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Success Story: 14 साल की उम्र में शुरू की कंपनी, अब बने भारत के सबसे कम उम्र के CEO, कई देशों में चलता है बिजनेस

Suhas Gopinath: आपने भी यह सुना होगा कि किसी भी काम को यदि पुरी लग्न व मेहनत के साथ किया जाए तो आपको कामयाब होने से कोई नहीं रोक सकता। इसी के चलते हम आपको बताने जा रहे हैं सुहास गोपीनाथ की संघर्ष की कहानी। इन्होंने खेलने कुदने की उम्र में इतनी बडी कंपनी खडी कर दी...
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Success Story: 14 साल की उम्र में शुरू की कंपनी, अब बने भारत के सबसे कम उम्र के CEO, कई देशों में चलता है बिजनेस

HR Breaking News (नई दिल्ली)। Suhas Gopinath: मेहनत और लगन से बड़ी से बड़ी कामयाबी हासिल की जा सकती है। आपकी उम्र कम ही क्यों न हो, मेहनत से आप कुछ भी हासिल कर सकते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है बेंगलुरु में रहने वाले सुहास गोपीनाथ ने। सुहास ने बेहद कम उम्र में कंपनी की स्थापना कर दी थी। आज वह ग्लोबल्स इंक (Globals Inc) के सीईओ और चेयरमैन जाने जाते हैं।

सुहास को अपने स्कूल टाइम से ही कंप्यूटर में काफी इंट्रेस्ट था। लेकिन कंप्यूटर नहीं होने की वजह से वह इसे सीख नहीं पा रहे थे। इसके लिए उन्होंने एक रास्ता निकाला। उन्होंने कैफ़े जाकर कंप्यूटर सीखा। सुहास कैफ़े पर मन लगाकर कंप्यूटर और वेबसाइट बनाना सीखने लगे, वे धीरे-धीरे कामयाब भी होने लगे।


इस तरह सीखा कंप्यूटर -

सुहास कैफ़े पर जाने लगे थे। लेकिन उनके पास इसके लिए पैसे नहीं थे। इसके लिए उन्होंने कैफ़े से एक डील की। उन्होंने कंप्यूटर सीखने के बदले रोज़ाना 1 बजे से 4 बजे तक कैफ़े खोलने और चलाने की जिम्मेदारी ले ली। सुहास कैफ़े पर काफी मेहनत से कंप्यूटर और वेबसाइट बनाना सीखने लगे। उन्होंने वेब डिज़ाइनर के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन करवाया। जब वे वेबसाइट बनाना सीख गए, तब उनके पास कोई रेफरन्स नहीं था, इसलिए उन्होंने क्लाइंट के लिए पहली वेबसाइट फ्री में बनाई।


ऐसे बनाई कंपनी -

सुहास के बास अब क्लाइंट्स की वेबसाइट्स बनाने का काम आने लगा। इससे उनके पास 100 डॉलर जमा हो गए। जब वह 9वीं कक्षा में थे, तब उन्होंने अपनी कमाई से कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्शन लिया। साल 2000 में जब वे 13 साल के थे, तब उन्होंने खुद की कंपनी स्थापित करने का फैसला लिया। लेकिन उनकी उम्र 18 साल से कम थी। ऐसे में वह भारत में कंपनी स्थापित नहीं कर सकते थे। ऐसे में उन्होंने साल 2000 में अमेरिका के कलिफोर्निया में अपने एक अमेरिकी दोस्त के साथ मिलकर ग्लोबल इनकॉर्पोरेशन की स्थापना की और वे सबसे कम उम्र के सीईओ बन गए।

कई देशों में हैं ऑफिस -

पिछले दो दशक में ग्लोबल्स इंक कॉरपोरेशन एक मल्टीनेशन कंपनी बन चुकी है। इस कंपनी के प्रोडक्ट दुनिया के कई देशों में उपलब्ध हैं। कंपनी के ब्रांच ब्रिटेन, इटली, स्पेन, अमेरिका में हैं। यह तकनीकी सेवा प्रदान करने में टॉप कंपनियों में शामिल है। मौजूदा समय में कंपनी 1.01 बिलियन डॉलर की हो चुकी है।