उपलब्धि : हरियाणा की दो बेटियों ने रचा इतिहास, गांवों से निकलकर फाइटर काकपिट तक पहुंचीं
Hisar Media (Haryana News) बदल रहे जमाने के साथ-साथ महिलाएं भी अब किसी से कम नहीं रही है और दिन प्रतिदिन महिलाओं की सफलता से जुड़े परिणाम (women success story) देखने को मिल रहे हैं। साल 2021 में जब सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court News) की तरफ से महिलाओं के लिए NDA यानि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के दरवाजे खोलने का फैसला सुनाया गया था तब वह ने केवल एक कोर्ट की तरफ से आदेश था बल्कि भारतीय सेना की व्यवस्था (organization of the Indian Army) में एक और नई शुरुआत थी और तकरीबन 4 साल बाद कोर्ट के इस फैसले पर एक बड़ा परिणाम देखने को मिला है।
हरियाणा (Haryana News) के चरखी दादरी जिले की इशिता सांगवान और मीनाक्षी तक्षक एनडीए के पहले महिला बैच से फाइटर पायलट बनने वाली अग्रणी कैडेटों में शामिल हो गई है। दोनों लड़कियों ने साढ़े तीन साल की मेहनत के बाद यह सफलता हासिल की है और आज हैदराबाद में कमीशन प्राप्त किया। अब यह लड़कियां भारतीय वायु सेवा (Indian Air Force) में लड़ाकू विमान उड़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगी। छप्पार और भागवी जैसे गांव से निकलकर फाइटर काकपिट तक पहुंचने वाली इन लड़कियों की मेहनत काबिल ए तारीफ है।
सिविल सेवा का सपना
छापर गांव की इशिता सांगवान ने शुरुआत से सिविल सेवा करने का सपना ठान रखा था। उनके पिता चरण सिंह सांगवान का कहना है कि साल 2021 में जब सुप्रीम कोर्ट की तरफ से फैसला सुनाया गया तब इशिता (Ishita Sangwan) उसी दिशा में तैयारी कर रही थी, लेकिन कोर्ट का फैसला आते ही उन्होंने अपने विचार बदल लिए और उस समय वह 12वीं की पढ़ाई में जुटी थी तथा मेहनत के दम पर NDA परीक्षा में सफल रही।
9 अगस्त 2022 को शुरू की ट्रेनिंग
6 अगस्त 2022 को इशिता को जॉइनिंग लेटर मिला और 9 अगस्त को उन्होंने पुणे में ट्रेनिंग (NDA Training) शुरू कर दी थी। जून 2025 में छुटि्टयां लेने के बाद इशिता सबसे पहले बाबा जमुना दास मंदिर में माथा टेकने गई। फिलहाल उनकी आयु तकरीबन साढ़े 22 साल है।
शुरू से ही था वायु सेवा का सपना
भागवी गांव से बिलॉन्ग करने वाली मीनाक्षी तक्षक (Meenakshi Takshak) उन 19 महिला कैडेटों में शामिल रही है जिन्होंने NDA के जरिए पहली बार सेना की ट्रेनिंग का मौका (Army training) मिला है। मीनाक्षी तक्षक का पालन पोषण सेना से जुड़े परिवार में हुआ है। मीनाक्षी तक्षक शुरू से ही वायु सेवा में जाने का लक्ष्य बनाए हुए थी।
आज हैदराबाद में प्राप्त किया कमीशन
पुणे के खड़गवासला में 3 साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद मीनाक्षी को वायु सेना विंग (Air Force Wing) मिली। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद में 6 महीने की फाइटर ट्रेनिंग ली और अब वह लड़ाकू विमान उड़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगी। हरियाणा की इन दोनों बेटियों ने आज हैदराबाद में कमीशन प्राप्त किया है जिसके बाद उनकी पहली तैनाती (First deployment) तेलंगाना के बीदर केंद्र में होगी। आज इस समारोह में दोनों परिवारों के सदस्य मौजूद रहे।
Meenakshi Takshak द्वारा प्राप्त की गई इस उपलब्धि पर भागवी गांव में उत्साह का माहौल बना हुआ है तथा ग्राम पंचायत की तरफ से भी सामान समारोह करने की तैयारी की जा रही है। मीनाक्षी के बड़े भाई सेना में कैप्टन है और उनकी तैनाती फिलहाल सिक्किम में है। मीनाक्षी की पढ़ाई दिल्ली के धौला कुआं स्थित आर्मी स्कूल से हुई है। इनके पिता रविंद्र तक्षक भी सेना में सूबेदार मेजर (Subedar Major in the Army) है।
छापर गांव के लोग भी इशिता सांगवान पर गर्व महसूस कर रहे हैं। बीते कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने भी इन दोनों बेटियों से मुलाकात की तथा उनकी मेहनत के परिणाम की बधाइयां दी।
हरियाणा की इन बेटियों ने अगली पीढ़ियों के लिए रास्ते खोले
हरियाणा की इशिता सांगवान और मीनाक्षी तक्षक ने अपने लक्ष्य को प्राप्त करके पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। इन दोनों बेटियों की सफलता को देख बाकी लड़कियों के बीच भी यही संदेश जाता है कि अगर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ मेहनत की जाए तो कोई भी लक्ष्य संभव नहीं रहता है। इन दोनों बेटियों ने अपनी मेहनत के दम पर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी नए रास्ते खोल (Meenakshi Takshak And Ishita Sangwan Success Story) दिए हैं और उन्हें जागरूक कर दिया है की मेहनत के दम पर सफलता काफी आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
