रोडवेज डिपो में तोड़े गए कमरे, इलेक्ट्रिक बसों की मरम्मत के लिए बनेगा अब नया भवन
HR Breaking News (Hisar News) : इलेक्ट्रिक बसों के लिए जगह तैयार करने के दौरान रोडवेज धर्मशाला के पांच पुराने कैमरे हटाए जाने के बाद अब नए भवन के निर्माण की तैयारी की जा रही है। रोडवेज परिसर में इसके लिए जगह निर्धारित की गई है। ट्रैफिक ब्रांच और ड्यूटी इंस्पेक्टर कार्यालय के पीछे नया भवन बनाया जाएगा। निर्माण की जिम्मेदारी इलेक्ट्रिक बस डिपो के ठेकेदार को दी जाएगी। कमरों के टूटने से कर्मशाला में बसों की मरम्मत करने वाले कर्मचारियों को जगह की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
इसलिए हटाया गया था कमरों को (hisar new bus dipot)
दरअसल इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए डिपो परिसर में जगह उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पुराने कमरों को हटाया गया था। ये कमरे कर्मशाला की जमीन पर बने हुए थे और यहां बसों की मरम्मत से जुड़े काम होते थे। उनके हटने के बाद कर्मचारियों के सामने कामकाज के लिए पर्याप्त जगह की समस्या खड़ी हो गई। अब वैकल्पिक भवन तैयार होने से परेशानी दूर होने की उम्मीद है।
2 जून को हुआ था कार्य शुरू (Electric Bus Depot hisar)
इलेक्ट्रिक बस डिपो परिसर में 2 जून को निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इस दौरान रोडवेज यूनियन ने निर्माण में गलत सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए विरोध किया था। विरोध के बाद काम रुक गया था और आगे निर्माण नहीं हो सका। अब पुराने कमरों की जगह दोबारा भवन बनाने की बजाय परिसर में दूसरी जगह का चयन किया गया है। नए भवन का निर्माण ट्रैफिक ब्रांच और ड्यूटी इंस्पेक्टर कार्यालय के पीछे करवाया जाएगा।
बसों की मरम्मत हो रही प्रभावित (hisar electric bus news)
धर्मशाला में जगह की कमी के साथ कर्मचारियों की कमी भी बसों की मरम्मत के काम को प्रभावित कर रही है। स्थिति यह है कि हिसार रोडवेज डिपो में करीब 20 बसें रिपेयरिंग के इंतजार में खड़ी रहती है। समय पर मरम्मत नहीं होने से बसों को सड़क पर उतारने में देरी हो सकती जिसका असर संचालन व्यवस्था पर पड़ता है। डिपो परिसर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की व्यवस्था विकसित करने के साथ सामान्य रोडवेज बसों की मरम्मत और कर्मचारियों के कामकाज की जरूरत को पूरा करना भी जरूरी है।
