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हरी मटर और गोभी की बिजाई का सही समय, वैज्ञानिक ने बताया सही तरीका

Agriculture News : अक्टूबर का महीना रबी सीजन की सब्जियों की खेती के लिए सबसे सही समय है। यह हरी मटर और गोभी की बिजाई का सही समय है। किसानों को सब्जियों की खेती के लिए वैज्ञानिक ने सही तरीका (Cultivation of vegetables) बताया है। सही समय पर बिजाई करने से पौधे में बीमारियों की संभावना कम हो जाती है। खबर में जानिए वैज्ञानिक ने बिजाई के लिए क्या तरीका बताया है।
 
हरी मटर और गोभी की बिजाई का सही समय, वैज्ञानिक ने बताया सही तरीका

HR Breaking News (Agriculture News) अक्टूबर के महीने में गर्मी और हल्की गुलाबी ठंड हरी मटर और गोभी की बिजाई के लिए एकदम उपयुक्त है। अगर सही तरीके से बिजाई की जाएं, तो इससे अच्छा खासा उत्पादन मिल सकता है। इस महीने हरी मटर और गोभी की बिजाई (Sowing cabbage) के लिए वैज्ञानिक ने किसानों को सही तरीके के बारे में जानकारी दी है। खबर में जानिए इस बारे में विस्तार से- 

मटर की अगेती बिजाई के लिए सही समय 


मानसून की विदाई के बाद दिन की हल्की धूप और रात की बढ़ती ठंड गोभी वर्गीय सब्जी और मटर की अगेती बिजाई (early sowing of peas) के लिए एकदम सही है। डॉक्टर सुरेश कुमार अरोड़ा पूर्व अध्यक्ष सब्जी विज्ञान विभाग CCS एचएयू, हिसार के अनुसार अगर किसान वैज्ञानिक विधि, सही बीज (kaise kre kheti) उपचार और संतुलित खाद प्रबंधन को अपनाएं तो ऐसे में अगेती पैदावार से बाजार में पहले फसल उपलब्ध कराकर ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं।

 

खेत की अंतिम जुताई के समय क्या करें 


बता दें कि इसके लिए सबसे पहले खेत की अंतिम जुताई के समय प्रति एकड़ 8 से 10 टन अच्छी तरह गोबर की खाद डालें। रबी सब्जियों (kaise kre sabjiyo ki kheti) की शुरुआती बढ़वार के लिए संतुलित मात्रा में डीएपी, पोटाश और जिंक सल्फेट का यूज करें। अक्टूबर में मध्यकालीन और पछेती फूलगोभी, पत्तागोभी और ब्रोकली की नर्सरी तैयार करने या 25 से 30 दिन पुरानी तैयार पौधे की खेत में रोपाई करनी चाहिए।


रोपाई के बाद करें हल्की सिंचाई 


फुलगोभी में पूसा शरद, पूसा स्नोबॉल, स्नॉबॉल 16 व सिंजेंटा, पत्तागोभी में प्राइड ऑफ इंडिया (Pride of India in Cabbage) , गोल्डन एकर, ब्रोकली में केटीएस-1 व रॉयल वंडर उत्तम है। नर्सरी भूमि से 15 सेंटीमीटर ऊंची क्यारियों पर ही तैयार करनी चाहिए, जिससे ज्यादा पानी निकल जाता है और पौध को गलन रोग नहीं लगता। खेत में दोपहर के बाद रोपाई करें और कतारों की दूरी 45 से 60 सेमी और पौधे से पौधे की दूरी 45 सेमी रखनी चाहिए। रोपाई के बाद हल्की सिंचाई जरूर करनी चाहिए।


अगेती हरी मटर की मांग 


सब्जी वाली अगेती हरी मटर की मांग (Demand for early green peas) शुरुआत में मंडियों में अधिक रहती है, जिससे किसानों को उचित थोक भाव मिल जाते हैं। काशी नंदिनी, काशी मुक्ति, पूसा प्रगति और अर्केल और जीएस 10, आजाद मटर नंबर तीन, ph-1 और 20-20 उपयुक्त है। मटर की बिजाई (kaise kre matar ki bijai) पर्याप्त नमी वाले खेत में ही करनी चाहिए। कतारों की दूरी 30 सेंटीमीटर और बीज की दूरी 7 से 8 सेंटीमीटर और गहराई 3 से 4 सेंटीमीटर रखें। प्रति एकड़ 35 से 40 किलोमीटर ग्राम बीज सही रहता है।

राइजोबियम से उपचारित करें मटर के बीज 


फसल को फफूंदजनित रोगों और जड़ गलन से बचाव के लिए प्रति किलो बीज को 2.5 ग्राम थीरम और कार्बन्डाजिम से उपचारित करें। मटर के बीजों को राइजोबियम से उपचारित करें, जिससे जड़ों में वायुमंडल नाइट्रोजन (atmospheric nitrogen) सोखने वाली ग्रंथियां का विकास होगा। 


खरपतवार नियंत्रण के लिए स्टोम्प 30 प्रतिशत का 1.30 लीटर 1.70 लीटर की मात्रा को ढाई सौ लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ भूमि पर बिजाई (kheti ka shi tarika) के 48 घंटे के अंदर छिड़काव नमी की दिशा में करना उचित है। समय पर कीटों पर निगरानी रखें और जैविक कीटनाशकों का विशेषज्ञों की सलाह के हिसाब से छिड़काव समय-समय पर करते रहे।