UP के इस जिले में भी बनेगा एक्सप्रेसवे, तीन तहसीलों के गांवों में होगा भूमि अधिग्रहण
UP Expressway : देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में सरकार कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। प्रदेश में नए शहर बसाए जा रह हैं और इसी के साथ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी सरकार काम कर रही है। हाल ही में सरकार ने यूपी में एक नया एक्सप्रेसवे बनाने की घोषणा की है। यह एक्सप्रेसवे तीन तहसीलों के गांवों से होकर गुजरेगा। आईये नीचे खबर में जानते हैं एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य कब से शुरू होगा।
HR Breaking News - (New Greenfield Expressway)। उत्तर प्रदेश के सड़क बुनियादी ढांचा को मजबूत करने के लिए कई नए एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं। योगी सरकार द्वारा लगातार बनाए जा रहे नए एक्सप्रेसवे के चलते आज उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। यूपी वालों के लिए अब एक गुड न्यूज सामने आई है। अब पूर्वी और पश्चिमी यूपी के बीच कनेक्टिविटी बढ़ने वाली है। प्रदेश के इन दोनों हिस्सों को कनेक्ट करने के लिए 700 किलोमीटर का गोरखपुर-शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Shamli Green Field Link Expressway) बनाया जा रहा है। हाल ही में इसपर एक बड़ा अपडेट सामने आया है।
बरेली को मिली बड़ी सौगात -
बरेली में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बरेली में 2 नेशनल हाईवे होने के बाद भी यह अब तक एक्सप्रेसवे से वंचित है। सरकार ने अब बरेली को गोरखपुर–शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे (UP Green Field Link Expressway) की बड़ी सौगात दी है। यह एक्सप्रेसवे पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ कनेक्ट करेगा।
तीन तहसील के कई गांव से होकर गुजरेगा नया एक्सप्रेसवे -
गोरखपुर–शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Shamli Green Field Link Expressway) बरेली मंडल के तीन जिलों के कई गांवों से होकर गुजरेगा। इस एक्सप्रेसवे की लगभग कुल लंबाई 700 किलोमीटर होगी। बरेली जिले में यह एक्सप्रेसवे फरीदपुर, नवाबगंज और बहेड़ी तहसील क्षेत्रों के कई गांवों को एक साथ कनेक्ट करेगा। इससे इन जिलों और आसपास लगने वाले गांव के विकास को रफ्तार मिलेगी। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से सफर तो आसान होगा ही इसके साथ ही यहां जमीन के रेट भी तेजी से बढ़ सकते हैं।
किसानों से खरीदी जा रही जमीन -
गोरखपुर–शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए किसानों से जमीन खरीदीने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भूमि का अधिग्रहण (Land acquisition) कराने के लिए काला (कंपिटेंट एथारिटी फार लैंड एक्यूजिशन) कंपनी का सिलेक्शन हो गया है। इसकी जिम्मेदारी बरेली, शाहजहांपुर और पीलीभीत में SDM को सौंपी गई है, जबकि लखीमपुर में यह काम SDM के जिम्मे है। लखनऊ और दिल्ली के मध्य में होने से कारोबार की दृष्टि से महत्वपूर्ण बरेली का उत्तराखंड से भी सीधा जुड़ाव है।
NHAI ने शुरू किया सर्वे का काम -
एनएचएआई (NHAI) ने चारों जिलों में प्रारंभिक सर्वे कराने के बाद काला के चयन के लिए जिला प्रशासन को लिस्ट जारी कर दी थी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है, जिससे आगे की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने को कहा गया है।
पूर्व से पश्चिम तक बनेगा सीधा रास्ता
यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शुरू होकर बस्ती, अयोध्या, लखनऊ, सीतापुर और लखीमपुर होते हुए पीलीभीत के बीसलपुर और शाहजहांपुर के पुवायां से गुजरकर बरेली तक जाएगा। यहां से यह रामपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर और मेरठ होते हुए शामली तक जाएगा। जिस जमीन को चयन किया गया उसको पहले थ्री-ए घोषित किया जाएगा, जिसके बाद एक साल तक जमीन की किसी भी तरह की खरीद-बिक्री पर रोक रहेगी. अगर इस दौरान थ्री-डी घोषित नहीं हुआ तो यह प्रक्रिया निष्प्रभावी हो जाएगी। थ्री-डी घोषित होने के बाद भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी तरह शुरू हो सकेगी।
इस दिन शुरू होगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य -
NHAI अधिकारियों के मुताबिक अगले वित्तीय वर्ष में गोरखपुर–शामली ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे (Gorakhpur-Shamli Green Field Link Expressway) का निर्माण काम शुरू कराने का लक्ष्य रखा है। माना जा रहा है कि इस परियोजना को पूरा होने में 3 साल लग सकते हैं। शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे के बनने से बरेली समेत आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी। इस एक्सप्रेसवे के बनने से सफर आसान होगा और जिलों और गांव के विकास को गति मिलेगी। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे के पास उद्योग स्थापित किये जाएंगे और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
