LUVAS में बीवीएससी एंड एएच प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित
HR Breaking News : लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास), हिसार के पशु चिकित्सा महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के बीवीएससी एंड एएच (पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन) प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद कुमार वर्मा के संरक्षण में किया गया। इसका उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, नियमों, सुविधाओं तथा विभिन्न गतिविधियों से परिचित करवाना था।
कार्यक्रम में पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. डॉ. अनीश यादव मुख्य अतिथि तथा विद्यार्थी कल्याण एवं संपदा अधिकारी डॉ. संदीप गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के माध्यम से प्रतिष्ठित महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने पर बधाई दी
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अनीश यादव ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के माध्यम से प्रतिष्ठित महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि पशु चिकित्सा एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं नोबल पेशा है। यह केवल उन मूक जीवों के उपचार तक सीमित नहीं है, जो अपनी पीड़ा व्यक्त नहीं कर सकते, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा एवं जनस्वास्थ्य को सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को उत्कृष्ट पशु चिकित्सक बनाने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक अवसर एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
विशिष्ट अतिथि डॉ. संदीप गुप्ता ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के परिसर जीवन, छात्रावास सुविधाओं, छात्र सहायता सेवाओं तथा विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय में उनकी सुरक्षा एवं कल्याण को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने रैगिंग और उत्पीड़न के प्रति विश्वविद्यालय की शून्य-सहिष्णुता नीति के बारे में भी बताया।
उत्पीड़न की रोकथाम विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक किया
इस अवसर पर डॉ. सोनिया सिंधु, मानव संसाधन प्रबंधन विभाग की अध्यक्ष, ने लैंगिक संवेदनशीलता के माध्यम से यौन उत्पीड़न की रोकथाम विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक किया। पशु चिकित्सा विकृति विज्ञान विभाग के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. विकास नेहरा ने एमएसवीएस के नियमों एवं विनियमों की जानकारी दी। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विजय जे. जाधव ने परीक्षा प्रणाली, परीक्षा पैटर्न तथा संबंधित नियमों से अवगत करवाया। विश्वविद्यालय के पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. दीपक तिवारी ने विद्यार्थी जीवन में पुस्तकालय के महत्व तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
विभिन्न खेल गतिविधियों के बारे में बताया
एनसीसी की एएनओ डॉ. अर्चना ने पशु चिकित्सा विद्यार्थियों के जीवन में एनसीसी एवं आरवीसी की भूमिका पर प्रकाश डाला। खेल गतिविधियों के समन्वयक डॉ. अंशुल लाठर ने महाविद्यालय में आयोजित होने वाली विभिन्न खेल गतिविधियों के बारे में बताया। छात्रावास वार्डन डॉ. परवीन सांगवान ने छात्रावास के नियमों एवं अनुशासन संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी, जबकि सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण (सांस्कृतिक गतिविधियां) डॉ. तेज प्रकाश ने महाविद्यालय की सांस्कृतिक एवं नाट्य गतिविधियों से विद्यार्थियों को परिचित करवाया।
कार्यक्रम के दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने डॉ. नीलेश सिंधु, डॉ. तेज प्रकाश तथा डॉ. दीपिन चंदर के साथ महाविद्यालय के विभिन्न विभागों, प्रयोगशालाओं, क्लीनिकों तथा पशु फार्म का भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण सुविधाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का समन्वय डॉ. प्रीति लखानी, सहायक प्राध्यापक, तथा डॉ. तेज प्रकाश, बीवीएससी एंड एएच प्रथम वर्ष के कक्षा प्रभारी, ने किया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा गया कि महाविद्यालयीन जीवन जीवन का एक महत्वपूर्ण और स्वर्णिम काल होता है। विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन एवं शैक्षणिक दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ विश्वविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा अन्य अवसरों का भरपूर लाभ उठाना चाहिए, ताकि वे एक कुशल पशु चिकित्सक बनने के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास भी कर सकें।
