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 हरियाणा की इन इंडस्ट्रीज को मिलेगी बिना कट लगातार बिजली, आया नया नियम

हरियाणा के उन उद्योगों में बिना कट के बिजली मिलने की कवायद शुरू होगी जहां कट से उत्‍पाद खराब हो जाते हैं। मगर इसके लिए बिजली निगम ने कुछ मानक तय किए है जो इंडस्ट्रीज को मानने होंगे। आइए नीचे खबर में जानते है क्या आया है नया नियम
 
new rule of electricity department हरियाणा की इन इंडस्ट्रीज को मिलेगी बिना कट लगातार बिजली, आया नया नियम

HR Breaking News, हरियाणा डिजिटल डेस्क, बिजली निगम की ओर से सतत प्रक्रिया यानी कंटीनियुस प्रोसेस में आने वाली इंडस्ट्रीज के लिए राहत की खबर यह है कि उनको बिना कट के बिजली मिलने की कवायद शुरू होगी। मगर इसके लिए बिजली निगम (Electricity Corporation) ने कुछ मानक तय किए है, जो इंडस्ट्रीज को मानने होंगे। जिन इंडस्ट्रीज को सतत प्रक्रिया में बिना कट के सतत प्रक्रिया में बिजली की जरूरत है।उन इंडस्ट्रीज को खुद का फीडर लगाना होगा।उसमें कोई कट नहीं लगेगा।


अगर किसी इंडस्ट्रीज का पहले से खुद का फीडर है तो उनको अलग से फीडर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उनको सतत प्रक्रिया में बिजली मिलेगी। जब भी बिजली निगम से कट लगते थे। उस समय हर कोई इंडस्ट्रीज खुद को सतत प्रकिया के अंतर्गत बताती थी और बिजली की मांग करती थी। ऐसे में निगम अधिकारियों के लिए भी मुश्किल हो जाती थी किसको किस हिसाब से बिजली सप्लाई दें। इसलिए बिजली निगम ने उन इंडस्ट्रीज की सूची जारी की है, जो सतत प्रक्रिया में आती है। जिनको समय अनुसार बिजली की आवश्यकता होती है। पहले से जो बिना फीडर के अधारित है, उनको फीडर लगवाना होगा

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फीडर लगवाने से यह होगा फायदा

अगर सतत प्रक्रिया में बिजली के लिए कोई इंडस्ट्रीज अपना फीडर लगवाते है तो इससे कोई कट नहीं लगेगा। बिजली घर से सीधा बिजली इंडस्ट्रीज में जाएगी। फीडर पर बीच में और कोई कनेक्शन नहीं दिया जाएगा।

इंडस्ट्रीज पर बढ़ेगा खर्चा

फीडर लगवाने से इंडस्ट्रीज पर खर्चा बढ़ेगा। एक फीडर लगवाने पर प्रति किलोमीटर छह से सात लाख रुपये खर्चा आएगा। इंडस्ट्रीज की जितनी किलोमीटर की दूरी बिजली घर से होगी। फीडर का प्रति किलोमीटर उतना ही खर्चा बढ़ेगा। इसके लिए इंडस्ट्रीज को खुद के अलग से कर्मी भी रखने पड़ सकते है।


ये इंडस्ट्रीज है शामिल

- मिल्क प्रोसेसिंग प्लांटस।

- पोली प्रोपलेन यार्न।

- सीमेंट प्लांटस।

- टैक्सटाइल स्पीनिंग या वीएविंग मिल्स।

- पावर प्लांटस अंडर कंस्ट्रक्शन।

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यह कारण है

जैसे कि मिल्क प्लांटस में दूध खराब होने का खतरा रहता है। कई बार उनको छह से सात घंटे बिजली आवश्यकता होती है। पावर प्लांटस अंडर कंस्ट्रक्शन है, उनको भी कंस्ट्रक्शन के समय बिजली मिलना जरूरी है।