मैक्सिको व थाईलैंड के ड्रैगन फ्रूट की खेती अब हरियाणा में भी होगी
HR Breaking News (dragon fruit cultivation) हरियाणा सरकार की ओर से अब प्रदेश में ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए सारी तैयारी कर ली गई है। ड्रैगन फ्रूट (dragon fruit ki kheti) एक मल्टी न्यूट्रिएंट फल है और डायबिटीज या पाचन से जुड़ी समस्या में इस फल का सेवन बेहद फायदेमंद है। ड्रैगन फ्रूट शरीर को संक्रमण और बीमारियों से लड़ने की हिम्मत देते हैं। अब प्रदेश में भी बड़े पैमाने पर इस फ्रूट की खेती की जाने वाली है।
किन राज्यों में लगता है यह फल
अब हरियाणा के खेतों में दक्षिण अमेरिका के मैक्सिको मूल का ड्रैगन फ्रूट नजर आने वाला है। ड्रैगन फ्रूट (dragon fruit ki kheti kha hoti hai) भारत के पास के थाईलैंड, वियतनाम, इजराइल और श्रीलंका जैसे देशों में लगता है। करनाल की महाराणा प्रताप बागवानी यूनिवर्सिटी की ओर से हरियाणा में ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट आफ हॉर्टिकल्चर बेंगलुरु से ड्रैगन फ्रूट का जर्म प्लाज्म (Germplasm of dragon fruit) मंगवाकर प्रदेश के वातावरण के हिसाब से इसकी पौध तैयार की गई है।
कम पानी में भी हो सकती है ड्रेगन फ्रूट की खेती
इसकी दो वैरायटी व्हाइट और पिक पल्प लाई गई है, जिनको HAU के कृषि मेले में दर्शाया गया है, जिनमें किसानों की रुचि अधिक रही है। MHU मल्टीकल्चर रिसर्च सेंटर के इंचार्ज का कहना है कि ड्रैगन फ्रूट (dragon fruit ke fayde) एक मल्टी न्यूट्रिएंट फल है, जिसकी खेती कम पानी में भी हो सकती है। राज्य में मुख्य तौर पर पिंक पल्प और व्हाइट पल्प की दो किस्म की खेती हो सकती है।
ड्रैगन फ्रूट की औसत कीमत
ड्रैगन फ्रूट की औसत कीमत (Price of Dragon Fruit)100 से 150 रुपए प्रति फ्रूट होती है। ऑफ सीजन में कीमत ओर बढ़ जाती है। एक एकड़ जमीन में आठ से 12 टन तक उत्पादन मिलता है। एक प्लांट पर 10 से 12 फल लग जाते हैं। ऐसे ही 1 एकड़ में 1500 से 1800 पौधे लग जाते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि पौधे जुलाई से सितंबर तक लगाए जा सकते हैं और यह अक्टूबर से दिसंबर तक फ्रूट देते हैं।
कुछ हिस्सों में शुरू हो चुकी इसकी खेती
यह बागवानी दूसरे बागवानी पौधों (kab hoti hai dragon fruit ki kheti) की तुलना में कम पानी में हो जाती है। हरियाणा के कुछ हिस्सों में इसकी खेती शुरू हो चुकी है। दिल्ली और चंडीगढ़ की मार्केट में फल आसानी से बिक जाते हैं। ड्रैगन फ्रूट मल्टी न्यूट्रिएंट फल है। खासतौर से डायबिटीज या फिर पाचन से जुड़ी समस्या और कम इम्यूनिटी जैसे स्थितियों में यह फल बेहद फायदेमंद है।
ड्रैगन फ्रूट के फायदे
दरअसल, बता दें कि ड्रैगन फ्रूट (Benefits of dragon fruit) का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बेहद कम होता है, जिसमें मौजूद फाइबर खून में शुगर की रफ्तार को बढ़ने से रोकता है। इसमें भारी मात्रा में डाइटरी फाइबर होता है, जो पेट को साफ रखता है। इतना ही नहीं आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को पोषित करता है। इसमें विटामिन सी और एन्टराक्सीडेंट्स होते हैं। यह शरीर को संक्रमण और बीमारियों से लड़ने की हिम्मत देते हैं।
सब्जियों की इन वैरायटी पर चल रहा शोध कार्य
झज्जर के रईया में एमएचयू करनाल का मल्टीकल्चर रिसर्च सेंटर है, जहां टमाटर और शिमला मिर्च की नई वैरायटी पर वर्क चल रहा है। सेंटर के इंचार्ज का कहना है कि टमाटर और शिमला मिर्च के अलग-अलग पौधों को क्रॉस कर नए पौधे भी तैयार किए जा रहे हैं, जिनमे पता चलता है कि कौन सी वेराइटी ज्यादा रोग रोधी और ज्यादा उत्पादन देने वाली है।
केंद्र में सब्जियों की ग्राफ्टिंग (Grafting of vegetables) यानी एक पौधे पर दो सब्जियों के फल लेने पर भी कार्य किया जा रहा है, जिसमें टमाटर, बैंगन, मिर्च, शिमला मिर्च जैसी कई फल वाली सब्जियों के साथ ही बेल वाली सब्जियां, जिसमें खीरा, तरबूज, खरबूजा आदि पर भी शोध कार्य हो रहा है। साथ ही एचपीयू करनाल में मसाला वाली फसलों जैसी मेथी, जीरा, सौंफ, अजवायन पर कार्य चल रहा है।
