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solar panel लगवाने के बाद भी आ रहा 8800 से 10 हजार बिजली बिल, 5 महीने से यूनिट्स नहीं हो रही समायोजित

solar panel : सोलर पैनल लगवाने के बाद भी बिजली बिल हजारों में आ रहा है। हिसार में ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं बिजली निगम में चक्कर काट रहे हैं। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से। 
 
solar panel लगवाने के बाद भी आ रहा 8800 से 10 हजार बिजली बिल, 5 महीने से यूनिट्स नहीं हो रही समायोजित

HR Breaking News (solar panel) : घर की छतों पर सोलर प्लांट (solar panel news) लगवा कर बिजली बिल से राहत पाने की उम्मीद कर रहे उपभोक्ताओं को बिजली निगम (bijali nigam hisar) की कार्य प्रणाली के कारण परेशानी उठाने की उठानी पड़ रही है। उपभोक्ताओं के सोलर से तैयार बिजली और घर में इस्तेमाल हुई यूनिटों का हिसाब 4 से 5 महीने से अपडेट नहीं हुआ है। इसका असर बिलों पर पड़ रहा है और सोलर प्लांट से पर्याप्त बिजली मिलने के बावजूद उपभोक्ताओं को हजारों रुपए के बिल भरने पड़ रहे हैं।

उपभोक्ताओं को करना पड़ सकता है इंतजार

उपभोक्ताओं का कहना है कि सोलर कनेक्शन (solar connection) लगने और नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी बिजली की यूनिटों का मिलान नहीं किया जा रहा। इस वजह से बिल में सोलर से बने अतिरिक्त बिजली का लाभ नहीं मिल पा रहा। वहीं उपभोक्ताओं को चिंता है कि यदि वे बिल जमा कर देते हैं तो अतिरिक्त भुगतान की राशि वापस लेने के लिए उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ सकता है। इसी समस्या को लेकर लोग बिजली निगम के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।

5 किलोवाट के प्लांट में आ रहा हजारों का बिल

सूर्य नगर निवासी नवीन कुमार (hisar latest news) ने बताया कि उन्होंने अपने घर पर 5 किलो वाट क्षमता का सोलर प्लांट लगवाया। इससे प्रतिदिन करीब 25-28 यूनिट बिजली तैयार होती है। जबकि घर में औसतन 18 से 20 यूनिट की खपत होती है। इसके बावजूद पिछले 4 महीने से अधिक समय से बिजली की यूनिटों का समायोजन नहीं हुआ है। इस दौरान उन्होंने पहले 88 00 उसके बाद करीब 10000 रुपये का बिल मिला है। उनका कहना है कि समय पर यूनिट का हिसाब अपडेट हो जाता है तो बिल काफी कम हो सकता था।

तीन किलोवाट के कनेक्शन भी नहीं मिला लाभ

सूर्य नगर निवासी संदीप कुमार ने बताया कि उन्हें 3 किलो वाट का सोलर प्लांट लगवाया और नेट मीटरिंग भी पूरी हो चुकी है। उसके बावजूद बिजली निगम के रिकॉर्ड में यूनिटों का समायोजन नहीं होने से बिल शून्य नहीं हो पा रहा। अब उन्हें हजार रुपए का बिल भरने की चिंता सता ही है। उनका कहना कि सोलर प्लांट लगवाने का उद्देश्य बिजली खर्च कम करना था लेकिन बिलों में राहत नहीं मिल रही।

एक सप्ताह में हो जाएगा डाटा अपडेट

सोलर कनेक्शन की प्रक्रिया में निगम की टीम पहले प्लांट का निरीक्षण करती है। इसके बाद नेट मीटरिंग के तहत मीटर लगाए जाते हैं और बिजली की खपत में सोलर से तैयार यूनिटों का रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है। महीने के अंत में इसी डाटा के आधार पर बिल तैयार होना चाहिए। 

हिसार सर्कल के बिजली निगम के एसई अविनाश यादव (hisar circle ke bijli nigam ke se avinash Yadav) ने बताया की फिल्ड टीम पर काम का दबाव अधिक होने का डाटा अपडेट करने में देरी हुई है। टीम इस समस्या को दूर करने में लगी है। उन्होंने दावा किया कि करीब एक सप्ताह के भीतर सभी संबंधित उपभोक्ताओं का डाटा अपडेट कर दिया जाएगा।