UP के 22 जिलों, 38 तहसीलों में एक्सप्रेसवे ने बढ़ाई प्रॉपर्टी की डिमांड, 7वें आसमान पर रेट
UP New Expressway : उत्तर प्रदेश को देश के अन्य राज्यों के साथ कनेक्ट करने के लिए सरकार लगातार नए-नए एक्सप्रेसवे का निर्माण करवा रही है। इसकी वजह से प्रॉपर्टी की कीमतों में तगड़ा उछाल देखने को मिल रहा है। अब जल्द ही यूपी में एक और सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे बनने वाला है, जिसके चलते प्रॉपर्टी की कीमतों (Property Rate) में तगड़ा उछाल देखने को मिलेगा। चलिए नीचे खबरों में विस्तार से जानते हैं किस रूट पर बनेगा नया एक्सप्रेसवे -
HR Breaking News - (UP Expressway)। उत्तर प्रदेश में लगातार डेवलपमेंट के कार्य किया जा रहे हैं, जिसकी वजह से प्रॉपर्टी के डिमांड तेजी से बढ़ रही है और रेट साथ में आसमान पर जा पहुंचे हैं। एक्सपर्ट का अनुमान है कि उत्तर प्रदेश में कई प्रस्तावित एक्सप्रेसवे हैं, जिनके बनने के बाद प्रॉपर्टी कीमतें आसमान छूने लगेगी।
प्रॉपर्टी के रेट में आएगी तेजी -
सरकार ने उत्तर प्रदेश में नया एक्सप्रेसवे (New Expressway) बनाने की तैयारी कर ली है। अब प्रदेश में सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बनने जा रहा है। फिलहाल उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे सबसे लंबा है, जिसकी लंबाई 570 किलोमीटर है। यूपी में बनने वाले नए एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 700 किलोमीटर होगी। यह एक्सप्रेसवे 6 लाइन बनाया जाएगा। जिसे भविष्य में 8 लाइन भी किया जा सकता है। यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में डेवलप किया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से 22 जिलों और 38 तहसीलों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इस एक्सप्रेसवे के बनने से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। क्योंकि जमीन के रेट (UP land rate) सातवें में आसमान पर पहुंच सकते हैं।
नया एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शामली तक बनेगा, जो पूरब से पश्चिम यूपी को एक साथ कनेक्ट करेगा। अभी मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य चल रहा है। नया बनने वाला गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे (Gorakhpur Shamli Expressway) लगभग 700 किलोमीटर लंबा होगा। इसके निर्माण के बाद पूरे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए मसूरी और देहरादून के साथ हरिद्वार और ऋषिकेश तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। फिलहाल इस सफर को पूरा करने में 12 घंटे का समय लगता है। लेकिन नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी केवल 6 घंटे में पूरी की जान सकेगी।
22 जिलों में बढ़ेंगे जमीन के रेट -
गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे (Gorakhpur Shamli Expressway Update) उत्तर प्रदेश के 22 जिलों और 37 तहसीलों से होकर गुजरेगा। इसके निर्माण के बाद इन जिलों में जमीन के रेट तेजी से बढ़ाने की उम्मीद है। इस एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से ग्रीनफील्ड तकनीक से बनाया जाएगा। इसका मतलब यह है कि एक्सप्रेसवे की सभी ऊर्जा अधारित जरूर को सौर ऊर्जा से पूरा किया जाएगा। नए एक्सप्रेसवे से सफर तो आसान होगा ही इसके साथ ही गोरखपुर से शामली तक की दूरी लगभग 200 किलोमीटर कम हो जाएगी।
राज्य के पिछड़े जिलों को भी होगा फायदा
गोरखपुर से पश्चिमी यूपी के शामली तक जाने वाले नये एक्सप्रेसवे में गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, बहराइच, सीतापुर, लखनऊ, हरदोई, बिजनौर, अमरोहा, सहारनपुर, आगरा, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, संभल, मेरठ और शामली जिले शामिल हैं. इन सभी जिलों में जमीनों के दाम भी बढ़ेंगे और रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। इसके तैयार होने के बाद गोरखपुर से हरिद्वार तक महज 8 घंटे में ही पहुंचा जा सकेगा।
एक्सप्रेसवे पर आएगा इतना खर्च -
सरकार ने गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे को बनाने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सौंप है। इस एक्सप्रेसवे की DPR तैयार कर ली गई है। कई जिलों मे सर्वे का काम भी पूरा हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) का कार्य पूरा होने के बाद इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू होगा।
गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे (Gorakhpur Shamli Expressway) पर 35000 करोड रुपए खर्च किए जाएंगे। यह एक्सप्रेसवे प्रदेश की आर्थिक और व्यापारिक गतिविधियों में सुधार लेगा। इसके साथ ही औद्योगिक और पर्यटन विकास को भी बढ़ावा देगा। इस एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वी यूपी के धार्मिक स्थलों तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा। इसके साथ ही 22 जिलों के विकास में भी तेजी आएगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे कुल मिलाकर यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास की रीड की हड्डी बनेगा।
