Property Dispute Act : प्रोपर्टी विवाद में लगती हैं ये धाराएं, इस तरीके से खत्म कर सकते हैं जमीनी विवाद
Property Dispute Law : जमीन का विवाद होना आम बात हो चुका है, लेकिन जमीन के विवाद को सुलझाना आम बात नहीं है। इसके लिए कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने पड़ते हैं। ना जाने कितने चक्कर काटने पड़ जाएं। प्रोपर्टी विवादों (Property Dispute Act) को लेकर कई कानून बने हुए हैं, जिनमें अलग अलग धाराओं के तहत कार्रवाई की जाती है। लेकिन, कुछ तरीके हैं जिनसे हम जमीन के विवाद (Property Dispute) को खत्म कर सकते हैं। आइए इस लेख में जानते हैं।
HR Breaking News (Property Dispute Act) : जमीन का विवाद घर-घर की कहानी बन चुका है। कोर्टों में जमीन से जुड़े मामलों के लाखों केस विचाराधीन होंगे। शायद ऐसा भी हो सकता है कि आपका भी कोई न कोई प्रोपर्टी विवाद (Property Dispute) हो। आपका नहीं तो आपके किसी न किसी खास जानकार का जरूर मिल जाएगा।
वह आपसे सलाह भी लेता होगा, लेकिन क्या आपको प्रोपर्टी के विवाद (Property Dispute Act) में लगने वाली धाराओं का पता है। प्रोपर्टी के विवाद में कौन कौन सी धाराएं लगती हैं। प्रोपर्टी विवाद को सुलझाने के कानूनी पहलू (property dispute law) क्या हो सकते हैं। आइए जानते हैं।
बढ़ते चले जाते हैं मतभेद
प्रोपर्टी से जुड़े विवादों में (property dispute act) अधिकत्तर लोगों को इन्हें निपटाने की जानकारी नहीं होती। जमीन संबंधी विवादों (land disputes) की कानूनी धाराओं से भी अनभिज्ञ रहते हैं। कैसे कानूनी तौर पर (Legal Clauses) प्रोपर्टी के विवाद से बच सकते हैं, ये सब नहीं जानते। आम परिवारों में अकसर ऐसी दिक्कते आती हैं और मतभेद (Property Dispute) बढ़ते चले जाते हैं।
कानूनी जानकारी होना है जरूरी
अगर किसी को प्रोपर्टी विवाद (Property Dispute) हो गया है तो उसको कानूनी जानकारी होना बहुत जरूरी है। जमीन के विवाद(land related matters) में कानूनी प्रावधान और धाराओं (Legal Provisions and Sections) के लिए केवल वकील के भरोसे काम नहीं चलेगा। खुद को जानकारी होना भी बेहद जरूरी होता है। इस प्रकार के मामलों में आप कैसे कानून का सहारा लें, ये आपको पता होना चाहिए।
धारा 406 (section 406)के बारे में जानें
कई बार विवाद भरोसा उठने पर होते हैं। कुछ लोग भरोसे का गलत फायदा उठा लेते हैं। वह विश्वास और भरोसे का फायदा उठा सामने वाले की संपत्ति (Property) हड़प लेते हैं। यानी उसकी सम्पत्ति पर अपना कब्जा (land grab) कर लेते हैं। इस दौरान धारा 406 के अंदर व्यक्ति अपनी शिकायत कर सकता है।
धारा 467 (Section 467) में है ये प्रावधान
संपत्ति के लिए सबसे जरूरी दस्तावेज होते हैं। कई बार लोग जमीन या अन्य संपत्ति को जाली दस्तावेज (forged document) बनवा लेते हैं। वह नकली कागजातों के आधार पर संपत्ति (Property Dispute) को हथिया लेते हैं। ऐसे में उनके कब्जे को हटवाने के लिए ऐसे केस में पीड़ित धारा 467 (IPC section 467) के तहत केस दर्ज करवा दें। ऐस मामले काफी संख्या में आते हैं। इस तरह के मामलों को संज्ञेय अपराध (Serious crime) की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें कोई समझौता नहीं हो सकता है।
धारा 420 में आते हैं ये मामले
धारा 420 का संबंध धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के मामलों से है। धारा 420 (Section 420) के तहत संपत्ति और जमीन के मामलों में भी शिकायत दी जा सकती है। इसमें कानूनी लड़ाई लड़कर संपत्ति पर कब्जा (Property Dispute Act) वापस लिया जा सकता है।
सिविल कानूनों में भी आते हैं प्रोपर्टी विवाद (Property Dispute Civil Laws)
संपत्ति विवाद (Property Dispute) का निपटान केवल क्रिमिनल ही नहीं, सिविल प्रक्रिया से भी हो सकता है। अकसर, सिविल प्रक्रिया में लंबा समय लगता है। वहीं, यह प्रक्रिया क्रिमिनल (Property Dispute Act) की बजाय सस्ती और आसान है। गैरकानूनी तरीके से संपत्ति पर कब्जा (illegal possession) इस प्रक्रिया के तहत हटाया जा सकता है।
स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट का लें सहारा (Specific Relief Act 1963)
संपत्ति के मामलों में त्वरित न्याय (speedy justice) के लिए स्पेसिफिक रिलिफ एक्ट बनाया गया है। इस कानून की धारा-6 के अनुसार व्यक्ति से उसकी संपत्ति के अवैध कब्जे को खाली कराया जाता है। धारा-6 में आसानी से जमीन का कब्जा (Property Dispute Act) वापस मिल जाता है। इसके कुछ कानूनी प्रावधान हैं, जो जानने जरूरी हैं।
धारा-6 में है ये कानूनी प्रावधान
स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट की धारा छह (Section-6) के तहत कोर्ट अगर एक बार आदेश पारित कर दे तो वह उसके बाद उस पर अपील नहीं की जा सकती है। यह धारा जब ही प्रयोग होती है तब जमीन पर कब्जा 6 महीने के अंदर किया हो। इससे अधिक समय के मामले में ये धारा नहीं लगेगी। ऐसे मामलों में सामान्य सिविल प्रक्रिया (Property Dispute Act) से ही गुजरना होगा। सरकार के विरूद्ध इस धारा में केस नहीं किया जा सकता है।
