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Success Story : ऐसी गरीबी देखी कि पैरों में पहनने को चप्पल नहीं थी, अब 7300 करोड़ के मालिक

Aakash Institute Founder Success Story : आकाश इंस्टीट्यूट की सक्सेस स्टोरी लाखों युवा उद्यमियों को प्रेरित करने वाली है। छोटे-से गांव से निकलकर उन्होंने शहर में पढ़ाई की और फिर 7300 करोड़ का बिजनेस साम्राज्य खड़ा कर दिया. गरीबी ऐसी देखी कि कभी पैरों में चप्पल तक नहीं थी। जानिए पूरी कहानी...
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Success Story : ऐसी गरीबी देखी कि पैरों में पहनने को चप्पल नहीं थी, अब 7300 करोड़ के मालिक

HR Breaking News: JC Chaudhry Success Story : 12 साल की उम्र तक पैरों में चप्पल नहीं थी, कॉलेज जाने से पहले तक पतलून नहीं थी. इतनी गरीबी देखने के बाद इस शख्स ने अपने मेहनत के बलबूते 7300 करोड़ की कंपनी खड़ी कर दी. इसलिए कहा जाता है कि कड़ी मेहनत और लगन के साथ-साथ आदमी कहां से कहां पहुंच सकता है, यह कोई नहीं जानता. हरियाणा के एक छोटे-से गांव से निकले जे सी चौधरी अब दिल्ली के दिग्गज कारोबारियों में शुमार हैं.

संसाधनों के अभाव में जे सी चौधरी ने जो मकाम हासिल किया है, उससे उन्होंने लाखों युवा उद्यमियों को प्रेरित किया है. आकाश इंस्टीट्यूट के फाउंडर जे सी चौधरी आज एक जाना-पहचाना नाम हैं. आइये आपको बताते हैं संघर्ष और सफलता की दिलचस्प स्टोरी.


छोटे-से गांव से शुरू हुआ सफर: 

डीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा के सेवली गांव से ताल्लुक रखने वाले जे सी चौधरी को जो भी अवसर मिला, उसका उन्होंने भरपूर लाभ उठाया. उन्होंने 1972 में उन्होंने पिलानी में प्रतिष्ठित बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस से एमएससी की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के बाद वे टीचिंग प्रोफेशन में चले गए. कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर जे सी चौधरी दिल्ली स्कूल के प्रिंसिपल बन गए. लेकिन, वे अपनी इस सफलता का श्रेय अंक ज्योतिष को देते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि 1984 में चौधरी को जन्मतिथि में छिपे सफलता के रहस्य का एहसास हुआ.

अंक ज्योतिष में गहरा विश्वास:

फोर्ब्स मैगजीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि अंकज्योतिष से उनका परिचय उनके जीजाजी ने कराया था. उन्हें जल्द ही एहसास हुआ कि उनके जीवन में जो कुछ भी हो रहा था वह मेरी जन्मतिथि के साथ मेल नहीं खा रहा था. इसके बाद वे गृह गांव वापस लौटे और अपनी जन्मतिथि का मिलान किया और वह रिकॉर्ड में उनकी वास्तविक जन्मतिथि से भिन्न थी. वह अपनी अधिकांश सफलता का श्रेय अंकशास्त्र को देते हैं. यहां तक कि अपने शैक्षणिक संस्थान के लिए जमीन खरीदने, फीस स्ट्रक्चर को अंतिम रूप देने और अन्य व्यावसायिक फैसले लेने जैसे कामों में उन्होंने अंक ज्योतिष का सहारा लिया.


खड़ा किया 7300 करोड़ का कारोबार:

नौकरी से इस्तीफा देकर जे सी चौधरी ने 1988 में आकाश इंस्टीट्यूट की स्थापना की, जिसे बाद में आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड के नाम से जाना गया. महज 12 छात्रों के साथ अपने कोचिंग सेंटर की शुरुआत करने वाले जे सी चौधरी के आकाश इंस्टीट्यूट में आज लाखों छात्र पढ़ने आते हैं.

2019 में, न्यूयॉर्क स्थित इन्वेस्टमेंट फर्म ब्लैकस्टोन ने लगभग 3,545 करोड़ रुपये के कारोबार सौदे में 1,350 करोड़ रुपये में आकाश में 37.5 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल कर ली. अंततः उन्होंने 2021 में अपनी कंपनी लगभग 7,300 करोड़ रुपये में एडटेक दिग्गज बायजू को बेच दी.


इसके बाद से जेसी चौधरी रियल एस्टेट में निवेश कर रहे हैं. इसके अलावा, वे न्यूमेरो नामक एक न्यूमेरोलॉजी प्लेटफॉर्म भी बनाया है. पिछले साल उनके बेटे आकाश ने दिल्ली में 300 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति खरीदी है, जिसमें दो बंगले, तीन लक्जरी अपार्टमेंट और एक फार्महाउस शामिल हैं. चौधरी परिवार राष्ट्रीय राजधानी में एक सुपर स्पेशलिटी अस्पताल भी संचालित करता है.