CBSE का नया फॉर्मूला, अब छात्र 4 विषयों से पास कर सकेंगे बोर्ड परीक्षा
HR Breaking News (CBSE Exams) सीबीएसई की ओर से 9वी कक्षा के छात्रों के लिए विषय चुनाव के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब सीबीएसई (CBSE Exams) के नए फॉर्मूले के तहत कमजोर विषय आपकी मार्कशीट के अंक नहीं बिगाड़ेगा। अब छात्रों को स्किल विषयों का फायदा मिल सकेगा और छात्र 4 विषयों से बोर्ड परीक्षा को पास कर सकेंगे। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-
स्किल सब्जेक्ट छात्रों के लिए वरदान
CBSE की ओर से सेशन 2026-27 से 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए विषय चयन के नियमों (CBSE subject selection rules) में बड़ा संशोधन किया गया है। अब नई व्यवस्था के अंतर्गत वोकेशनल एजुकेशन में चुना गया स्किल सब्जेक्ट छात्रों के 10वीं के बोर्ड परीक्षा रिजल्ट (10th board exam result) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है। अगर कोई विद्यार्थी सीबीएसई के तय 22 स्किल विषयों में कोई एक ऑप्शन को चुनता है और उसमें पास हो जाता है तो मुख्य विषयों में कम अंक आने पर उसे मदद मिलेगी।
अब नहीं होगी दसवीं की मार्कशीट
गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में से किसी 1 सब्जेक्ट में में 33% से कम अंक आने पर नियम के हिसाब स्किल विषय से उस विषय को रिप्लेस किया जाएगा, जिससे दसवीं की मार्कशीट खराब होने का डर खत्म होगा। 22 स्किल विषयों के बजाय कौशल विकास चुन्ने पर छात्रों को दसवीं में कोई बोर्ड परीक्षा (10th board exam) भी नहीं देनी होगी। इसका मूल्यांकन स्कूल के इंटरनल असेसमेंट से होगा।
सीबीएसई ने किया स्पष्ट
हालांकि, इसमें मुख्य विषय को रिप्लेस करने का फायदा नहीं मिलेगा। छात्र 57 ऑप्शनल सब्जेक्ट में से अतिरिक्त भाषा का चुनाव कर सकते हैं। अनिवार्य पहली या दूसरी भाषा में फेल होने पर अतिरिक्त भाषा के अंक जोड़कर रिजल्ट को तैयार किया जाएगा। सीबीएसई (CBSE Board Exams Rules) ने क्लियर कर दिया है कि 10वीं बोर्ड पास करने के लिए छात्रों को 5 मुख्य विषयों, जिसमे लैंग्वेज 1, लैंग्वेज 2, मैथमेटिक्स, साइंस और सोशल साइंस में 33 प्रतिशत अंक लाने होंगे।
कैसे होंगे अब बोर्ड परीक्षा के नियम
बोर्ड थ्योरी इंटरनल एसेसमेंट दोनों को मिलाकर 33 प्रतिशत मार्क्स होने चाहिए। जैसे कि अगर 80 अंकों की बोर्ड परीक्षा में छात्रों को 24 नंबर और 20 अंकों के इंटरनल असेसमेंट में 9 नंबर मिलते हैं तो कुल 100/33 अंक के साथ छात्र पास होगा। विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के लिए सिर्फ एक अनिवार्य भाषा की बोर्ड परीक्षा (board exam) देना निर्धारित किया है। बाकी चार विषय में अपनी पसंद के हिसाब से संगीत, होम साइंस, पेंटिंग या 22 में से 2 स्किल सब्जेक्ट में चुन सकते हैं।
