फोरलाइन के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू, किसानों ने मांगे एक करोड़ प्रति एकड़
हरियाणा से गुजरने वाला एक हाईवे फोरलाइन किया जा रहा है। इसके लिए प्रशासन की ओर से जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है। लेकिन अब पेंच रेट को लेकर फस गया है। किसानों की मांगे प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये है।
HR BREAKING NEWS: यमुनानगर के लोगों को एक और फोरलेन की सौगात मिलेगी। यह फोरलेन कैल से होकर गांवों से होता हुआ बहादूरपुर में निकलेगा और वहीं से जगाधरी पांवटा साहिब हाईवे पर मिल जाएगा। जिले के 24 गांवों से होकर निकलेगा। इन गांवों से करीब 100 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
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इस राजमार्ग की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (project report) तैयार कर ली गई है। अब इन गांवों में जमीन के अधिग्रहण (acquisition) की प्रक्रिया शुरू होगी। कैल से पांवटा नेशनल हाईवे (Kail to Paonta National Highway) तक बनने वाले फोरलेन हाईवे (Fourlane Highway) के लिए एक्वायर की जा रही 24 में से 13 गांव की जमीन का मुआवजा सुना दिया गया। इन 13 गांव में 165 एकड़ जमीन एक्वायर की है। इसका मुआवजा (compensation)118 करोड़, 2 लाख, 40 हजार, 787 रुपए बताया गया है। यानी औसत प्रति एकड़ 70 लाख रुपए है।
बचे 11 गांव में जमीन एक्वायर (land acquired) को लेकर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इन गांव की जमीन का भी मुआवजा सुनाया जाएगा। लेकिन 13 गावों के किसानों ने इतनी मुआवजा राशि से मना कर दिया है। किसानों का कहना है कि कम से कम प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये मुआवजा मिले।
वे इसके विरोध में आ गए हैं। क्योंकि प्रति एकड़ जो औसत 70 लाख रुपए बन रहा है, उससे ज्यादा में तो मार्केट रेट (market rate) में जमीन बिक चुकी है। सरकार की तरफ से जो 70 लाख रुपए प्रति एकड़ मिलना है तो उसमें कलेक्टर रेट से 100 फीसद सोलेशियस (सांत्वना राशि) और सेक्शन-3 की नोटिफिकेशन से 12 प्रतिशत ब्याज के साथ मुआवजा दिया जा रहा है। तब जाकर यह 70 लाख रुपए बन रहा है।
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बहुत कम दिया जा रहा मुआवजा
किसान अपनी जमीन का एक से डेढ़ करोड़ रुपए मुआवजा (compensation) चाहते हैं। किसानों के पास ऐसी रजिस्ट्रियां हैं जिसमें उनके एरिया में ही जमीन पहले 50 से 80 लाख रुपए तक में बिक चुकी है। किसानों के अनुसार अगर 50 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से जमीन सरकार एक्वायर करती है तो उन्हें 1 करोड़ से ज्यादा मुआवजा मिलता, लेकिन अभी 70 लाख तक ही मिल रहा है। इस रेट में यहां पर जमीन देना उनके लिए घाटा है।
इन गावों की जमीन की जाएगी एक्वायर
नया फोरलेन कैल से होता हुआ शेरपुर, बलाचौर, मुंडाखेड़ा, पंजेटो, सिंहपुरा, शाहपुर, मेहलावाली, खारवन, मामली, काठवाला, चाहडो, छज्जूनगला, बहादूरपुर, भिलपुरा, चूहडपुर कलां, चूहडपुर खुर्द, गुलाबगढ़, प्रतापनगर, किशनपुरा, मलकपुर खादर, पीपली माजरा, शाहजहांपुर, उर्जनी से होकर निकलेगा।
फोरलाइन बनने से ये होगा फायदा
इस हाईवे के बनने से शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा। बहुत से वाहन अब शहर के बीच से गुजर कर हिमाचलप्रदेश जाते हैं, लेकिन नया रोड बनने से शहर को एक और बाईपास मिलेगा और हिमाचल प्रदेश जाने वाले यूपी, दिल्ली से आने वाले वाहनों को शहर के बीच से गुजरने की बजाए बाईपास से निकल सकेंगे।
