october 2026 me barish : अक्टूबर में 15 प्रतिशत कम होगी बारिश, सामान्य से ज्यादा रहेगा तापमान
HR Breaking News : (october 2026 me barish) देश के ज्यादातर इलाकों में मानसून (monsoon 2026) ने वापसी ले ली है लेकिन अभी भी कई जगहों पर तेज बरसात के आसार दिखाई दे रहे हैं। अक्टूबर महीने में भी मौसम (Weather in October) का अनोखा रूप देखने को मिल सकता है। भारत में दक्षिण पश्चिम मानसून का मौसम बुधवार को खत्म हो गया है और आंकड़े देखकर पता चला है कि अबकी बार देश में सामान्य से 12.6% कम बरसात दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) की तरफ से जारी किए गए नए अपडेट के अनुसार जून से लेकर सितंबर महीने के बीच देश में टोटल 759.4 मिली मीटर बरसात हुई है। पुराने आंकड़ों के साथ मिलान किया जाए तो साल 20001 के बाद यह चौथी सबसे कम मानसूनी बरसात है। अबकी बार मानसून सीजन के दौरान अलग-अलग इलाकों में बरसात के हालात अलग-अलग दिखाई देखने को मिले हैं। मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश और पंजाब में जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर चारों महीना में लगातार सामान्य से कम बरसात दर्ज की गई है। चलिए जान लेते हैं अक्टूबर में होने वाली बरसात (IMD Rain Updates) को लेकर जारी हुए इस नए अपडेट के बारे में विस्तार से।
मानसून की शुरुआत पहले के मुताबिक कमजोर (monsoon updates)
मौसम विभाग के अधिकारियों (IMD Latest Updates) की तरफ से साप्ताहिक आंकड़े दर्ज करते हुए बताया गया है कि अबकी बार मानसून की शुरुआत पहले के मुताबिक कमजोर रही है। जून और जुलाई की शुरुआती दिनों में बरसात सामान्य से काफी कम रही और 15 जुलाई को सप्ताह खत्म होने के बाद बरसात की कमी बढ़कर 51.1 फीसदी तक पहुंच गई थी। जून की आखिरी दिनों में और अगस्त की शुरुआत में बरसात (weather updates) में कुछ सुधार देखने को मिला लेकिन यह सुधार लंबे समय तक नहीं चला।
15 अगस्त के करीब बरसात एक बार फिर से सामान्य हो गई और 9 सितंबर को सप्ताह खत्म होने पर बरसात की कमी 36.3% तक पहुंच गई थी। मानसून की आखिरी दिनों (monsoon news) में बरसात सही देखने को मिली लेकिन शुरुआती महीनों में हुई कमी की भरपाई नहीं हो सकी।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बरसात
क्षेत्र के हिसाब से जारी हुए आंकड़ों को देखा जाए तो पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से 25% बरसात कम हुई है। दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में बरसात 24 परसेंट कम रही है, जबकि उत्तर पश्चिम भारत में 6% की कमी दर्ज की गई है। मध्य भारत में स्थित लगभग सामान्य रही और यहां बरसात (weather news) में 2% की कमी रही।
राज्य के हिसाब से देखा जाए तो अरुणाचल प्रदेश में अबकी बार बरसात 44% कम रही है। मेघालय और असम में 39%, पंजाब में 41%, केरल में 28%, बिहार में 32% और मराठवाड़ा में 39% की कमी दर्ज की गई। देश के 42% जमीन इलाके को कवर करने वाले 17 मौसम संबंधी उपखंडों में मानसून (rain in monsoon) के दौरान सामान्य से कम बरसात हुई। वही 53% इलाके को कवर करने वाले 18 उपखंडों में 22 सामान्य रही है।
अक्टूबर में बरसात को लेकर नया अपडेट जारी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि सितंबर में उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में बरसात सामान्य से अधिक रही है लेकिन दक्षिणी प्रायद्वीपीय, पूर्वी और पूर्वोत्तर इलाकों में बरसात सामान्य से कम रही है। मौसम विभाग (Muasam vibhag) द्वारा अंदाजा लगाया गया है कि अक्टूबर महीने में बरसात का यह पैटर्न जारी रह सकता है और पूरे देश में अक्टूबर की बारिश दीर्घकालिक औसत की 85% से कम रहने की संभावना है। भारत देश के ज्यादातर इलाकों में सामान्य से कम बरसात (mausam news) होने का अनुमान है। हालांकि, उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के ज्यादातर इलाकों में सामान्य से अधिक बरसात होसकती है। अक्टूबर से दिसंबर के दौरान विदेश के ज्यादातर इलाकों में सामान्य से कम बरसात होने का अनुमान जताया गया है और इस अवधि में उत्तर पश्चिम भारत तथा दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के ज्यादातर इलाकों में बरसात सामान्य से अधिक रह सकती है।
नवंबर में अल नीनो पहुंचेगा चरम पर
मौसम में बदलाव आने की स्थिति उस समय बनी है जब अल नीनो की स्थितियां मजबूत हो रही है। मौसम विभाग के महानिदेशक एम महापात्र द्वारा कहा गया है कि अल नीनो के नवंबर में चरम पर पहुंचने और उसके बाद कमजोर होने की संभावना है। सितंबर महीने में तापमान ने भी अलग-अलग रिकॉर्ड (october mausam news) बनाए हैं और देश का औसत अधिकतम तापमान 32.5 डिग्री सेल्सियस रहा है जो की 1901 के बाद सितंबर महीने का सबसे अधिक औसत अधिकतम तापमान है। न्यूनतम तापमान की बात की जाए तो औसत न्यूनतम तापमान 23.39 डिग्री सेल्सियस राज्यों की अब तक का चौथा सबसे अधिक सितंबर औसत न्यूनतम तापमान है। वही 27.72 डिग्री सेल्सियस का औसतन तापमान 1901 के बाद सितंबर का पांचवा सबसे अधिक औसत रहा है।
अक्टूबर में भी गर्मी दिखाएगी तेवर
IMD के एम महापात्र के अनुसार अक्टूबर महीने में भारत के 60% इलाकों में अधिकतर तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों और मध्य तथा उत्तर पश्चिम भारत के अलग-अलग इलाकों में तापमान सामान्य रह सकता है। भारत के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सा में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम या सामान्य रह सकता है।
फसलों को सकता है नुकसान
अक्टूबर महीने के आखिर में ज्यादातर इलाकों में रबी फसलों की बुवाई (rabi fasalon ki buvai) शुरू हो जाती है और ऐसे में कम बरसात और अधिक तापमान की वजह से फसलों को काफी ज्यादा नुकसान हो सकता है लेकिन सभी इलाकों में तापमान एक जैसा नहीं होगा। जिस तरह मानसून की कमी अलग-अलग इलाकों में विभिन्न रही है इस तरह मध्य, दक्षिणी प्रायद्वीपीय, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ वर्षा आधारित इलाकों में मिट्टी की नमी की कमी का दबाव अधिक हो सकता है।
