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Uttar Pradesh में बनेगा हाई स्पीड कॉरिडोर, 30 हजार करोड़ आएगा खर्चा

UP High Speed ​​Corridor : उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढ़ांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार बड़े-बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। प्रदेश में नए शहर डेवलेप किए जा रहे हैं। अब सरकार ने उत्तर प्रदेश में हाई स्पीड कॉरिडोर का निर्माण करने की तैयारी शुरू कर दी है। यूपी में नए एक्सप्रेसवे के बनने से कई बड़े और छोटे शहरों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके साथ ही इनके विकास को भी रफ्तार मिलेगी। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं -

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Uttar Pradesh में बनेगा हाई स्पीड कॉरिडोर, 30 हजार करोड़ आएगा खर्चा

HR Breaking News - (UP new expressway)। उत्तर प्रदेश देश का सबसे मजबूत सड़क कनेक्टिविटी वाला राज्य है। सरकार द्वारा यहां पर एक के बाद एक नए एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। इसके चलते अब प्रदेश देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन गया है। यूपी वालों के लिए एक अच्छी खबर है।

दरअसल, सरकार ने एक और नया एक्सप्रेसवे (New Expressway) बनाने का ऐलान किया है। जल्द ही लखनऊ को गाजियाबाद से जोड़ने वाला नया एक्सप्रेसवे बनेगा। यह एक्सप्रेसवे गाजियाबाद से कानपुर तक होगा, जो बाद में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इस बड़ी परियोजना को पूरा करने के लिए 30 हजार करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोजेक्ट पर फरवरी 2026 में काम शुरू हो जाएगा।

सरकार ने UPDA को सौंपा एक्सप्रेसवे बनाने का काम -

सरकार ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPDA) को इस प्रोजेक्ट का काम पूरा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर से लखनऊ आने-जाने में लोगों को काफी समय लगता है। आम लोगों को ट्रैफिक जाम और खराब सड़कों की समस्या का सामना करना पड़ता है। इससे सफर पूरा करने में काफी ज्यादा समय लग जाता है। इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए नया एक्सप्रेसवे (new expressway) बनाया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश लोक निर्माण राज्य मंत्री बृजेश सिंह के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह एक्सप्रेसवे गाजियाबाद से शुरू होकर कानपुर तक जाएगा। इसके शुरू होने के बाद बहुत कम समय में सफर को पूरा किया जा सकेगा। इससे न केवल आम जनता को फायदा होगा बल्कि प्रदेश की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।

300 से 400 किलोमीटर होगी नए एक्सप्रेसवे की लंबाई -

यह एक्सप्रेसवे कितना लंबा होगा यह अभी फाइनल नहीं हुआ है। अनुमान है कि एक्सप्रेसवे लगभग 300-400 किलोमीटर लंबा होगा। इस एक्सप्रेसवे को 6 लेन बनाया जाएगा। इसे भविष्य में 8 लेन भी किया जा सकता है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (Lucknow-Kanpur Expressway) पहले से ही बन रहा है, जो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Agra-Lucknow Expressway) से जुड़ा है। नया हिस्सा गाजियाबाद से कानपुर तक बनेगा और कानपुर में मौजूदा एक्सप्रेसवे से मिल जाएगा। इससे दिल्ली से लखनऊ तक का सफर सीधा और आसान हो जाएगा। लखनऊ से दिल्ली जाने वालों को लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे के अलावा एक अन्य रास्ता भी मिल जाएगा।

कब होगा एक्सप्रेसवे का निर्माण -

यूपीडा (UPDA) के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि फरवरी 2026 से नए एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। पहले चरण में भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) और डिजाइन का काम पूरा किया जाएगा। इसके बाद पर्यावरण मंजूरी और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जाएंगी। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए करीब 30 हजार करोड़ रुपये का बजट बनाया गया है। इसमें से बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर खर्च होगा, जैसे पुल, फ्लाईओवर और सर्विस रोड।

इस एक्सप्रेसवे से कई जिलों के लाखों लोगों को होगा। गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, इटावा और कानपुर जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। निर्माण के दौरान हजारों मजदूरों को काम मिलेगा. बाद में पर्यटन और व्यापार बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। किसानों की जमीन अधिग्रहण के लिए उचित मुआवजा दिया जाएगा, ताकि कोई असुविधा न हो।

पूर्वांचल और पश्चिमी हिस्सों से जुड़ेगा उत्तर प्रदेश -

उत्तर प्रदेश लोक निर्माण राज्य मंत्री बृजेश सिंह ने बताया कि यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल और पश्चिमी हिस्सों से कनेक्ट करेगा। यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की तरह यह भी हाई-स्पीड कॉरिडोर बनेगा। इस एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। सुरक्षा के लिए CCTV, टोल प्लाजा (toll plaza) और इमरजेंसी सर्विसेज की व्यवस्था होगी। यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश की विकास की दिशा में बड़ा बदलाव लाएगा।