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Split AC : सोते समय कितना चलाना चाहिए AC, आपको पता होनी चाहिए ये बात

पिछले साल के मुकाबले इस बार गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। कई जगहों पर तापमान 50 डिग्री तक पहुंच गया था। ऐसे झुलसा देने वाली गर्मी से बचने के लिए लोगों ने घरों में AC लगवाया। दिनभर काम करने के बाद रात को चैन से नींद पूरी हो इसके लिए लोग पूरी रात AC चलाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोते समय एसी कितने डिग्री पर चलाना चाहिए। अगर नहीं जानते हैं तो चलिए नीचे खबर में जानते हैं - 

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HR Breaking News (ब्यूरो)। Air Conditioner and Sleep Quality : गर्मी की तपिश से बचने के लिए इन दिनों घर घर में एसी का इस्‍तेमाल किया जा रहा है. खासतौर पर रात के वक्‍त तो एसी के बिना लोगों को नींद ही नहीं आ रही. दरअसल, रूम का तापमान आपकी नींद को काफी प्रभावित करता है. खासतौर पर अगर आपके आसपास का तापमान अगर बहुत अधिक गर्म या ठंडा है, तो इससे गहरी नींद में जाने में काफी परेशानी होती है. इसलिए अगर आप गर्मी से बचने के लिए एसी का इस्‍तेमाल करते हैं तो यह जानना जरूरी है कि कितने टेंपरेचर में अच्‍छी नींद आती है.

एक रिपोट के मुताबिक, गहरी नींद के लिए आइडियन एसी टेंपरेचर 18 डिग्री सेल्सियस को माना जाता है. हालांकि ये हर किसी के पसंद पर भी निर्भर करता है. इस तरह आप 15.6 से 19.6 डिग्री सेल्सियस के बीच गहरी नींद का आनंद उठा सकते हैं. हालांकि 23 डिग्री सेल्सियस भी सोने के लिए अच्‍छा तापमान माना जाता है.

एसी में सोने के फायदे- गर्मी के मौसम में अगर आप एसी में सोना पसंद करते हैं तो इसके फायदे भी हैं. इससे आप डिहाइड्रेशन, हीट स्‍ट्रोक, थकान आदि से बच सकते हैं. अगर आप एसी में एयर फिल्‍टर का इस्‍तेमाल करते हैं तो इससे आप पोलेन, माइक्रोब्‍स, बैक्‍टीरिया आदि से बचे रहते हैं. जिससे अस्‍थमा, स्‍वांस तंत्रिका संबंधित बीमारियों से बचे रह सकते हैं.

एसी में सोने के नुकसान- गर आप एसी को रेग्‍युलर क्‍लीन कराते रहें और एसी यूनिट के मेंटेनेन्‍स पर ध्‍यान दें तो सोते वक्‍त एसी का इस्‍तेमाल सेफ हो सकता है. दरअसल, गंदे एसी में डस्‍ट, बैक्‍टीरिया, जर्म, फंगस हो जाते हैं जो चलने पर हमारी सांस में जा सकते हैं और इससे बचने के लिए एसी फिल्‍टर आदि को क्‍लीन कराना बहुत जरूरी होता है. क्‍लीनिंग के अभाव में आप तरह तरह के एलर्जी, बैक्‍टीरिया आदि के शिकार हो सकते है.

अधिक ठंड में क्‍यों नहीं आती नींद- बहुत ठंडे कमरे में सोने से नींद आना और गहरी नींद आना कठिन हो सकता है. 2021 एनिमल पर किए गए एक अध्ययन में पता चला है कि 23°C की तुलना में 15°C और 18°C के तापमान में नींद की क्‍वालिटी खराब होती है और बार बार नींद टूटना, गहरी नींद ना आने की समस्‍या होती है. यही नहीं, कम तापमान ने ब्‍लडप्रेशर और हार्ट रेट बढ़ने की समस्‍या हो सकती है. इसलिए हेल्‍दी रहने के लिए एसी का सही तरीके से इस्‍तेमाल करना जरूरी होता है.