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हरियाणा में मत्स्य पालकों को राहत, मत्सय और झींगा की बिक्री के लिए अलग से बनेगी मंडी

Haryana News : प्रदेश के मत्स्य पालकों के लिए अलग से मंडी बनेगी। सरकार की और से इसके लिए करोड़ो रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। इसके अलावा झींगा-मछली पालकों के लिए बिजली यूनिट 6.60 से घटाकर 4.75 रुपये कर दी है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से।

 
हरियाणा में मत्स्य पालकों को राहत, मत्सय और झींगा की बिक्री के लिए अलग से बनेगी मंडी

HR Breaking News (Haryana News) : हरियाणा में मत्स्य पालन (Fishermen in Haryana)  योजना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करेगी। इसके तहत हिसार और फरीदाबाद में आधुनिक मछली मंडी बनाई जाएगी। जबकि करनाल में मछली प्रसंस्करण ईकाई स्थापित की जाएगी। साथ ही मत्स्यपालकों को बेहतर गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने और उनकी उपज की बिक्री के लिए उचित व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

मंत्री ने की बैठक (haryana mein matsya yojana)

कृषि एवं किसान कल्याण तथा मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने शुक्रवार को भी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री और बजट घोषणाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट किया मत्स्य पालाकों को उत्पादन से लेकर बिक्री तक किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। 

बिजली दरों में दी राहत

सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 की बजट घोषणाओं के तहत कृषि केंद्र से बिजली लेने वाले मत्स्य एवं झींगा पालकों को 10 पैसे प्रति यूनिट की दर  पर बिजली देने का प्रावधान लागू कर दिया है। वहीं गैर कृषि फीडर से जुड़े 20 किलोवाट तक के लोड वाले उपभोक्ताओं को एफपीओ और कृषि उद्योग श्रेणी (FPO and Agro Industry Category) के अंतर्गत 4.75 प्रति यूनिट कि दर से बिजली मिलनी शुरू हो गई है। इस श्रेणी में बिजली कनेक्शन (Bijli connection) की अधिकतम लोड सीमा भी 20 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट कर दी गई है। इसके साथ ही प्रति यूनिट दर से 6.60 रुपए से घटाकर 4.75 कर दी गई है। इसे मतस्य से पालन से जुड़े कारोबारियों को बिजली खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। 

दो मछली मंडियों पर खर्च होंगे 100 करोड़

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत हिसार और फरीदाबाद में कुल 100 करोड रुपए की लागत से दो आधुनिक मछली मंडिया विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी परियोजनाओं को मंजूरी दे चुके हैं। किसी परियोजना के तहत करनाल में 50 करोड रुपए की लागत से मछली प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने का काम शुरू किया गया है। इस परियोजना को दिसंबर 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 

तीन जिलों में खुलेगी जांच प्रयोगशालाएं 

मत्स्य पालन के लिए मिट्टी और पानी की गुणवत्ता की जांच की सुविधा बढ़ाने की वजह से यमुनानगर, रोहतक और फरीदाबाद में नई प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री से स्वीकृति मिलने के बाद इन पर करीब 6.04 करोड रुपए खर्च के जाएंगे। मार्च 2022 तक तीनों प्रयोगशालाओं को शुरू करने की संभावना है।