Delhi से सीधा जुड़ेगा हरियाणा, 194km लंबी बिछाई जाएगी रेलवे लाइन, 32 रेलवे स्टेशनों पर सुविधाएं होंगी उन्नत
New Railway Line Latest News : देश के हर कोने तक सड़क और रेलवे केनक्टिविटी को मजबूत करने के लिए बड़ी-बड़ी परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। अब जल्द ही दिल्ली और हरियाणा रेलवे नेटवर्क के माध्यम से जुड़ने वाले हैं। सरकार ने राजधानी और हरियाणा के बीच 194 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन को मंजूरी दी है। इस रेलवे लाइन के बनने से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इस रेलवे लाइन (Railway Line Project) को 5983 करोड़ रुपये में तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही 32 रेलवे स्टेशनों की भी तस्वीर बदली जाएगी। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं -
HR Breaking News - (Railway Line Project) दिल्ली और हरियाणा के बीच अब कनेक्टिविटी बेहतर होने वाली है। देश की राजधानी को हरियाणा के साथ जोड़ने के लिए नई रेलवे लाइन बनाई जा रही है। यह रेलवे लाइन दिल्ली से सीधे हरियाणा राज्य के अंबाला जिले तक जाएगी। इस रेलवे लाइन पर एक से बढ़कर एक सुविधाएं मिलेंगी। वहीं इसकी वजह से सफर करने में भी काफी आसानी होगी। नई रेलवे लाइन (New Railway Line) के बनने से राज्य के कई जिलों को लाभ पहुंचेगा।
जीटी रोड बेल्ट के लाखों लोगों को मिलेगा लाभ -
नई रेलवे लाइन दिल्ली से अंबाला के बीच बिछाई जाएगी। इसकी वजह से जीटी रोड बेल्ट के लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। बता दें कि ये रेलवे लाइन अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत (Railway Line in Haryana) और सोनीपत से होकर गुजरेगी। इससे रणनीतिक लाभ के साथ ही दिल्ली से पंजाब और जम्मू तक रेल कनेक्टिविटी में सुधार होगा। PM नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में लिए गए फैसले की जानकारी साझा करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Line News) का दावा है कि सेना से लेकर सामान्य यात्रियों के लिए यह महत्वपूर्ण कर दिया है। 194 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर 5983 करोड़ रुपये खर्च होने वाले हैं।
32 रेलवे स्टेशनों पर सुविधाएं होंगी उन्नत -
बता दें कि ये परियोजना दिल्ली से जम्मू (Railway Line Between Delhi to hisar) तक रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण होने वाली है। हरियाणा में ये लाइन अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत से होकर गुजरने वाली है। इसके तहत 32 रेलवे स्टेशनों पर सुविधाओं को उन्नत किया जाएगा।
4 सालों में इसे पूरा प्रोजेक्ट को तैयार करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस परियोजना के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) की जरुरत नहीं पड़ने वाली है। मौजूदा रेल लाइन के साथ-साथ रेलवे की काफी जमीन इसके लिए यूज की जाएगी। नई रेल लाइन पर कुल 29 पुलों का निर्माण होने वाला है। साथ ही में रास्ते में पड़ने वाले पुराने पुलों का पुनर्निर्माण भी कराया जाएगा।
परियोजना पूरी होने में आएगी इतनी लागत-
परियोजना पूरी होने के बाद 43 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइआक्साइड का उत्सर्जन रुकने वाला है। परियोजना पूरी हो जाने के बाद दिल्ली से पंजाब और आगे जम्मू तक कनेक्टिविटी में सुधार होने वाला है। हरियाणा (Railway Line) में इन दिनों कई प्रमुख रेल परियोजनाएं चल रही हैं। इसमें आर्बिटल रेल कारिडोर सबसे बड़ी परियोजना रहने वाली है। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे (Kundli-Manesar-Palwal Expressway) के साथ-साथ बनने वाली नई इलेक्ट्रिक डबल ब्राड-गेज लाइन पलवल से शुरू होकर सोहना, मानेसर और खरखौदा के रास्ते हरसाना कलां (सोनीपत) को कनेक्ट करने वाला है।
इन जिलों को मिलेगा लाभ -
ठीक इसी तरह करनाल-यमुनानगर रेल लाइन (Karnal-Yamunanagar rail line) को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। ये 61 किमी की लाइन इंद्री, लाडवा और रादौर के रास्ते कुरुक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग को सीधे कनेक्ट करने वाली है। जोकि मौजूदा 121 किलोमीटर के मार्ग को कम कर 61 किलोमीटर कर देगी। फिलहाल ये प्रोजेक्ट (Railway Line Project) सर्वे स्तर पर है। रोहतक-महम-हांसी के बीच नई लाइन रोहतक, भिवानी और हिसार जिलों के बीच सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करने वाली है। इससे 20 किमी की दूरी कम हो जाएगी। कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेल ट्रैक जाम से निजात दिलाएगा।
