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8th Pay Commission : क्या मूल वेतन में मर्ज होगा डीए, सरकार ने किया क्लियर

8th Pay Commission : समय बीतने के साथ ही कर्मचारियों में आठवें वेतन आयोग को लेकर बेसब्री बढ़ती जा रही है। अब कई दिनों से इस बात को लेकर चर्चाए हो रही थी कि इस बार क्या मूल वेतन में डीए को मर्ज (DA merged with basic pay) किया जाना है। अब हाल ही में हुई बैठक के दौरान केंद्र सरकार ने इसका जवाब दे दिया है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

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8th Pay Commission : क्या मूल वेतन में मर्ज होगा डीए, सरकार ने किया क्लियर 

HR Breaking News (8th Pay Commission) वर्ष 2025 का आखिरी महीना चल रहा है और ऐसे में आठवें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों के बीच कई सवाल किए जा रहे हैं। हालांकि आठवें वतन आयोग (8th Pay Commission)  के लागू होने पर कर्मचारियों की सैलरी में बंपर उछाल देखने को मिलेगा, लेकिन बताया जा रहा है कि इस बार कर्मचारियों के मूल वेतन में डीए को मर्ज किया जा सकता है।

 

 

बेसिक सैलरी में नहीं होगा डीए मर्ज 


केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री (Union Minister of State for Finance) का कहना है कि सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को लेकर अधिकसूचना जारी की है। उनका कहना है कि अभी वर्तमान में महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) को बेसिक सैलरी में मिलाने का कोई प्रस्‍ताव नहीं रखा गया है। कर्मचारियों के लिए यह बात लागू होगी और पेंशनर्स के लिए भी यही बात लागू होगी। पेंशनर्स के लिए भी बेसिक सैलरी में महंगाई राहत (Dearness Relief)को मर्ज नहीं किया जाएगा। 

सरकार ने किया स्पष्ट


पहले यही अनुमान लग रहा था कि डीए और डीआर में इइजाफा नहीं करते हुए इसे मूल वेतन में ही मर्ज कर दिया जाएगा। अगर ऐसा होता है तो डीए का कैलकुलेशन (Calculation of DA)  अगले टर्म से किया जाता है और मर्ज किए गए मूल सैलरी के मुताबिक इसका कैलकुलेशन होता है। हम आपको एक उदाहरण के माध्यम से समझाते हैं।

जैसे की अगर मौजूदा कर्मचारी की मूल सैलरी (Basic salary of employee) 30,000 रुपये है और 8वें वेतन आयोग में डीए मर्ज कर दें तो उन कर्मचारी का मूल वेतन 55 हजार रुपये हो जाता है। ऐसे में अगले टर्म में डीए 10 प्रतिशत तय किया जाता तो ये अमाउंट 5,500 रुपये के आस-पास हो सकता है।

किन फॉर्मूले से तय होता है डीए 


बढ़ती महंगाई पर गौर करते हुए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA Hike Updates) निर्धारित किया जाता है। महंगाई पर गौर करते हुए हर छह महीने में DA की दरें AICPI-IW इंडेक्स के आधार पर तय की जाती हैं। पेंशनर्स के लिए DR यानी महंगाई राहत को भी ऐसे ही तय किया जाता है। डीए और डीआर की दरें बराबर होती हैं।

अब हाल ही में सरकार ने यह क्लियर किया है कि डीए या डीआर, मूल वेतन में मर्ज नहीं होगा और यह भी तय हो गया है कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ता पहले जैसा ही मिलेगा। ये AICPI-IW इंडेक्स के आधार पर हर छह महीने में रिवाइज्ड किया जाता है। 

अभी कितना मिल रहा कर्मचारियों को डीए


अभी केंद्रीय कर्मियों और पेंशनर्स के लिए DA और डीआर की दर (Rate of DA and DR)  55 प्रतिशत है। सरकार की ओर से अक्टूबर में डीए और डीआर में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की थी। केंद्रीय कर्मियों की सैलरी में डीए जुड़ा होता है, जबकि पेंशनर्स की पेंशन में डीआर जुड़ा होता है।

अब वर्तमान में चल रहा 7वां वेतन आयोग (7th cpc updates) इस साल 10 साल की समयसीमा पूरी कर रहा है और अब पिछले दिनों इसका गठन भी कर दिया गया है।  वैसे तो सैद्धांतिक रूप से 2026 ही नया वेतन लागू होने का साल है, लेकिन बताया जा रहा है कि इसे लागू करने में देर हो सकती है।