हरियाणा में अब पशुओं की भी बनेगी जन्म कुंडली
HR Breaking News (Haryana News) हरियाणा में अब पशुओं की जन्मकुडंली तैयार कर पूरा रिकॉर्ड रखा जाने वाला है। पशुओं (animal horoscope) की पहचान से लेकर नस्ल आदि जानकारी को दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए तेजी से तैयारी चल रही है। इसे पशुओं के स्वास्थय, वंशज, बीमारी से जुड़ी सारी जानकारी मिल सकेगी। आइए खबर में जानते हैं कि पशुओं की जन्मकुंडली कैसे तैयार की जाएगी और क्या डिटेल दर्ज की जाएंगी।
हिसार में बनेगा जिनोमिक लैब
हरियाणा में अब पशुओं की जन्म कुंडली (Animal horoscope in Haryana) तैयार की जाने वाली है। कटड़ा या बछड़ा किस माता-पिता के संतान है और कौन उसके पूर्वज है और किसी अनुवंशिक बीमारी का खतरा तो नहीं है। सरीखे सवालों के जवाब जीन की जांच से मिल जाएंगे। पशुपालन विभाग (pashupalan vibhag) प्रदेश में तकरीबन 20 करोड़ रुपए की लागत से हिसार में अंतरराष्ट्रीय स्तर की जिनोमिक लैब बनाने की तैयारी में है।
जिनोमिक लैब के निर्माण के फायदे
जिनोमिक लैब (Genomic Lab kya hai) के निर्माण से पशुओं में बीमारी मिलते ही यह पता लगाने में मदद मिल सकेगी कि बीमारी आनुवांशिक रूप से आगे तो नहीं बढ़ रही है। पशुपालन विभाग (Animal Husbandry Department) के ज्वाइंट डायरेक्टर का कहना है कि पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान के लिए यूज होने वाले सांड और झोटे के सीमन की भी जांच हो सकेगी। इसके बाद ही तय होगा कि सीमन स्वस्थ और उपयोग के योग्य है या नहीं।
विभाग का लक्ष्य सिर्फ पशुओं की संख्या बढ़ाना ही नहीं है, बल्कि स्वस्थ और ज्यादा दुधारू वाली अगली पीढ़ी तैयार करना है।
अच्छी नस्ल के पशुओं के जर्म प्लाज्म को रखा जाएगा संरक्षित
किसी सांड या झोटे में बीमारी या अनुवांशिक समस्या मिलने पर उसके सीमन के यूज (kaise tyar hoga Animal Birth Record) को रोका जा सकेगा। हरियाणा में अच्छी नस्ल के पशुओं के जर्म प्लाज्म को भी सेफ रखने की तैयारी की जा रही है।
नस्ल सुधार कार्यक्रमों में मिलेगी मदद
बेहतरीन नस्ल और अच्छे आनुवंशिक गुण वाले पशुओं (haryana mein Animals ki janm kundali) की पहचान कर उनके आनुवंशिक संसाधन बैंक में संरक्षित किए जाने वाले हैं, जिससे आगे नस्ल सुधार कार्यक्रमों में मदद मिल सकेगी। मुर्राह भैंस और हरियाणा की देसी गाय जैसी नस्लों के अनुवांशिक संसाधनों को भी संरक्षित करने पर फोकस रहेगा। प्रदेश की मुर्रा का भी विश्वभर में डंका है।
