रुपये प्रति माह अभी भी अपर्याप्त था।

 

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विदेशी अवसरों का लगा पता

ज्‍योति रेड्डी के जीवन में एक अन्‍य महत्वपूर्ण पड़ाव तब आया जब अमेरिका से आए एक रिश्तेदार ने ज्‍योति को विदेश में उपलब्ध मौकों (motivational story of women) का एहसास कराया। फिर ज्‍योति ने कंप्यूटर कोर्स किया। जब वह वहां काम करने के योग्य हो गईं तो अमेरिका चली गईं।
 

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करोड़ों की कंपनी ऐसे खड़ी की

अमेरिका में भी ज्‍योति का जीवन आसान नहीं था। उन्‍होंने पेट्रोल पंप पर काम किया। इसके अलावा बेबीसिटर के रूप में नौकरी (business idea) करने सहित कई तरह के छोटे-मोटे काम किए। उनकी पहली ठीकठाक जॉब रिक्रूटमेंट प्रफेशनल के तौर पर थी। 2021 तक 40,000 डॉलर की बचत के साथ उन्होंने अपना खुद का कारोबार शुरू किया। इस पैसे से ज्‍योति ने Key Software Solutions नाम की कंपनी (women empowerment story) शुरू की। कंपनी धीरे-धीरे बढ़ी। 2017 में यह एक अरब डॉलर की कंपनी बन गई थी।