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8th Pay Commission : यूपी-बिहार में इस दिन लागू होगा 8वां वेतन आयोग, इतनी बढ़कर मिलेगी सैलरी

Salary Hike Update : देश के एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर की सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव करने के लिए सरकार हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू करती है। 31 दिसंबर 2025 को सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल खत्म हो चुका है और 1 जनवरी 2026 से आठवें वेतन आयोग को प्रभावी माना जाएगा। ऐसे में यूपी और बिहार राज्य के कर्मचारी के मन में सवाल उठ रहे हैं कि उन्हें नई वेतन आयोग का लाभ कब मिलेगा? चलिए नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं।

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8th Pay Commission : यूपी-बिहार में इस दिन लागू होगा 8वां वेतन आयोग, इतनी बढ़कर मिलेगी सैलरी

HR Breaking News - (8th Pay Commission Update)। बढ़ती महंगाई के बीच सरकारी कर्मचारियों को राहत देने के लिए सरकार 10 साल बाद नए वेतन आयोग का गठन करती है। अब तक भारत में 7 वेतन आयोग का गठन किया जा चुका है। आखिरी बार 2016 में सातवें वेतन आयोग की सिफारिश से लागू की गई थी जिसे 31 दिसंबर 2025 को 10 साल पूरे हो चुके हैं। 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग को प्रभावी माना जाएगा। लेकिन इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है।

 देश के करोड़ों कर्मचारी और पेंशनर इसके लागू होने के इंतजार में है। जब नया वेतन आयोग लागू होगा तो सबसे पहले इसका लाभ केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा और फिर राज्य सरकारें अपने राज्य के कर्मचारियों के लिए इसे लागू करेगी। ऐसे में यूपी और बिहार राज्य के कर्मचारियों के मन में सवाल उठ रहे हैं कि उन्हें आखिर बड़ी हुई नई सैलरी (New Salary Hike) का लाभ कब से मिलेगा और अगर वेतन आयोग में देरी होती है तो उन्हें कितना एरिया मिलेगा? लिए नीचे खबर में जानते हैं सभी सवालों के जवाब -


राज्य सरकार क्यों लागू करती हैं स्टेट पे कमीशन  -


ऐसे जब भी केंद्र सरकार में या पे कमिशन लागू करती है तो सबसे पहले इसका लाभ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलता है। इसके बाद यूपी बिहार समेत ज्यादातर राज्य सरकारी भी केंद्र की तर्ज पर वेतन और पेंशन में इजाफा करती है। राज्य सरकार ने अक्सर अपनी स्टेट पे कमीशन (State Pay Commission)  बनती हैं, क्योंकि उनके कर्मचारी और पेंशनर्स की बेसिक सैलरी/पेंशन (Basic Salary Hike) और भत्ते राज्य की आर्थिक स्थिति और बजट पर निर्भर करते हैं। इसलिए केंद्र की सिफारिश के तुरंत लागू करने की बजाय राज्य अपनी स्थिति को देखकर ही अगले पे कमिशन को लागू करती है। 


सभी राज्यों में एक समान लागू नहीं होते पे कमिशन - 


राज्य सरकारों के लिए यह अनिवार्य नहीं है कि वे केंद्र की पे कमीशन के अनुसार वेतन बढ़ोतरी करें। उदाहरण के लिए, केरल में अभी 11वीं पे कमीशन चल रही है, कर्नाटक में 7वीं, जबकि पंजाब में 6वीं। जानकारों के मुताबिक, राज्यों में अलग-अलग पे कमीशन (Pay Commission Update) चल रही हैं, लेकिन केंद्र और राज्य का सैलरी स्ट्रक्चर लगभग समान रहती है।

केंद्र जैसी होती है राज्य की पे कमीशन प्रक्रिया -


एक्सपर्ट्स के अनुसार, राज्य की पे कमीशन (Pay Commission) प्रक्रिया बिल्कुल केंद्र जैसी होती है। पहले एक चेयरमैन और कमेटी मेंबर नियुक्त होते हैं, जो रिपोर्ट तैयार करके सरकार को देते हैं। फिर मंत्रियों की टीम इसे देखती है और सुझाव देती है। इसके बाद राज्य सरकार इसे लागू करती है।


क्या राज्यों में केंद्र के समान होता है फिटमेंट फैक्टर - 


राज्यों में फिटमेंट फैक्टर केंद्र के समान ही होता है। लेकिन कभी-कभी यह कम या ज्यादा भी हो सकता है। उदाहरण के लिए, 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) में फिटमेंट फैक्टर 2.57 तय किया गया था, जबकि पंजाब 6वां पे कमीशन लागू है तो फिटमेंट फैक्टर 2.59 रखा गया। वहीं उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहा सातवें वेतन आयोग के समान यानी 2.57 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor Update) रखा गया था।


राज्य सरकार के कर्मचारियों को कितना मिलेगा एरियर? 


आमतौर पर कर्मचारियों को एरियर तब मिलता है जब नए वेतन आयोग (New Pay Commission) लागू होने में देरी होती है तो ऐसे में जब नया वेतन आयोग लागू होता है तो सरकार कर्मचारियों के खाते में एकमुश्त एरियर का भुगतान करती है। जैसे, उत्तर प्रदेश में 7वीं पे कमीशन का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को खत्म हुआ। इसलिए कर्मचारियों को एरियर्स (Arrears) 1 जनवरी 2026 से मिलने चाहिए, लेकिन यह तभी तय होगा जब राज्य सरकार आधिकारिक घोषणा करे। इस बार 8वीं CPC में केंद्र ने भी लागू करने की तारीख नहीं दी है, इसलिए राज्य और केंद्र की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

कब मिलेगा राज्य सरकार के कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग का लाभ -


एक्सपर्ट्स का कहना है कि  राज्य सरकारों पर कोई कानूनी समय सीमा नहीं है कि वे 8वें वेतन आयोग के लागू होते ही तुरंत इसकी सिफारिशें लागू करें। आमतौर पर जल्दी अपनाने वाले राज्य इसे 6 महीने से 1 साल में लागू कर देते हैं। बाकी राज्य अपनी स्थिति देखकर और स्टेट पे कमीशन (State Pay Commission) बनाकर इसे लागू करते हैं, जिससे प्रक्रिया 1 से 3 साल तक भी चल सकती है। ज्यादातर राज्यों में सिफारिशें 3 से 6 महीने में लागू हो जाती हैं, लेकिन कुछ राज्यों में इसमें ज्यादा समय लग जाता है।