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Loan पर खरीदी गाड़ी की किस्तें पूरी होने के बाद जरूर करें ये काम, नहीं तो होगी परेशानी

Car Loan : आज के समय गाड़ी की जरूरत बढ़ती चली जा रही है। ऐसे में अगर ज्यादातर लोग बजट कम होने की वजह से गाड़ी की खरीदी (Car Buying Tips) लोन लेकर कर लेते हैं। ऐसे में लोन की किस्त पूरी न होने के बाद भी अगर आप ये जरूरी काम नहीं करते हैं तो आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। खबर के माध्यम से जानिये इस बारे में।

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Loan पर खरीदी गाड़ी की किस्तें पूरी होने के बाद जरूर करें ये काम, नहीं तो होगी परेशानी

HR Breaking News (Car Loan) लगातार बढ़ रही महंगाई का प्रभाव गाड़ियों की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में लोग गाड़ी की खरीदी करने के लिए लोन का सहारा लेते हैं। अगर आपने भी लोन पर गाड़ी (What to do after car loan closure) ली है तो ये खबर आपके काफी काम की हो सकती है क्योंकि अगर आप कार लोन की ईएमआई पूरी होने के बाद भी इसकी किस्त को नहीं भरते हैं तो फिर आपको परेशानी होगी।

 

 

ईएमआई का भुगतान करने के बाद दें इन बातों का ध्यान

अगर आपने कार या बाइक को बैंक से लोन लेकर लिया है, तो इस स्थिति में आखिरी ईएमआई (EMI Calculation) का भुगतान करने का ये मतलब नहीं होता है कि अब आप इस गाड़ी के पूर्ण रूप से मालिक बन गए है। अक्सर लोन लोन के खत्म होने के बाद निश्चिंत हो जाते हैं, लेकिन कानूनी रूप से गाडछ़ी को अपने नाम कराने की प्रक्रिया इसके बाद ही शुरू होती है। बता दें कि अगर आप अपने ‘हाइपोथेकेशन’ (How to remove hypothecation from RC) को नहीं हटवाते हैं तो फिर दुर्घटना होने की स्थिति में इंश्योरेंस का पैसा पाने के लिए आपको दर-दर भटकना पड़ सकता है।

बैंक से करें ‘NOC’ प्राप्त

जैसे ही आपकी आखिरी किस्त का भुगतान हो जाता है तो फिर आपको सबसे पहले अपने बैंक को संपर्क करना होगा और फिर No Objection Certificate (NOC of Car Loan) की मांग करनी होगी। बता दें कि ये दस्तावेज इस बात का प्रमाण है कि आपने बैंक का पूरा पैसा भर दिया है अब बैंक का आपकी गाड़ी पर किसी तरह का कोई हक नहीं होगा। इस बात का ध्यान दें कि एनओसी की वैधता सीमित समय (आमतौर पर 90 दिन) के लिए होती है, इस वजह से इसके प्राप्त होते ही आगे की प्रक्रिया (Car Loan Process) को शुरू कर दें।

आरसी (RC) से हटवाएं ‘हाइपोथेकेशन’

लोन पर ली गई गाड़ी की आरसी (Registration Certificate) पर बैंक का नाम दर्ज कराना होता है, जिसको ‘हाइपोथेकेशन’ के नाम से जाना जाता है। इसका ये मतलब होता है कि जब तक लोन है तब तक गाड़ी का मालिकाना हक बैंक के पास ही गिरवी है। लोन के खत्म हो जाने के बाद आपको अपने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO Latest Update) जाना होगा और ‘फॉर्म 35’ को जमा करना होगा। जब आरटीओ आपकी आरसी से बैंक का नाम हटाकर नया कार्ड जारी करेगा, तभी आप कानूनी रूप से गाड़ी के मालिक होंगे। सबसे महत्वपूर्ण और अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला कदम है बीमा कंपनी को अपडेट करना होता है। जब तक आप बीमा कंपनी को नई आरसी (Car Loan RC) और एनओसी नहीं दिखाते हैं तब तक उनके रिकॉर्ड में बैंक ‘हाइपोथेकेटेड’ रहता है।

बीमा कंपनी क्लेम करें चेक

अगर आपकी गाड़ी चोरी हो जाती है या फिर किसी बड़ी दुर्घटना में ‘टोटल लॉस’ (Total Loss) होती है, तो फिर बीमा कंपनी क्लेम का चेक आपके नाम के बजाय बैंक के नाम पर जारी करती है। उस स्थिति में आपको बैंक के चक्कर काटने पड़ेंगे। साथ ही एनओसी फिर से वेरिफाई करानी होगी और इस कागजी कार्रवाई में महीनों भी लग सकते हैं। कई बार तकनीकी कारणों (Car Loan latest Update) की वजह से क्लेम भी अटक जाता है।

क्रेडिट स्कोर को कराना होगा अपडेट

लोन को बंद कराने के बाद बैंक को इसकी जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को देनी होती है। लगभग एक महीने बाद अपना क्रेडिट स्कोर जरूर से चेक करें कि लोन ‘Closed’ दिखा रहा है या फिर नहीं। अगर नहीं, तो फिर बैंक को शिकायत (Car Loan From Bank) दर्ज करानी चाहिए। वरना भविष्य में दूसरा लोन लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बैंक से सिर्फ एनओसी ही नहीं, बल्कि फॉर्म 35 की दो कॉपी और लोन क्लोजर स्टेटमेंट भी ले लेनी चाहिए।

ईएमआई का भुगतान करने के बाद फॉलो करें ये स्टेप्स

Loan पर गाड़ी खरीदी और पूरी EMI करने के बाद भी आपको कुछ स्टेप्स को फॉलो करना होता है। इसके बाद दोबारा से आपको रिकवरी एजेंट और कानूनी परेशानियों (Car Loan) का सामना नहीं करना पड़ेगा। सबसे पहला जब आप लोन पर गाड़ी की खरीदी करते हैं तो फिर हाइोथिटेकेट एग्रीमेंट होता है यानि गाड़ी की ओनरशिप पार्टी और फाइनेंस बैंक के बीच में होती है। हालांकि इंश्योरेंस पर सिर्फ फाइनेंस कंपनी का ही नाम होता है। जब आप पूरी EMI का भुगतान कर देते हैं तो फिर अपको फाइनेंस कंपनी (Car Loan finance company) से NOC को ले लेना होगा। इसकी वजह से आपको नई RC यानि गाड़ी की ओनरशिप मिल जाएगी। अब आपको दोबारा से इंश्योरेंस पेपर भी मिलेंगे।