New Rules : वाहन चालकों के लिए बड़ी खबर, एक तारीख से बदल रहा है पेट्रोल से जुड़ा यह नियम
Petrol New Rule : वाहन चलाकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दें कि अब एक तारीख से पेट्रोल से जुड़े नियम बदलने वाले हैं। वाहन चालकों को भी इस बात को जरूर जान लेना चाहिए। अब पेट्रोल का टाइप पूरी तरह से बदल जाएगा। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं।
HR Breaking News (Rule change for 1 april) आज के समय में हर व्यक्ति के घर में कोई न कोई साधन तो जरूर होता है जो पेट्रोल से चलता है। ऐसे में अगर आप भी पेट्रोल (Petrol new rule) से चलने वाले वाहन को चलाते हैं तो ये खबर आपके काफी काम की हो सकती है, क्योंकि अब सरकार ने पट्रोल से जुड़ा एक अहम फैसला किया है। आइए खबर के माध्यम से जानते हैं इस बारे में।
95 RON बेचना होगा जरूरी-
केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में कम से कम 95 RON (research octane number) वाला ई20 पेट्रोल (E20 Petrol) (20 प्रतिशत एथनॉल मिश्रित) बेचना अनिवार्य कर दिया है। तेल मंत्रालय ने 17 फरवरी की अधिसूचना में साफ निर्देश जारी कर दिया है कि सभी तेल कंपनियां भारतीय मानक ब्यूरो (Indian Standards Bureau) के मानकों के अनुसार 20 फीसदी तक एथनॉल मिला पेट्रोल, न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) 95 के साथ बेचेंगी।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होगा नियम-
यह नियम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होने वाले हैं। जानकारी के लिए बता दें कि E20 पेट्रोल की कीमत (E20 petrol price) 97 रुपए से 106 प्रति लीटर तक जा यकती है। सरकार ने ये भी बताया है कि खास परिस्थितियों में, सीमित समय और विशेष क्षेत्रों के लिए छूट दी जा सकती है।
इस वजह से लिया ये अहम फैसला-
एथनॉल गन्ना, मक्का और अनाज से बन जाता है। साथ ही में ये देश में ही तैयार होता है और पेट्रोल से ज्यादा साफ जलता है। इसकी वजह से कच्चे तेल के आयात में कमी देखने को मिलती है। वहीं प्रदूषण घटाने (E20 petrol price Hike) में मदद मिलती है। किसानों को फायदा होगा क्योंकि गन्ने और मक्का की मांग में बढ़ौतरी देखने को मिलेगी। तेल मंत्रालय के अनुसार, 2014-15 से अब तक पेट्रोल में एथनॉल मिलाने से भारत ने 1.40 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा विदेशी मुद्रा की बचत की जा सकेगी।
RON 95 इस वजह से है जरूरी-
आरओएन यानी रिसर्च ऑक्टेन नंबर (Research Octane Number), ईंधन की 'नॉकिंग' से बचाव की क्षमता का मापन करता है। नॉकिंग तब होती है, जब इंजन में ईंधन असमान रूप से जलता है, इसकी वजह से आवाज, पावर की कमी और लंबे समय में इंजन को नुकसान हो सकता है। जितना ज्यादा RON (RON Kya hota h) होता है उतना बेहतर इंजन प्रोटेक्शन मिल जाता है। एथनॉल का ऑक्टेन वैल्यू करीब 108 RON होता है, इस वजह से 20 प्रतिशत मिश्रण से पेट्रोल की गुणवत्ता सुधरती है।
गाड़ियों पर पड़ेगा ये प्रभाव-
उद्योग के अधिकारियों के मुताबिक, 2023-25 के बाद बनी ज्यादातर गाड़ियां E20 के अनुकूल होती है और इसकी वजह से कोई बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। हालांकि, पुरानी गाड़ियों में 3-7 प्रतिशत तक माइलेज (E20 petrol Benifits) कम हो सकता है। वहीं रबर या प्लास्टिक पार्ट्स पर हल्का प्रभाव पड़ सकता है। सरकार ने 10 प्रतिशत एथनॉल मिश्रण का लक्ष्य जून 2022 में समय से पहले हासिल कर लिया था। इसके बाद 20 प्रतिशत लक्ष्य को 2030 से घटाकर 2025-26 तक कर दिया गया है। फिलहाल देश के ज्यादातर पेट्रोल पंप पर E20 पर ही उपलब्ध होते हैं।
