Delhi मेट्रो की रेड और येलो लाइन होंगी स्मार्ट, किया जाएगा ये बदलाव, यात्रियों को जानना जरूरी
Delhi Metro :दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने हाल ही में एक बड़ा अपडेट जारी कर दिया है। अब दिल्ली मेट्रो की रेड और येलो लाइन (Red and Yellow Line Metro) को स्मार्ट किया जाने वाला है। इसके तहत कई बड़े बदलाव किये जाने वाले हैं। यात्रियों को इस बारे में जानकारी होनी जरूरी है ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
HR Breaking News (Metro Line) देश की राजधानी दिल्ली में मेट्रो के नेटवर्क को मजबूत करने के लिए अब सरकार तेजी से कार्य कर रही है। लगातार नई मेट्रो लाइन बनाई जा रही हैं और पुरानी मेट्रो लाइनों का दोहरीकरण कर उन्हें हाईटेक (Hightech Metro Line) बनाया जा रहा है। अब दिल्ली मेट्रो की रेड और येलो रेलवे लाइन को स्मार्ट किया जाएगा। इन दोनों लाइनों में यह बड़ा बदलाव होने से यात्रियों को लाभ होगा। चलिए नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं रेड और पीला मेट्रो लाइन में क्या-क्या बदलाव किए जाएंगे।
DMRC ने लिया ये फैसला
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC New Project) ने अपनी सबसे पुरानी और सबसे व्यस्त रेड और येलो लाइनों को और अधिक भरोसेमंद और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत DMRC ने एल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड (ATIL) के साथ एक विशेष समझौते पर हस्ताक्षर किया गया है।
साल 2002 में रेड और साल 2004 में शुरू की गई येलो मेट्रो लाइन (yellow metro line) दिल्ली मेट्रो के शुरुआती कॉरिडोर रहे हैं। यह दोनों लाइनें रोजाना लाखों यात्रियों को राजधानी और एनसीआर के विभिन्न हिस्सों से जुड़ने वाली है। इन लाइनों पर बढ़ती भीड़ और तकनीकी दबाव पर नजर रखते हुए अब इन्हें आधुनिक सुविधाओं (Facilities in metro) और बेहतर सिग्नलिंग तकनीक से लैस किया जाएगा।
छह साल के लिए हुआ समझौता
दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने इन दोनों लाइनों को तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसके तहत DMRC और ATIL (ATIL Latest Project) के बीच 6 साल के लिए एक समझौता किा गया है। जरूरत पड़ने पर इसे 2 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है।
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों लाइनों के सिग्नलिंग सिस्टम को मजबूती मिलने वाली है। इसकी वजह से तकनीकी गड़बड़ियां कम हों और यात्रियों को बिना किसी रुकावट (Metro Line) के सेवाएं मिल रही है। इस समझौते के तहत ATIL अपनी ग्लोबल एक्सपर्ट टीम के जरिए दिल्ली मेट्रो को निरंतर तकनीकी सहयोग और सपोर्ट उपलब्ध कराया जाने वाला है।
DMRC और ATIL के बीच हुआ समझौता
DMRC और ATIL के बीच समझौते के तहत दोनों लाइनों के लिए ऑनबोर्ड स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाने वाली है। इसके लिए डेटा लॉगिंग सिस्टम (data logging system) को अपग्रेड किया जाने वाला है। इसकी वजह से खराबी का निदान और समाधान आसान हो जाएगा। इसके साथ ही, सिस्टम का नियमित ऑडिट किया जाएगा और प्रदर्शन में सुधार के लिए तकनीकी सहायता भी दी जाने वाली है।
DMRC ने दी जानकारी
बताते चले कि ये ऐतिहासिक समझौता मेट्रो भवन में हुआ है। इस मौके पर DMRC के डायरेक्टर (इन्फ्रास्ट्रक्चर) मनुज सिंघल और ATIL के डायरेक्टर (कमर्शियल) सचिन देवड़ा ने करार पर हस्ताक्षर किये गए था। इस मौके पर DMRC (DMRC Latest News) के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. विकास कुमार सहित दोनों संस्थाओं के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे हैं।
यात्रियों को होगा लाभ
इस समझौते के बाद रेड और येलो लाइन (Yello Line Metro) पर यात्रियों को कई तरह की सुविधाएं और लाभ मिलने की संभावना लगाई जा रही है। इसकी वजह से यात्रियों के लिए सुरक्षित और बिना रुकावट वाले सफर पर मुख्य फोकस किया जा रहा है। इसके तहत तकनीकी खराबियां कम होने वाली है और ट्रेनें (Delhi Metro Latest Update) ज्यादा समय पर चलेंगी। इसके अलावा दोनों लाइनों की बेहतर मॉनीटरिंग की जाने वाली है। इसके तहत अपग्रेडेड डेटा लॉगिंग सिस्टम से हर छोटी-बड़ी तकनीकी समस्या का तेजी से पता लगाया जा सकता है। साथ ही एल्सटॉम की ग्लोबल टीम मौके पर या रिमोट सपोर्ट के जरिए त्वरित समाधान उपलब्ध कराएगी।
लंबे समय तक मेट्रो बनेगी टिकाऊ
एक्सपर्ट़्स का मानना है कि यह करार दिल्ली मेट्रो के दूसरे चरण के आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम रहने वाला है। आने वाले समय में इसकी वजह से न सिर्फ मेट्रो (Metro Line News) संचालन सुचारू होगा, बल्कि यात्रियों का अनुभव भी और अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनने वाला है। ऑनबोर्ड स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता से मेट्रो संचालन और भी स्थिर और भरोसेमंद बनेगा। इससे बेहतर संचालन के साथ ही मेट्रो (New Metro Line) ज्यादा लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहने वाली है।
