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DAP लेने पहुंचे किसान खाली हाथ लौटे, सर्वर ने दिनभर करवाया इंतजार 

DAP - खरीफ का सीजन खत्म होने वाला है और रबी सीजन की फसलों की बिजाई जल्दी शुरू हो जाएगी। ऐसे में किसान डीएपी खाद लेने के लिए बाजार पहुंच रहे हैं। हिसार की अनाज मंडी में डीएपी के 1000 बैग पहुंचे हैं, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण किसानों को DAP नहीं मिल पाई। उन्हें दिन भर खाद के लिए इंतजार करना पड़ा।

 
DAP लेने पहुंचे किसान खाली हाथ लौटे, सर्वर ने दिनभर करवाया इंतजार 

HR Breaking News - हिसार की अनाज मंडी में दि सहकारी विपणन समिति में शुक्रवार को 1000 डीएपी खाद के बैग पहुंचे, लेकिन इसके बाद भी सोमवार को किसानों को DAP खाद का वितरण नहीं हो सका। पोर्टल का सर्वर डाउन होने की वजह से किसानों को DAP नहीं मिली। जिसके चलते किसानों ने मंडी में प्रदर्शन किया।


सर्वर नहीं चलने की बात कहकर खाद देने से इनकार - 

किसानों का कहना है कि समिति अधिकारियों ने डीएपी बांटने के लिए उन्हें सोमवार को आईडी लेकर बुलाया था, लेकिन दिनभर इंतजार करने के बाद भी डीएपी खाद (dap khad) नहीं मिली है। किसान पिछले कई दिनों से डीएपी के लिए समिति के चक्कर लगा रहे हैं।

अनाज मंडी (hisar anaaj mandi) में स्थित दुकान नंबर -187 पर डीएपी और यूरिया नहीं मिलने से किसानों ने मंडी सचिव को ज्ञापन सौंपा और खाद के वितरण की मांग की है। किसान महावीर, वेद प्रकाश, रमेश ने बताया कि शुक्रवार को समिति अधिकारियों ने DAP आने और सोमवार को बांटने की जानकारी दी थी। इसके बाद आईडी लेकर केंद्र पहुंचे, लेकिन सर्वर नहीं चलने की बात कह कर खाद देने से इनकार कर दिया। 


डीएपी लेने पहुंचे किसानों की बनाई गई सूची - 


किसानों की नाराजगी के बाद समिति अधिकारियों ने DAP लेने पहुंचे किसानों के नाम -पता, मोबाइल नंबर और आईडी की जानकारी वाली सूची तैयार करवाई। अधिकारियों ने कहा कि सर्वर शुरू होते ही सूची में शामिल किसानों को बुलाकर सबसे पहले डीएपी खाद दी जाएगी। किसानों ने सूची बनाकर समिति के अधिकारियों को सौंप दी।


हिसार के किसानों का कहना  - 


हिसार (Hisar News) आर्य नगर के रहने वाले फतेह सिंह का कहना है कि डीएपी (DAP) देने के लिए किसानों को सोमवार के दिन बुलाया गया था। वे किराया- भाड़ा लगाकर मंडी में पहुंचे।  लेकिन डीएपी नहीं मिलने के कारण सरसों की बिजाई (sarso ki kheti) लेट हो रही है, जबकि कुछ किसानों को बिना डीएपी के ही सरसों की बिजाई करनी पड़ रही है। डीएपी के लिए किसान बाजार में धक्के-खा रहे हैं। 


आर्य नगर (Hisar Arya Nagar) के रहने वाले रामस्वरूप का कहना है कि किसानों को पहले ही प्रकृति अपने काफी नुकसान पहुंचा है। सरकार अब खरीद से लेकर डीएपी देने तक में विफल रही है। मंडी में सैकड़ो किसानों को डीएपी के लिए बुलाया गया था, लेकिन सरवर नहीं चलने की बात कह कर उन्हें खाली हाथ लौटा दिया गया।