हिसार में घंटों तक लाइनों में खड़े रहने के बाद भी किसानों को नहीं मिल रही DAP और यूरिया
Hisar News : खरीफ का सीजन खत्म हो गया है और रबी सीजन की फसलों की बुवाई अब शुरू होने वाली है। ऐसे में इस समय किसानों को सबसे ज्यादा डीएपी और यूरिया की आवश्यकता होती है, लेकिन हिसार के किसानों को सरकारी दुकानों पर घंटे तक लाइनों में खड़े रहने के बाद भी डीएपी और यूरिया नहीं मिल रही है। चलिए खबर में जानते हैं विस्तार से
HR Breaking News - रबी सीजन की फसलों की बुवाई के लिए किसान डीएपी और यूरिया लेने के लिए मंडी में पहुंच रहे हैं, लेकिन किसानों को डीएपी और यूरिया नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बुधवार को हिसार की अनाज मंडी में खाद लेने के लिए बड़ी संख्या में किस पहुंचे दी हिसार सहकारी विपणन समिति लिमिटेड (The Hisar Co-operative Marketing Committee Limited) हिसार दुकान नंबर 187 और किसान सेवा केंद्र दुकान नंबर 195 के बाहर किसानों की भीड़ देखने को मिली। अपनी बारी के लिए किसान घंटे तक लाइनों में खड़े रहे। बहुत से किसान सुबह से भूखे अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
DAP और यूरिया के लिए घंटों तक लाइनों में खड़े रहे किसान - (latest news)
किसानों ने बताया कि वह पिछले चार दिन से डीएपी और यूरिया (DAP and Urea) लेने के लिए दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद कई किसानों को खाद नहीं मिली है, उन्हें खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। दुकानों के आगे किसानों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन की देखरेख में खाद बांटने का काम किया गया।
खाद का स्टॉक खत्म - (haryana news)
अधिकारियों ने बताया कि खाद का स्टॉक आया था और बड़ी संख्या में किसानों ने खाद खरीद ली। इसके बाद स्टॉक खत्म हो गया है। हरियाणा सरकार की निर्धारित प्रक्रिया के मुताबिक, खाद का वितरण किया जाता है। नया स्टॉक आने के बाद खाद का वितरण शुरू किया जाएगा।
खाद लेने के लिए 4 दिन से दुकानों के चक्कर लगा रहे किसान -
सीसवाल निवासी रणसिंह वर्मा ने बताया कि वह सुबह से ही खाद लेने के लिए लाइन में लगे हुए थे। उनके गांव से लगभग 50 किसान पिछले कई दिनों से दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं। गांव शाहपुर निवासी सतबीर ने बताया कि वह सुबह 8:00 से डीएपी (DAP fertilizer) लेने के लिए लाइन में खड़े हैं। डीएपी सरसों की बिजाई के लिए चाहिए। पहले किसान कहीं से भी खाद ले सकते थे, लेकिन अब उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार तय करेगी किस गांव में कितनी भेजी जाएगी खाद - (hisar news)
दी हिसार सहकारी विपणन समिति (The Hisar Co-operative Marketing Committee) के प्रबंधक वीरेंद्र कुमार ने किसानों से आग्रह किया है कि वह अपने स्थानीय किसान केंद्रों से प्राथमिकता के आधार पर खाद लेने हिसार में लगभग 90 गांव आते हैं। अगर सभी किसान एक ही जगह खाद लेने पहुंचेंगे तो इसमें समय भी लगेगा और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि डीएपी और यूरिया (DAP and Urea) के रखरखाव के लिए उचित व्यवस्था जरूरी होती है। खाद विदेश से बंदरगाह के माध्यम से आती है और सरकार यह निर्धारित करती है कि किस मंडी में खाद का कितना स्टॉक भेजा जाएगा।
