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Indian Railway Rules : ट्रेन लेट होने पर कितना मिलेगा रिफंड, जानिये रेलवे का नियम

IRCTC ticket refund rules: सफर के दौरान कई बार ट्रेन लेट हो जाती है, खासकर ठंड के दिनों में ट्रेनों के लेट होने का सिलसिला जरा ज्यादा होता है. इसके अलावा ट्रेन के रद्द होने, रूट चेंज, बीच सफर में कैंसिल होने और एसी फेल होने पर भी आप रिफंड फाइल कर सकते हैं. आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से.
 
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HR Breaking News (नई दिल्ली)।  ट्रेनों का लेट या कैंसल होना आम बात है. अक्सर ठंड या अत्यधिक बारिश के चलते ट्रेन लेट हो ही जाती है. लेकिन क्या आपको पता है आप ट्रेन लेट होने की स्थिति में टिकट का पूरा पैसा वापस पा सकते हैं. आज हम आपको रेलवे के इस नियम के बारे में बताने जा रहे हैं. रेलवे से यात्रा करने वाले काफी यात्रियों को इन नियमों के बारें में पता ही नहीं होता है. जिसके चलते वो अपने हक से वंचित रह जाते हैं.


वैसे तो रेलवे ने ट्रेन को समय से चलाने के लिए काफी सुधार किया है, लेकिन फिर भी काफी ट्रेन समय से नहीं चलती जिसकी वजह से यात्रियों को तरह-तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अगर आप ट्रेन से अक्सर सफर करते हैं तो आपको यह पता होना बेहद जरूरी है.


क्या है रेलवे का नियम


रेलवे के नियमों के अनुसार, अगर ट्रेन किन्हीं कारणों से कैंसिल होती है या 3 घंटे या उससे ज्यादा समय से देरी से चल रही है, तो यात्री पूरा रिफंड ले सकता है. भारतीय रेलवे ट्रेनों के रद्द होने या ज्यादा देरी से चलने पर टिकट कैंसिल कराने पर यात्रियों को पूरा रिफंड देता है. हालांकि, ज्यादातर यात्रियों को इस बारे में पता नहीं होता है. यदि आपने टिकट काउंटर से लिया है तो कैंसिल करने के लिए रिजर्वेशन काउंटर पर जाना होता है. यदि आपने अपना टिकट ऑनलाइन लिया है, तो IRCTC की वेबसाइट के जरिए तिकट कैंसिल कर सकते हैं.

दाखिल करें ऑनलाइन टीडीआर 


यदि चार्ट तैयार होने के बाद आपकी ट्रेन लगातार लेट होती है, तो टिकट रद्द करने के लिए टीडीआर दाखिल करें. अगर आपने टिकट काउंटर से टिकट लिया है तो आपको यात्रा शुरू करने वाले स्टेशन यानी अपने बोर्डिंग स्टेशन पर अपना टिकट सरेंडर करना होगा जिसके बाद आपको रिफंड मिल जाएगा. वहीं ऑनलाइन तरीके से आप टीडीआर फाइल करके ई-टिकट पर रिफंड पा सकते हैं. आपको बता दें कि रिफंड आने में कम से कम तीन महीने यानी 90 दिनों का समय लगेगा.


ट्रेन कैंसिल होने पर ऑटेमैटिक मिल जाता है रिफंड


इसके अलावा अगर भारतीय रेलवे द्वारा कोई ट्रेन रद्द कर दी जाती है, तो यात्रियों को ऑटोमैटिक प्रोसेस से पूरा रिफंड मिलता है. ऑनलाइन खरीदे गए ई-टिकट की राशि 3 से 7 दिनों के अंदर बैंक खाते में आ जाती है. पीआरएस (यात्री आरक्षण प्रणाली) काउंटर टिकटों के लिए यात्रियों को संबंधित पीआरएस काउंटर से रिफंड लेना होगा. इस रिफंड का दावा करने के लिए यात्रियों को ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान के 3 दिनों के भीतर टिकट सरेंडर करना होगा.