Haryana में अब मोबाइल फोन में दिखेगी बसों की लोकेशन, एयरपोर्ट जैसे बनेंगे बस अड्डे
HR Breaking News (Haryana News) हरियाणा रोडवेज में सफर करने वाले लोगों के लिए अब एक अच्छी खबर सामने आई है। अब लोगों को घर बैठे मोबाइल के जरिए बसों के समय की रूट की पूरी डिजिटल जानकारी मिल सकेगी। अब हरियाणा में बस अड्डे (Haryana Roadways Updates) एयरपोर्ट जैसे बनाए जाने वाले हैं। इस बदलाव से हरियाणा रोडवेज बस अड्डों की पूरी तस्वीर बदल जाएगी।
परिवहन मंत्री ने कही ये बात
राज्य के परिवहन मंत्री का कहना है कि हरियाणा में अब रोडवेज (haryana roadways updates) को आधुनिक बनाने के लिए ऑटोमैटिक टिकटिंग सिस्टम के साथ ही बस ट्रैकिंग सिस्टम और मोबाइल ऐप को विकसित किया जा रहा हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि यात्रियों को बसों की सटीक जानकारी, पारदर्शिता और सुविधा का फायदा मिल सकें।
नकद लेन-देन के झंझट से छुटकारा
परिवहन मंत्री का कहना है कि रोडवेज बसों में अब पहले से ही ऑटोमैटिक टिकटिंग सिस्टम (Automatic ticketing system in Roadways buses) लगाया जा चुका है, जिसे अब एडवांस किया जा रहा है। आगामी कुछ समय में यात्री पेटीएम, कार्ड और अन्य डिजिटल माध्यम के जरिए टिकट ले सकेंगे। इससे नकद लेन-देन के झंझट से छुटकारा मिलेगा और टिकटों का रिकॉर्ड भी सेफ रहेगा। उनका कहना है कि हर टिकट विधिवत पंच होगा और उसका रिकॉर्ड पूरी तरह से डिजिटल रहेगा।
ऑटोमैटिक टिकटिंग सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता
ऑटोमैटिक टिकटिंग सिस्टम (Automatic ticketing system) से पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही किसी भी तरह की अनियमितता पर रोक लगेगी। विज का कहना है कि फतेहाबाद-हिसार लोकल रास्ते पर चलने वाली सभी बसें भोडा-होशनाक और खाराखेड़ी गांवों के बस स्टॉप पर रेगुलर तौर पर स्टॉप हो सकती है। इस रूट पर हर दिन कुल 66 फेरे लगाए जा रहे हैं, जिससे गांव के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है।
ट्रैकिंग सिस्टम से किन चीजों का चलेगा पता
इस सिस्टम (Digital screens at bus stations) को एडवांस इसलिए बनाया जा रहा है ताकि यात्रियों को बस कब आएगी और अभी कहां है, इन सब समस्या से राहत मिल सकें। परिवहन मंत्री के अनुसार बसों में ट्रैकिंग सिस्टम से बसों का ऐसे ही पता चलेगी, जैसे कि एयरपोर्ट पर विमान की स्थिती का पता चलता है। उनका कहना है कि मैनुअल तरीके से बसों की मॉनिटरिंग (Manual monitoring of buses) करना सही नहीं है, इस वजह से इस सिस्टम से ऐसा किया जा रहा है। ट्रैकिंग सिस्टम से बसें अपनी निर्धारित रूट पर चल रही है या नहीं और तय स्टॉपेज पर रुक रही है या नहीं, इन सब बातों का पता चल जाएगा।
हरियाणा में बस अड्डों पर लगेंगी डिजिटल स्क्रीन
विज का कहना है कि अब हरियाणा में सभी प्रमुख बस अड्डों पर डिजिटल स्क्रीन (Digital screens at bus stations) को लगाया जाने वाला है। इन स्क्रीन कौन-सी बस कहां है और कितने वक्त में बस अड्डे पर पहुंचेगी यह सब जानकारी दिखाई देगी । इससे यात्रियों के समय में भी बचत होगी। विज का कहना है कि बसों की जानकारी के लिए एक मोबाइल ऐप भी विकसित करने का प्लान किया जा रहा है।
इस ऐप के जरिए होगी बसों की निगरानी
हालांकि, कम तकनीकी के चलते ऑटोमैटिक टिकटिंग सिस्टम (Automatic ticketing system) को दोबारा तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं। अब इस ऐप के जरिए यात्रियों को बसों की दूरी का पता चल सकेगा और साथ ही सरकार भी इस ऐप के जरिए बसों की निगरानी कर सकेगी कि बसें सही समय पर आ रही है या नहीं और सही रूट पर चल रही हैं या नहीं।
हरियाणा सरकार विकास को दे रही नई रफ्तार
दरअसल, बता दें कि हरियाणा सरकार प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक मोड पर डालने की दिशा में काम कर रही है। ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री ने विधानसभा के शीतकालीन सेशन में ये हिंट दिया है कि राज्य में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए स्ट्रक्चर (Structure for electric buses) लगभग तैयार हो गया है और आगामी तीन महीनों के अंदर इस व्यवस्था को शुरू किया जा सकता है।
चार्जिंग इकोसिस्टम को मिलेगी मजबूती
ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री (Minister of Energy and Transport) का कहना हे कि सरकार बसों के साथ ही पूरे चार्जिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। उनका कहना है कि प्रदेश में बन रहे इलेक्ट्रिक बस डिपो (Electric bus depot) अब संचालन के लिए तैयार हैं। इन डिपो से आगामी तीन महीनों के अंदर ही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा।
उनका कहना है कि सरकार का फोकस केवल शहर नहीं, बल्कि इसे प्रदेश स्तर पर मॉडल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इससे यातायात का दबाव कम होगा और साथ ही प्रदूषण नियंत्रण में योगदान (Contribution to pollution control) दिया जाएगा। एक सवाल के दौरान विज ने जवाब में कहा कि शहर को अलॉट हुई 50 बसों में से 15 तो आ भी चुकी है और बाकी बची बसें तीन महीनों के भीतर ही मिल जाएंगी।
सिस्टम के पीछे सरकार का मकसद
मंत्री का कहना है कि इस सिस्टम को इसलिए अपनाया जा रहा है ताकि बसों का संचालन, चार्जिंग और मेंटेनेंस की व्यवस्था सुचारू हो सकें। उनका कहना है कि सरकार का मकसद आगामी समय में रोडवेज के बेड़े में ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसों को जोड़ना है। विज का कहना है कि प्रदेश के बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन (Haryana Public transport) अट्रेक्टिव बनेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता भी घटेगी।
हाईवे और प्रमुख मार्गों पर होने चाहिए चार्जिंग स्टेशन
ऊर्जा मंत्री ने क्लियर किया है कि हरियाणा में इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार में(Expansion of electric vehicles in Haryana) चार्जिंग स्टेशनों की कमी सबसे बड़ी चुनौती है। उनका कहना है कि भले ही आज इलेक्ट्रिक कार और बसें आ गई है, लेकिन फिर भी चार्जिंग स्टेशन की संख्या कम हैं। उदाहरण देते हुए मंत्री ने कहा कि अगर कोई फैमिली लॉन्ग ट्रिप पर जाती है, तो वापस लौटते समय वह गाड़ी चार्ज नहीं कर सकता। इस वजह से यह जरूरी है कि हाईवे और प्रमुख मार्गों पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएं।
अन्य सुविधाएं भी होना है अनिवार्य
विज ने एडवाइज दी है कि चार्जिंग स्टेशन अब सिर्फ तकनीकी सुविधा तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि जब किसी वाहन को चार्ज होने में लगभग 1 से 2 घंटे का वक्त लगता है, तो ऐसे में यात्रियों के लिए रेस्ट एरिया, रेस्तरां और रिफ्रेशमेंट जैसी सुविधाएं भी मौजुद कराना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सिर्फ पेट्रोल पंप पर चार्जिंग प्वाइंट (Charging points at petrol pumps) बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी, इसके लिए रास्ते में कुछ बुनियादी सुविधाएं भी होना जरूरी है।
प्रदेश के चार्जिंग नेटवर्क को मिलेगी तेज गति
ऐसे में हरियाणा में चार्जिंग नेटवर्क (Charging network in Haryana) को नई रफ्तार देने के लि सरकार की ओर से ऊर्जा विभाग को नोडल एजेंसी बनाया है। यह एजेंसी कई जगहों पर चार्जिंग स्टेशन बनाने के प्लान पर काम कर रहा है, ताकि लोग आसानी से इलेक्ट्रिक वाहनों का चार्ज कर सकें। कैबिनेट मंत्री का कहना है कि इस दिशा में अब तेजी से काम किया जा रहा है, जिसे निजी क्षेत्र और वाहन निर्माता कंपनियों की हिल्प से भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
