गेहूं की कीमतों ने बनाया नया रिकॉर्ड, 1 महीने में 250 रुपये तक बढ़ी कीमत
HR Breaking News (gehu mandi bhav) : दिल्ली के बाजार में गेहूं के भाव लगातार ऊपर जा रहे हैं। कीमत बढ़कर 3100 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई है, जो चालू सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। सरकार की ओर से खुले बाजार में गेहूं बेचने के लिए दूसरी निविदा जारी करने के बाद भी कीमतों में गिरावट नहीं आई है। इससे बाजार में गेहूं की मजबूत मांग और निजी कारोबारियों के पास सीमित स्टॉक की स्थिति का पता चलता है।
दूसरी निविदा जारी होने के बाद हुई बढ़ोतरी
ओएमएसएस (OMSS) के तहत दूसरी बिक्री निविदा घोषित होने के समय गेहूं का भाव 2970 रुपये प्रति क्विंटल था। इसके बाद कीमत में 130 रुपये यानी करीब 4.4 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। आइग्रेन इंडिया के निदेशक राहुल चौहान का कहना है कि सरकारी बिक्री की घोषणा के बावजूद बाजार में तेजी बने रहने का प्रमुख कारण मांग और उपलब्ध आपूर्ति के बीच अंतर है।
सरकारी खरीद बढ़ने से निजी बाजार में घटा स्टॉक
गेहूं की कीमतों (gehun bhav) में तेजी के पीछे निजी व्यापारियों और स्टॉकिस्टों के पास उपलब्ध स्टॉक में कमी को भी अहम वजह माना जा रहा है। पिछले सीजन में सरकारी खरीद अधिक रहने से गेहूं का बड़ा हिस्सा सरकारी भंडार में चला गया। वहीं, खुले बाजार में सरकारी स्टॉक की बिक्री में देरी के कारण निजी क्षेत्र में उपलब्ध गेहूं की मात्रा पर दबाव बढ़ा है। दूसरी ओर, सरकार के केंद्रीय भंडार में गेहूं की स्थिति मजबूत बनी हुई है। अक्तूबर के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय पूल में करीब 460 लाख टन गेहूं मौजूद है, जबकि अक्तूबर 2024 में यह मात्रा लगभग 333 लाख टन थी।
त्योहारों तक मांग मजबूत रहने की संभावना
विशेषज्ञों के (gehun bhav mandi) अनुसार, दशहरा से दिवाली तक घरेलू बाजार में गेहूं की मांग अच्छी रहने की उम्मीद है। नवंबर और दिसंबर में बाजार को सरकारी बिक्री योजना से मिलने वाली आपूर्ति पर अधिक निर्भर रहना पड़ सकता है। ऐसे में सरकार की ओर से खुले बाजार में गेहूं की बिक्री बढ़ाना कीमतों को नियंत्रित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति भी घरेलू भाव को प्रभावित कर रही है। काला सागर क्षेत्र में आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण वैश्विक बाजार में गेहूं की उपलब्धता प्रभावित हुई है। भारत से बांग्लादेश की ओर से निर्यात मांग भी सामने आ रही है। हालांकि, घरेलू गेहूं के ऊंचे दामों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी प्रतिस्पर्धा सीमित हो गई है। इस बार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में करीब 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी भी हुई है।
आगामी सीजन में गेहूं की बुआई बढ़ने की संभावना
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार ओएमएसएस (gehun msp) के तहत पर्याप्त मात्रा में गेहूं उपलब्ध नहीं कराती है, तो आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी आ सकती है। मौजूदा भाव किसानों के लिए बेहतर कमाई की उम्मीद बढ़ा रहे हैं। इससे आगामी रबी सीजन में गेहूं की बुआई (gehun ke bahv) बढ़ने की संभावना है।
