Wheat Price : गेहूं की कीमतों में बड़ी गिरावट, पंजाब, बिहार और राजस्थान यहां पहुंचा रेट
Gehu Mandi Bhav : गेहूं की कीमतों में पिछले काफी दिनों से जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा था। लेकिन अब गेहूं में गिरावट दर्ज की जा रही है। अक्टूबर से दिसंबर 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो थोक बाजारों में लगातार गेहूं के रेट (Wheat rate) कम हुए हैं। गेहूं के सबसे ज्यादा उत्पादक राज्यों में भी सालाना और मासिक दोनों आधार पर गेहूं में नरमी दर्ज की गई है। क्या यह गिरावट का दौर और आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। चलिए नीचे खबर में जानते हैं।
HR Breaking News - (Mandi Bhav)। किसानों को उनकी फसलों का सही दाम मिले इसके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारण किया गया है। इसमें समय-समय पर बदलाव किया जाता है। पिछले कई सालों से किसानों को सभी फसलों के अच्छे खासे रेट मिल रहे हैं। सरकारी भाव से ज्यादा बिकने वाली गेहूं में अब गिरावट (Gehu Rate Down) देखने को मिल रही है। हाई लेवल पर पहुंचने के बाद एक बार फिर से गेहूं का रेट MSP के करीब आ गया है। गेहूं की कीमतों में लगातार हो रही गिरावट के पीछे सबसे अहम वजह देश में एक बार फिर गेहूं के बंपर उत्पादन का अनुमान है।
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के रबी सीजन में हुई बुवाई के आंकड़े यह बता रहे हैं कि आने वाले दिनों में गेहूं में और भी गिरावट देखने को मिल सकती है। अनुमान है कि बाजार में नई फसल आने पर गेहूं के भाव MSP के बिल्कुल करीब आ जाएंगे।
सरकार ने बढ़ाया MSP -
वर्तमान में बाजार में बिकने वाले गेहूं का सरकार ने MSP 2425 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है, हाल ही में केंद्र सरकार ने साल 2026-27 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (Wheat MSP Hike) में 160 रुपए का इजाफा किया है, जिसके बाद गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल हो गया है। अब अप्रैल 2026 में मंडियों में बिकने वाली नई गेहूं पर यह MSP लागू होगा।
गेहूं की कीमतों में गिरावट -
देश के थोक बाजारों में पिछले काफी दिनों से गेहूं की कीमतों (Wheat Rate Down) में गिरावट देखने को मिल रही है। अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 के आंकड़े सा बता रहे हैं कि गेहूं के दाम अब ऊंचे स्तर से सीधे डाउन आए हैं। अक्टूबर 2025 में गेहूं का ऑल इंडिया और स्टॉक भाव 2,684 रुपए प्रति क्विंटल रिकॉर्ड किया गया था। इसके बाद नवंबर 2025 में गेहूं बढ़कर 2723 में प्रति क्विंटल पर जा पहुंची। लेकिन यह तेजी कई दिनों तक बरकरार नहीं रही। दिसंबर 2025 आते-आते गेहूं की कीमत कम होकर 2676 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गई। इसका मतलब यह है कि एक महीने में लगभग 47 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई है।
इन राज्यों में गिरे गेहूं के रेट -
उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, मध्य प्रदेश और राजस्थान (Rajsathan Wheat Rate) जैसे बड़े गेहूं उत्पादक राज्यों में दिसंबर 2025 में कीमत नवंबर के मुकाबले नीचे आई है। उत्तर प्रदेश में मासिक आधार पर देखा जाए तो लगभग 2.6% तक गेहूं में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि पंजाब में 3.6% रही है। बिहार और गुजरात जैसे राज्यों में भी थोक बाजार में गेहूं की कीमत (Gehu Price) 2 से 4% तक डाउन आई है।
2025 में 10 से 15% सस्ती हुई गेहूं -
सालाना आधार पर देखें तो दिसंबर 2025 में ज्यादातर राज्यों में गेहूं की कीमत (Gehu ki Kimat) दिसंबर 2025 के मुकाबले काफी कम रही है। मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में वार्षिक आधार पर 10 से 15% तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इससे यह साफ होता है कि पिछले 1 साल में बाजार से ऊंचे दामों का दबाव काफी हद तक काम हुआ है।
IMD ने जारी किया बड़ा अपडेट -
हाल ही में मौसम विभाग (Mausam Update) की ओर से आए ताजा अपडेट ने किसने की मुश्किलें बढ़ा दी है। दरअसल, IMD ने जनवरी के अंत में तापमान बढ़ने का पूर्वानुमान जारी किया है, जिससे गेहूं उत्पादन और उपज की क्वालिटी में कमी आ सकती है। पिछले साल भी फरवरी में खूब गर्मी पड़ी थी, लेकिन गेहूं पर इसका कोई बड़ा असर नहीं देखने को मिला था। कृषि वैज्ञानिक 75% रकबे में तापमान को सहने वाले उन्नत किस्म का हवाला देते हुए इस बार भी अच्छे उत्पादन की बात कह रहे हैं। अगर इस बार गेहूं का उत्पादन अच्छा होता है तो रेट में और भी गिरावट आ सकती है।
