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Hydrogen train : हरियाणा के इस रूट पर शुरू होगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, 82 करोड़ होंगे खर्च

First Hydrogen train : हरियाणा में प्रगति कार्य लगातार बढ़ता चला जा रहा है। बता दें कि अब हरियाणा के एक जिले से पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत होने वाली है। इस प्रोजेक्ट को शुरू करने में सरकार पर 82 करोड़ रुपये का खर्च आने वाला है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से हाइड्रोजन ट्रेन के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।

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Hydrogen train : हरियाणा के इस रूट पर शुरू होगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, 82 करोड़ होंगे खर्च

HR Breaking News (First Hydrogen train in India) हरियाणा में रेलवे नेटवर्क को बढ़ाने के लिए लगातार कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन (Hydrogen train Project) अब हरियाणा में चलने वाली है। ऐसे में इस प्रोजेक्ट की वजह से राज्य में प्रगति को नई रफ्तार मिलेगी। हरियाणा में ट्रेन की शुरुआत होने के बाद ये देश के अन्य राज्यों में भी चलाई जाएगी। खबर के माध्यम से जानिये हरियाणा में चलने वाली इस हाइड्रोजन ट्रेन के बारे में।

 

 

यहां पर चलेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

 

 

बता दें कि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत हो गई है। ये ट्रेन सबसे पहले हरियाणा के जींद से चलने वाली है। बता दें कि ये ट्रेन जींद से रवाना होकर सोनीपत तक जाने वाली है। ट्रेन व हाइड्रोजन प्लांट (Hydrogen train Plant) की टेस्टिंग के लिए लखनऊ से अनुसंधान और विकास संगठन (आरडीएसओ) को कार्य सौंपा गया है। इस संगठन की दो टीम भी जींद पहुंच गई है।

पूरी तरह से भारत में विकसित हुई ट्रेन

लखनऊ से अनुसंधान और विकास संगठन की टीम के द्वारा प्लांट की मशीनों की टेस्टिंग की जा रही है। इसके बाद ट्रेन के उपकरण व अन्य सामान की टेस्टिंग के बाद इसको हरी झंडी दिखाई जाएगी। ये ट्रेन (First Hydrogen train Of India) पूरी तरह से भारत में डिजाइन और विकसित की गई है। इस ट्रेन को आधुनिक रूप से तैयार किया गया है। इस ट्रेन में यात्रियों को कई तरह की हाईटेक सुविधा मिलेगी, जिसके बाद यात्रियों के लिए सफर (First Hydrogen train Route) करना काफी ज्यादा आसान हो जाएगा। ब्रॉड गेज लाइन पर चलने वाली ये दुनिया की सबसे लंबी यानी 10 कोच वाली और सबसे शक्तिशाली यानी 2400 किलोवाट वाली हाइड्रोजन ट्रेन होगी।

1 किलोमीटर की दूरी को तय करने के लिए लगेगी इतनी हाईड्रोजन 

इस ट्रेन में एक साथ 2500 यात्री सफर कर सकते हैं। 360 किलो हाइड्रोजन से ये ट्रेन 180 किलोमीटर का सफर तय कर सकती है। इसका मतलब है कि 1 किलोमीटर की दूरी को तय करने के लिए ट्रेन को 2 किलो हाईड्रोजन (Hydrogen train Route) की जरूरत होगी। इसके साथ साथ डीजल गाड़ी की माईलेज के बारे में बात करें तो ये साढ़े चार लीटर में एक किलोमीटर की माईलेज देती है। इस ट्रेन की अधिकतम स्पीड (Hydrogen train Speed) 140 किमी प्रति घंटे की होगी। 1,200 हॉर्स पावर ये ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित रहने वाली है। इस पर 82 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

यात्रियों को मिलेगी आधुनिक सुविधा 

ट्रेन के कोच चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी में तैयार किए गए हैं। इसके बाद इसका परीक्षण भी सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जर्मनी, जापान, दक्षिण कोरिया, कनाडा, फ्रांस, स्वीडन के बाद हाड्रोजन ट्रेन (Hydrogen train Route) वाला भारत आठवां देश बन गया है जोकि हाइड्रोजन ट्रेन को डिजाइन कर रही है। इस ट्रेन के तहत यात्रियों को सुविधा, सुरक्षा व बेहतर सफर का नया अनुभव मिलेगा। ट्रेन-सेट में दो ड्राइविंग पावर कार (डीपीसी) को शामिल किया गया है। इनमें प्रत्येक की क्षमता 1200 किलोवाट (Hydrogen train Fuel efficiency) व कुल मिलाकर 2400 किलोवाट शक्ति के साथ 8 यात्री कोच लगाए गए हैं।

ट्रेन में सफर करने का लाभ 

  • इस ट्रेन के कोच मेट्रो की तरह की दरवाजे खुलेंगे और बंद होंगे। ऐसे में पूरी तरह दरवाजे बंद होने के बाद ही ट्रेन स्टेशन को छोड़ेगी।
  • ये ट्रेन बिना किसी आवाज के चलेगी इसके साथ ही यात्री आरामदायक सफर (Hydrogen train Benifits) का भी अनुभव कर सकेंगे।
  • सफर के दौरान गाड़ी में आपको पंखे, लाइट और एसी की सुविधा मिलने वाली है।
  • हर कोच में डिस्प्ले को लगाया जाएगा, ऐसे में अगले स्टेशन (Hydrogen train Feature) के बारे में पहले से ही जानकारी दी जाएगी।

ऐसे काम करेगी ट्रेन 

ये ट्रेन शून्य कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन करने वाली है और इसका एकमात्र उत्सर्जन जल वाष्प रहेगा। ट्रेन चलने के दौरान सिर्फ पानी और भाप उत्सर्जित करेगी। इंजन में डीजल की जगह फ्यूल मॅल, हाइड्रोजन और ऑक्सीजन (Hydrogen train india) डाली जाने वाली है। ये ट्रेन ऑक्सीजन की मदद से हाइड्रोजन नियंत्रित ढंग से जलेगी और इससे पैदा होने वाली बिजली लिथियम आयन बैटरी को चार्ज करेगी। जिसके बाद धुएं की जगह सिर्फ भाप ही निकलेगी। ट्रेन से न सिर्फ प्रदूषण कम होगा बल्कि ईधन (hydrogen train india route) के खर्च में भी काफी कमी देखने को मिलेगी।

ट्रेन की इतनी होगी स्पीड 

इस हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के लिए दिल्ली और चेन्नई में लोको पायलटों को ट्रेनिंग दी जा रही है। दिल्ली और जींद के पांच लोको पायलेट इसके संचालन के लिए नियुक्त किये गए है। जारी की गई रिपोर्ट (hydrogen train engine india) के मुताबिक हरियाणा के जींद जिले में मई और जुल में हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन होगा। ये हाइड्रोजन ट्रेन 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से रफ्तार भरेगी।