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New Railway Line : रिंग रोड के समानांतर बनेगी नई तीसरी और चौथी रेल लाइन 

New Railway Line : उत्तर प्रदेश में रेलवे नेटवर्क को बढ़ाने पर लगातार जोड़ दिया जा रहा है। प्रदेश के सभी शहरों को रेलवे कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। अब यूपी वालों के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल रिंग रोड के समानांतर तीसरी और चौथी नई रेल लाइन बनाई जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने से हजारों लोगों को सीधा फायदा होगा।

 
New Railway Line : रिंग रोड के समानांतर बनेगी नई तीसरी और चौथी रेल लाइन 

HR Breaking News - उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख जिलों को रेलवे कनेक्टिविटी के जरिए जोड़ने पर काम किया जा रहा है। गाजियाबाद और सीतापुर के बीच नई रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। दरअसल इन दोनों जिलों के बीच यह तीसरी और चौथी नई रेल लाइन परियोजना है।

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस परियोजना को जल्द पूरा करने के लिए काम तेजी पर है। रेलवे लाइन (New Railway Line Update) निर्माण के लिए जगह का आखरी सर्वे पूरा हो गया है। बरेली में यह रेल लाइन झुमका तिराहा रजऊ परसपुर रिंग रोड के साथ-साथ बनाई जाएगी। नई रेल लाइन मौजूद स्टेशनों को बाईपास करेंगी और रामगंगा के पास न्यू बरेली जंक्शन (New Bareilly Junction) के नाम से नया रेलवे स्टेशन बनाने की संभावना है। 


14926 करोड़ की लागत से बनेगी तीसरी और चौथी रेल लाइन - 

गाजियाबाद और सीतापुर (Ghaziabad and Sitapur new railway line) के बीच इस तीसरी और चौथी रेलवे लाइन की लंबाई 404 किलोमीटर होगी। केंद्र सरकार ने इस रेलवे लाइन परियोजना के लिए अप्रैल में 14926 करोड रुपए को मंजूरी दी थी। बता दें कि परियोजना में कुल 859 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक बिछाया जाएगा। यह दिल्ली गुवाहाटी हाई डेंसिटी नेटवर्क का हिस्सा है। गाजियाबाद मुरादाबाद बरेली रोजा के बीच मौजूदा लाइन का उपयोग क्षमता से कहीं अधिक 168% तक पहुंच चुका है।


परसाखेड़ा से रिंग रोड रोड साथ-साथ बनेगी नई रेलवे लाइन - 


रामगंगा के पास नया बरेली जंक्शन (New Bareilly Junction) बनने से यहां बरेली चंदौसी-अलीगढ़ और बरेली कासगंज मथुरा रेल लाइनों को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। स्थानीय रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सर्वे और नक्शे का काम पूरा होने के बाद रिपोर्ट मंडल मुख्यालय को भेजी गई है। तीसरी और चौथी लाइन परसाखेड़ा से रिंग रोड रोड के साथ-साथ होने से औद्योगिक क्षेत्र में आने वाले कच्चे माल और उत्पादन को भी एक जगह से दूसरी जगह भेजना आसान हो जाएगा। साल 2021 तक इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 


इस रूट पर सरकारी जमीनें होने से नहीं करना होगा ज्यादा खर्चा - 


परसाखेड़ा से टिसुआ (Parsakheda to Tisua Rail Route) तक आने वाले रूट पर ज्यादातर जमीन ने सरकारी है। रामगंगा के आसपास भी सिंचाई विभाग, NHAI, सेना और ग्राम पंचायतोंकी जमीन है। ऐसे में इस रूट पर नई रेल लाइन बिछाने के लिए भूमि अधिग्रहण पर अधिक बजट खर्च नहीं करना होगा। दूसरी वजह यह भी है कि यहां बरेली होकर गुजरने वाली सभी रेल लाइनों और रिंग रोड (ring road) को भी कनेक्टिविटी मिलेगी। रामगंगा से 20 किलोमीटर पर भमोरा में औद्योगिक क्षेत्र का भी विस्तार होगा।


इन स्टेशनों को बाईपास करेगी नई रेलवे लाइन - 


बरेली के दिल्ली गुवाहाटी रूट (Delhi Guwahati Rail Route) पर ट्रेनों का ज्यादा दबाव है। ऐसे में नई लाइन बिछने से यात्रियों का सफर आसान होगा। इसके साथ ही परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र रिंग रोड रामगंगा क्षेत्र शहर के बाहरी हिस्सों के बीच नया रेल संपर्क भी मजबूत होगा। इसके साथ ही भविष्य की औद्योगिक और शहरी विस्तार के लिए नया परिवहन ढांचा तैयार होगा। इस रेल परियोजना में बरेली जंक्शन (Bareilly Junction) के अलावा हापुड़, मुरादाबाद, रामपुर, शाहजहांपुर और सीतापुर के स्टेशनों को भी बाईपास किया जाएगा। 


नई रेलवे लाइन बनने से होगा ये फायदा - 


बता दें की तीसरी और चौथी रेल लाइन (New Railway Line) परसाखेड़ा से बिटोरा होते हुए गुजरेगी। बिटोरा स्टेशन पर कंटेनर डिपो का काम शुरू हो गया है। यहां फुटओवर ब्रिज और अन्य यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। नई रेल लाइन पूरी तरह से शहर के बाहर होने पर औद्योगिक क्षेत्र को बड़ा फायदा होगा। रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का दबाव भी काम हो जाएगा।