home page

Uttar Pradesh में बिछेगी 52 किलोमीटर नई रेलवे लाइन, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज

UP New Railway : उत्तर प्रदेश में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। बता दें कि अब यहां पर 52 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन को बिछाई जाने वाली है। इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण (Land acquisition for new Railway line) की प्रक्रिया को तेज किया जा चुका है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से यूपी में बनाई जाने वाली इस नई रेलवे लाइन के बारे में। आइए जानते हैं इस बारे में-

 | 
Uttar Pradesh में बिछेगी 52 किलोमीटर नई रेलवे लाइन, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज

HR Breaking News (New Railway line) यूपी में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत को करने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि अब राज्य में 52 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने की तैयारी की जा रही है। इस प्रोजेक्ट (New Railway line in UP) को पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज किया जा चुका है। इस प्रोजेक्ट की वजह से राज्य में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही साथ यात्रियों को सुविधा मिलेगी। खबर में जानिये इस बारे में पूरी जानकारी।

 

 


यहां पर बिछेगी नई रेलवे लाइन 

बता दें कि यूपी में एक नई रेलवे लाइन (New Railway line) को बिछाने की तैयारी की जा रही है। ये रेलवे लाइन घुघुली-महराजगंज वाया आनंदनगर तक के लिए प्रस्तावित की गई है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। रेलवे और भूमि अधिग्रहण विभाग की ओर से अधिकांश प्रशासनिक औपचारिकताएं (Ghugli-Maharajganj-Anandnagar rail line) पूरी कर ली गई हैं। वहीं अब बाकी के बचे तीन गांवों में अगले सप्ताह अंतिम गजट अधिसूचना जारी होने की उम्मीद लगाई जा रही है। इसके बाद इन गांवों में भी मुआवजा निर्धारण के लिए एवार्ड तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।


इतनी होगी रेलवे लाइन की लंबाई 

इस प्रस्तावित रेल लाइन की कुल लंबाई 52.70 किलोमीटर तक की होने वाली है। जो जनपद के 52 गांवों (land acquisition compensation) से होकर गुजरने वाला है। इस परियोजना को दो चरणों में क्रियान्वित किया जा रहा है। पहले चरण में 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही पूरी की जा चुकी है। इन गांवों के प्रभावित किसानों के लिए कुल 476 करोड़ रुपये की एवार्डेड धनराशि घोषित कर दी गई थी, इसमें से अब तक 452 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। बाकी की धनराशि का वितरण (UP land acquisition) भी शीघ्र पूरा करने की तैयारी की जा रही है।


अधिकारियों ने दी जानकारी 

अधिकारियों के मुताबिक, पहले चरण में अधिकांश किसानों द्वारा समय पर अभिलेख को उपलब्ध कराया जाने वाला है। इसके लिए भुगतान प्रक्रिया (rail line project) अपेक्षाकृत सुचारु रहने वाली है। हालांकि, कुछ मामलों में गाटा संख्या और स्वामित्व को लेकर विवाद भी सामने आ रहे हैं। इसका विस्तारण राजस्व विभाग की टीमों ने मौके पर जाकर किया जाएगा।


23 गांवों में भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित 

दूसरे चरण में कुल 23 गांवों में भूमि अधिग्रहण को प्रस्तावित कर दिया गया है। इनमें से नौ गांवों में रुद्रापुर, रम्हौली, कांध, रुदौली भावचक, (railway development) रामनगर, पकड़ी नौनिया, जंगल दुधई उर्फ चेहरी, पिपरा रसूलपुर और सिसवा अमहवा को शामिल किया गया है। यहां पर अधिग्रहण की प्रक्रिया फिलहाल जारी रही है।


मुआवजा वितरण में आई तेजी 

इन गांवों के लिए 190 करोड़ रुपये की एवार्डेड धनराशि को तय किया गया है। इसमें से अब तक 93 करोड़ रुपये का भुगतान प्रभावित किसानों को किया जा चुका है। मुआवजा वितरण (Maharajganj land acquisition) में तेजी लाने के लिए खासतौर पर राजस्व टीमें गठित की जाएगी और गांव गांव जाकर सत्यापन कराया जाएगा। इसी क्रम में 11 गांवों खजुरिया, महदेवा, गोबिंदपुर, गोपालापुर, खनुआ, परसिया बुजुर्ग, देउरवा, जंगल जोगिया बारी, अलहदिया महदेवा, गोपालापुर और कम्हरिया बुजुर्ग में अंतिम गजट (Uttar Pradesh railway) की अधिसूचनाद को पहले ही जारी की जा चुकी है। यहां पर गाटा मिलान और एवार्ड तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।


नियमानुसार तय होगी मुआवजा दरें 

इसके साथ ही बाकी के तीन गांव सेमराडाड़ी, मथुरा नगर और सिधवारी में 20-ए की अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है। इन गांवों के लिए अंतिम गजट अधिसूचना जारी कराने को लेकर रेलवे मंत्रालय को प्रस्ताव (land compensation UP) भेजा जाने वाला है। इस पर अगले सप्ताह कार्रवाई होने की उम्मीद लगाई जा रही है। एक्सपर्ट ने बताया कि मुआवजा दरें बाजार मूल्य, भूमि की प्रकृति और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर नियमानुसार तय की जाने वाली है।