अक्टूबर में साढ़े 3 गुना अधिक हुई बारिश, नई फसलों की बिजाई में देरी
HR Breaking News (rain in October) मानूसनी सीजन जाने के बाद भी इस बार अक्टूबर में बेहद अधिक बारिश दर्ज की गई है। आईएमडी (IMD Rain Alert) के पूर्वानुमान अनुसार देशभर में इस बार अक्टूबर में साढ़े 3 गुना अधिक बारिश हुई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही नई फसलों की बिजाई में देरी हो रही है, जिससे किसान परेशान है। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से-
किसानों की खरीफ की फसलों पर नुकसान
हरियाणा में तूफान अर्नब (Hurricane Arnab in Haryana) के प्रभाव से बीते 24 घंटे में 8.3 मिली मीटर बारिश हुई है, जिससे मंडियों में पड़ा धान भीग गया है और खेतों में खड़ी बासमती फसल को नुकसान पहुंच रहा है। करनाल के साथ ही कई मंडियों में बोरियों में भीगा धान अंकुरित (wet rice sprouts) हुआ है। कृषि जानकारों के अनुसार बारिश से लाभ यह है कि भूजल रिचार्ज में फायदा मिलेगा। वहीं, किसानों की खरीफ की फसलों को बड़े स्तर पर नुकसान हुआ है।
बीते 26 साल में तीसरी बार हुई इतनी बारिश
कुछ किसानों ने गेहूं और सरसों की बिजाई भी कर दी थी। बारिश (October me barish) की वजह से इन फसलों का जमाव कम होगा, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है। 1 से 30 अक्टूबर तक प्रदेश में 33.6 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो कि सामान्य से 9.4 मिलीमीटर से साढे तीन गुना अधिक है। अक्टूबर में बीते 26 साल में तीसरी बार इतनी अधिक बारिश हुई है।
किन वर्षों अक्टूबर में नहीं हुई बारिश
इससे पहले साल 2004 में 58.4 मिमी, साल 2022 में 35.9 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। मौसम विभाग का कहना है की दिवाली तक सुबह शाम ठंडक बढ़ने वाली है। अक्टूबर (kis saal october me nhi hui barish) में साल 2000, 2001 में 18.5 एमएम बारिश होती रही है। प्रदेश में 7 बार ऐसी स्थिति हुई है, जब अक्टूबर में बारिश नहीं हुई। इन सालों में 2000, 2003, 2005, 2007, 2011, 2017,2020 में बारिश नहीं हुई है।
पूर्वोत्तर में बढ़ा बाढ़ का खतरा
अर्नब तूफान (arnab storm) की वजह से अब पूर्वोत्तर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम में बदलाव से भारी बारिश और तेज हवाओं के हालात बन रहे हैं, जिसे भूटान के गसा जिले में वकीला पर्वत के नीचे मौजूद शिंताफू ग्लेशियल लेक (Shintafu Glacial Lake) अचानक फट गई है। इस ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (Glacial Lake Outburst Flood) ने लगभग 74 लाख घन मीटर पानी झटके में छोड़ दिया है।
बाढ़ का पानी उफान मारता हुआ नीचे की तरफ बढ़ा और गासा त्शाछू हॉट स्प्रिंग्स को निगल गया। पूनाखा-गास हाईवे का हिस्सा बह गया है। 2021 की बाढ़ में तबाह इस हाइवे को 2023 में ही शुरू कर दिया गया था।
