हिसार में रोडवेज कर्मचारियों ने भरी हुंकार, 31 अक्टूबर को कर सकते हैं चक्का जाम
HR Breaking News : हरियाणा रोडवेज हिसार डिपो में कर्मचारियों के लंबित रात्रि भत्तों के भुगतान सहित अन्य मांगों पर सांझा संघर्ष समिति का धरना 35वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता कर्मवीर मसूदपुर ने की, जबकि मंच संचालन संदीप जैनावास ने किया। धरने पर उपस्थित कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों से लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
धरने को संबोधित करते हुए समिति के वक्ताओं ने बताया कि 12 अक्टूबर को डिपो महाप्रबंधक व डिपो के अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में सांझा संघर्ष समिति के 15 सूत्रीय मांग पत्र पर बैठक हुई थी। बैठक में कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित रात्रि भत्तों का भुगतान 30 अक्टूबर तक उनके बैंक खातों में करवाने का आश्वासन दिया गया था।
समिति ने दो टूक कहा कि यदि 30 अक्टूबर तक रात्रि भत्तों का भुगतान नहीं किया गया, तो उसी दिन से हिसार डिपो में रात्रि ठहराव बंद कर दिया जाएगा तथा 31 अक्टूबर को हड़ताल की जाएगी। समिति ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को बार-बार आश्वासन देने के बजाय उनकी मांगों को निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाना चाहिए। वक्ताओं ने बताया कि कर्मचारियों की लंबित मांगों और आगामी आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए 30 अक्टूबर को हिसार डिपो में गेट मीटिंग की जाएगी। इस बैठक में स्टेट सांझा मोर्चा को भी आमंत्रित किया गया है, ताकि कर्मचारियों की मांगों को राज्य स्तर पर मजबूती से उठाया जा सके और आगामी आंदोलन को लेकर सामूहिक निर्णय लिया जा सके।
समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि रोडवेज कर्मचारी लंबे समय से अपने जायज हकों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इसके बावजूद लंबित वित्तीय भत्तों का भुगतान नहीं होना कर्मचारियों में रोष पैदा कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सांझा संघर्ष समिति और स्टेट सांझा मोर्चा कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
समिति ने संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि हड़ताल की स्थिति उत्पन्न होने से आम जनता को असुविधा तथा परिवहन विभाग को आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए प्रशासन को समय रहते हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की मांगों का समाधान करना चाहिए। समिति ने संभावित हड़ताल के लिए विभागीय अधिकारियों एवं प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कर्मचारियों के लंबित भत्तों का समय पर भुगतान कर इस स्थिति से बचा जा सकता है।
इस संबंध में परिवहन मंत्री, विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, विभाग के महानिदेशक, जिला उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक तथा रोडवेज महाप्रबंधक से मांग की गई कि कर्मचारियों के लंबित रात्रि भत्तों का भुगतान 30 अक्टूबर तक सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों को उनका हक मिल सके और हड़ताल की नौबत न आए। सांझा संघर्ष समिति ने सभी चालक, परिचालक एवं अन्य कर्मचारी साथियों से आह्वान किया कि वे 30 अक्टूबर को आयोजित गेट मीटिंग में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और अपनी एकजुटता का परिचय दें। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
