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Milk Testing Kit : दूध में की मिलावट तो तुरंत पकड़े जाओगे, गुणवत्ता का 7 मिनट में चलेगा पता 

Milk Testing Kit : खाद्य पदार्थों में मिलावट की खबरें आए दिन सामने आती रहती हैं। दूध में मिलावट की खबर सबसे ज्यादा सुनने को मिलती है। दूध में मिलावट का मौके पर ही पता चल सके इस तकनीक को विकसित करने के लिए राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (National Dairy Research Institute) करनाल ने पेपर आधारित स्ट्रिप तकनीक के व्यावसायिक उपयोग की दिशा में अहम कदम उठाया है। चलिए नीचे खबर में इसके बारे में विस्तार से जानते हैं -

 
Milk Testing Kit : दूध में की मिलावट तो तुरंत पकड़े जाओगे, गुणवत्ता का 7 मिनट में चलेगा पता 

HR Breaking News - अब दूध में मिलावट करना पहले जितना आसान नहीं होगा। दूध में मिलावट करने वालों को तुरंत पकड़ा जा सकेगा। दरअसल हाल ही में राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल ने दूध में मिलावट को पकड़ने के लिए एक नई तकनीक विकसित की है। दूध में मिलावट की जांच के लिए अब हर बार नमूना प्रयोगशाला भेजने और रिपोर्ट का इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी।


ऐसे पता चलेगा दूध में मिलावट है - 

राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान करनाल (National Dairy Research Institute, Karnal) ने दूध में फॉर्मेलिन की मौजूदगी का मौके पर पता लगाने के लिए पेपर आधारित स्ट्रिप तकनीक के व्यावसायिक उपयोग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने अहमदाबाद की एवरेस्ट इंस्ट्रूमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ इसके लिए समझौता ज्ञापन किया है। तकनीक में दूध के नमूने में फॉर्मेलिन होने पर स्ट्रिप (Milk Testing Kit) के रंग में बदलाव के आधार पर प्राथमिक स्तर पर इसकी पहचान की जाएगी।

7 से 8 मिनट में चल जाएगा पता - 


शुक्रवार को NDRI में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में इस तकनीक को सौंप दिया गया। NDRI के शोध के अनुसार जांच में लगभग 7 से 8 मिनट का समय लगता है और तकनीक की पहचान सीमा 0.05% तक बताई गई है स्ट्रिप की न्यूनतम सेल्फ लाइफ 6 महीने की है खास बात यह है कि इसके लिए बड़े उपकरण या जटिल प्रयोगशाला व्यवस्था की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इसी वजह से इसे दूध संग्रह केंद्रों (milk collection centers), डेयरी प्रतिष्ठानों और उपभोक्ताओं के स्तर पर प्राथमिक जांच के लिए उपयोगी माना जा रहा है। 

दूध को लंबे समय तक खराब होने से बचने के लिए होगा इसका इस्तेमाल - 

फॉर्मेलिन (formalin) का उपयोग दूध को लंबे समय तक खराब होने से बचने और उसकी संरक्षण अवधि बढ़ाने के लिए किया जा सकता है, लेकिन खाद्य सुरक्षा के लिहाज से दूध में इसका उपयोग स्वीकार्य नहीं है। ऐसे में इसकी मौके पर पहचान की सुविधा दूध की क्वालिटी जांच व्यवस्था को बेहतर कर सकती है। NDRI की तकनीक में दूध की बूंद या नमूने (how to check adulteration in milk) के साथ पेपर स्ट्रिप की प्रतिक्रिया के आधार पर फॉर्मेलिन की मौजूदगी का संकेत मिलता है। 

शोध में स्ट्रिप पर अन्य सामान्य मिलावट कारकों की मौजूदगी के बावजूद फॉर्मेलिन की पहचान प्रभावित नहीं होगी। इसका अर्थ यह है की जांच सिर्फ प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि प्राथमिक स्तर की स्क्रीनिंग में भी इस्तेमाल की जा सकती है।