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Delhi-NCR वालों को नए एक्सप्रेसवे की सौगात, जमीन खरीद के लिए 56 गांव की लिस्ट तैयार

New Expressway in Delhi : दिल्ली व एनसीआर के अन्य राज्यों और जिलों के साथ जोड़ने के लिए सरकार नए हाईवे, एक्सप्रेसवे का निर्माण करवा रही है। अब दिल्ली-एनसीआर वालों क लिए एक अच्छी खबर है। दरअसल, दिल्ली एनसीआर (Delhi New Expressway) में 74.3 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए 56 गांव को चिन्हित किया गया है। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं यह एक्सप्रेसवे किस रूट से निकलेगा।   

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Delhi-NCR वालों को नए एक्सप्रेसवे की सौगात, जमीन खरीद के लिए 56 गांव की लिस्ट तैयार 

HR Breaking News - (Delhi New Expressway)। देश की राजधानी दिल्ली व एनसीआर एक विशाल क्षेत्र है जो तेजी से विकसित हो रहा है। सरकार यहां कई बड़ी परियोजना लेकर आई है। सरकार के इस कदम से दिल्ली-एनसीआर के विकास को पंख लग गए हैं। अब दिल्ली-एनसीआर की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए के बाद एक नये एक्सप्रेसवे बनाए जा रहे हैं, इसी कड़ी में सरकार एक नया लिंक एक्सप्रेसवे (New Link Expressway) बनाने का प्लान तैयार किया है जिससे लाखों लोगों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। 


इस एक्सप्रेसवे के बनने से कई छोटे गांवों को कनेक्टिविटी मिलेगी। वहीं विकास को भी रफ्तार मिलेगी। रिपोर्ट के अनुसार इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए करीब 56 गांव की जमीन को लिस्ट में शामिल किया गया है। इससे किसानों की जमीन के रेट (Delhi-NCR land rate hike) सातवें आसमान पर पहुंच जाएंगे। बता दें कि यह नया लिंक एक्सप्रेसवे NCR को पूर्वांचल से जोड़ेगा। जिससे आवगमन सुगम होगा। दिल्ली से पूर्वांचल तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी भी मिलेगी। इससे समय के साथ ईंधन की बचत होगी। 
 


फिल्म सिटी के पास कनेक्टिविटी होगी मजबूत - 


यह लिंक एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना इलाके में गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के 44.3 किलोमीटर चेनज से शुरू होगा और यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-21 (फिल्म सिटी के पास) से कनेक्ट होगा।

1246 करोड़ में खरीदी जाएगी 740 एकड़ जमीन -

दिल्ली व एनसीआर में बनने वाला नया एक्सप्रेसवे (Delhi New Expressway) 56 गांव से होकर गुजरेगा। इसलिए 56 गांव की जमीन प्रभावित होगी। इसमें गौतम बुद्ध नगर के 8 गांव और बुलंदशहर के 48 गांव शामिल हैं, जिनमें खुर्जा, बुलंदशहर, स्याना और शिकारपुर तहसील के गांव शामिल हैं। YEIDA क्षेत्र के 16 गांवों में करीब 740 एकड़ जमीन अधिग्रहित की जाएगी, जिसकी अनुमानित लागत 1246 करोड़ रुपये है। हाल ही में रिपोर्ट सामने आई है कि भूमि अधिग्रहण का काम जल्द ही शुरू होगा। 


 नोएडा मॉडल पर बनेगा नया एक्सप्रेसवे  -


इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि यह नोएडा-ग्रेटर नोएडा मॉडल (Noida-Greater Noida model) पर बनेगा। यह 130 मीटर चौड़ा एक्सप्रेसवे होगा, जिसमें 80 मीटर का मुख्य कैरिजवे और दोनों तरफ 25-25 मीटर की सर्विस लेन होंगी. यमुना सिटी के 20 किलोमीटर के हिस्से में, 11 किलोमीटर जमीन पर और 9 किलोमीटर एलिवेटेड बनाया जाएगा।


दिल्ली में इन सेक्टरों को मिलेगी कनेक्टिविटी -

 


नया एक्सप्रेसवे (New Expressway) बनने से कई सेक्टरों की इंटरकनेक्टिविटी मजबूत होगी। यमुना सिटी के सेक्टर 4, 4A (कोरियन), 5 (प्राइम रेजिडेंशियल), 5A (जापानी), 10 (इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर), 11 (फिनटेक), 21 (फिल्म सिटी), 28 (सेमीकंडक्टर), और 33-34 (इंडस्ट्रियल) सीधे जुड़ जाएंगे।

 


नया एक्सप्रेसवे बनने से होंगे ये फायदे - 


इस नये लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से कई फायदे होंगे। मेरठ से जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport), दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और आगरा तक गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए यात्रा आसान हो जाएगी। सफर पहले से तेज होगा जिससे समय की बचत होगी।  इसके साथ ही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को दिल्ली से प्रयागराज तक सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्गो आवाजाही आसान होगी, जिससे निवेश और रोजगार बढ़ेगा। पश्चिमी यूपी के हापुड़ और संभल जैसे जिलों को भी फायदा होगा। 


इस दिन पूरा होगा जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया - 


योगी सरकार ने इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता दी है। हाल ही में, सप्लीमेंट्री बजट में 1246 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस एक्सप्रेसवे के लिए  जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) को पूरा करने का लक्ष्य मार्च 2026 तक रखा गया है। यह लिंक न सिर्फ ट्रांसपोर्टेशन को मजबूत करेगा, बल्कि इस क्षेत्र में रिहायशी और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को भी नई गति देगा। जेवर एयरपोर्ट की उपयोगिता कई गुना बढ़ जाएगी। 

एक्सप्रेसवे बनने में आएगा इतना खर्च - 


सरकार ने नया लिंक एक्सप्रेसवे बनाने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPDA) को सौंपी है। यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे 74.3 किलोमीटर का होगा। इस एक्सप्रेसवे पर लगभग 4000 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे। यह लिंक मेरठ, बुलंदशहर और प्रयागराज से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) तक पहुंच को आसान बनाएगा।