बिजली कर्मचारियों की हड़ताल : अंधेरे में डूबे हरियाणा के कई इलाके, बिजली के कारण पानी को भी तरसे लोग
HR breaking News (Haryana News Update) हरियाणा में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस दिए जाने के बाद बिजली कर्मचारियों में रोष है। बिजली कर्मचारी लगातार इस बात का विरोध करते आ रहे थे। कर्मचारियों की तरफ से पहले भी हड़ताल का ऐलान किया गया था जो सरकार से बातचीत के बाद वापस हो गई थी, लेकिन अब तीन दिन की हड़ताल शुरू हो चुकी है और पहले ही दिन व्यापक स्तर पर हड़ताल का असर देखने को मिला है।
ग्रामीण इलाकों में व्यवस्था ज्यादा प्रभावित
ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था ज्यादा प्रभावित दिखाई दी है। ज्यादातर गांव में बिजली सप्लाई बिल्कुल ठप है, जिसकी वजह से ग्रामीणों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बिजली कर्मचारियों की तरफ से कहा जा रहा है कि यह हड़ताल पब्लिक के हित में की जा रही है, क्योंकि प्राइवेट प्लेयर अगर बिजली वितरण में आते हैं तो वह अपनी मनमानी करेंगे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री बोले हम कर्मचारियों के साथ
दूसरी तरफ सरकार का भी दावा है कि वह कर्मचारियों के साथ है। हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज की तरफ से बयान आया था कि वह खुद प्राइवेट कंपनी को लाइसेंस दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। दूसरी तरफ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी यही बात दोहराई है कि वह कर्मचारियों के साथ है ऐसे में अब देखना होगा कि आगे का कदम क्या उठाया जाता है ।
फाल्ट होने पर ठीक करने के लिए नहीं है कर्मचारी
हरियाणा में हड़ताल के चलते जिस इलाके में एक बार बत्ती गुल हो जाती है, वहां दोबारा बिजली नहीं आ रही है। ज्यादातर इलाकों में फाल्ट ठीक करने के लिए कर्मचारी नहीं है। फील्ड के कर्मचारियों की गैर मौजूदगी के कारण बिजली की लाइन ठीक ना होने से आपूर्ति बाधित रहती है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों के समाधान पर भी कोई गौर नहीं हो रहा।
इनवर्टर हुए ठप, लोग जनरेटर से चला रहे काम
जिन इलाकों में बिजली के कट लगे हुए हैं, उन इलाकों में इनवर्टर ठप हो चुके हैं। वहीं लोग समरसेबल आदि से पानी भरने के लिए जनरेटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग जो जनरेटर का इंतजाम नहीं कर पा रहे हैं पानी को भी तरस रहे हैं। हड़ताल का असर बिजली जाने के कारण कई कार्यों पर पड़ा है। हरियाणा के अधिकतर इलाकों में बत्ती गुल होने का असर दिखाई दिया है।
