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किसान कुलदीप ने विदेश में छोड़ी नौकरी, ड्रैगन फ्रूट की खेती से कमा रहे 35 लाख सालाना 

dragon fruit cultivation : जहां एक ओर किसान खेती बाड़ी छोड़ विदेशों की ओर जा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर किसान कुलदीप ने खेती के लिए विदेश में नौकरी छोड़ी है। किसान कुलदीप ने नौकरी छोड़ ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की है और आज वो इस खेती से सालाना 35 लाख की कमाई कर रहे हैं। खबर में जानिए किसान कुलदीप ने कैसे ड्रैगन फ्रूट (dragon fruit cultivation) की खेती की शुरुआत की। 
 
किसान कुलदीप ने विदेश में छोड़ी नौकरी, ड्रैगन फ्रूट की खेती से कमा रहे 35 लाख सालाना

HR Breaking News (dragon fruit cultivation) ड्रैगन फ्रूट की खेती कई मायनों में किसानों के लिए फायदेमंद है। किसान कुलदीप ने इस बात को साबित कर दिया है। जहां आज कई युवा जमीन बेचकर विदेश में जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर घरौंडा के कुलदीप ने विदेश की नौकरी छोड़ अपने गांव में ही आधा एकड़ से ड्रैगन फ्रूट की खेती (dragon fruit ki kheti) शुरू की है, जिससे आज वो 35 लाख सालाना कमाई कर रहे हैं।

117 प्रकार की वैरायटी उगा रहे किसान 


किसान कुलदीप (kisan kuldeep) ने 3 एकड़ में ही ड्रैगन फ्रूट से तकरीबन 35 लाख रुपए सालाना की कमाई की है। वह 117 प्रकार की वैरायटी को उगा रहे हैं, जिनमें से कुछ किस्में वियतनाम से लाएं हैं तो कुछ यही उगाई है। बीटेक कुलदीप का कहना है कि पिता रणबीर सिंह ढाई एकड़ जमीन में परंपरागत खेती करते थे और साल 2008 में मैने इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग बीटेक करने के बाद नौकरी की है।

 

किसान कुलदीप ने बताई यह बात 


उन्होंने बताया कि मार्च 2024 तक अलग-अलग कंपनियों में भारत और दूसरे देशों में नौकरी की है। ऐसे में ख्याल आया कि किसी दिन प्राइवेट नौकरी छोड़नी पड़ी तो ऐसे रोजगार कैसे मिलेगा। 2018 में कंपनी ने मुझे साउथ अफ्रीका भेज दिया। 2018 में अवाकाडो फल के 5-6 पौधे लगाए, लेकिन अनुकूल जलवायु न होने की वजह से विकसित नहीं हो सके।


 अगले साल आधा एकड़ में मैंने तीन प्रकार के ड्रैगन फ्रूट के पौधे (dragon fruit plants) लगाए, बेसिक जानकारी हासिल की और दोबारा साउथ अफ्रीका चला गया और मां सुशीला, पिता रणबीर और भाई प्रदीप ने खेती संभाली।

 

ड्रैगन फ्रूट की खेती की ट्रेनिंग 


हालांकि शुरू में हमें ड्रैगन फ्रूट की खेती (kisan kuldeep ne kaise ki dragon fruit ki kheti) में काफी परेशानी आई, क्योंकि साउथ अफ्रीका में जो पेस्टिसाइड मिलते हैं। वह यहां नहीं मिलते। शुरुआती परेशानियों के बाद 2022 में ड्रैगन फ्रूट की पहली फसल मिली, जिसमें खर्च निकाल कर 40,000 रुपये बच गए। अगली बार छुट्‌टी आया तो मार्च 2023 में 11 लोग वियतनाम के सोफरी संस्थन में ड्रैगन फ्रूट की खेती की ट्रेनिंग (Dragon fruit cultivation training) ली।

सफल उत्पादन में हुई इतनी बढ़ौतरी 


ट्रेनिंग के बाद सफल उत्पादन (kaise kre Dragon fruit Ki Kheti) में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई। 6 महीने के बाद विदेश से दोबारा लौटा, तो अक्टूबर में फिर ट्रेनिंग लेने वियतनाम पहुंचा,लेकिन इस बार में किसान के पास गया। 


वहां तीन लोग 14 दिन तक रुके और बहुत सी ऐसी चीजों को सिखा, जो रिसर्च संस्थान से सीखने को नहीं मिली थी। वहां से ट्रेनिंग लेते ही उत्पादन बढ़ गया और तीसरी बार फिर मार्च 2024 में वियतनाम जाकर ड्रैगन फ्रूट की बेस्ट वैरायटी (Best Variety of Dragon Fruit) को जमा किया।