थर्मल पावर प्लांट खेदड़ में लगेगी तीसरी यूनिट, 2000 मेगावाट बिजली का होगा उत्पादन
HR Breaking News (Thermal Power Plant) हिसार में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अब खेदड़ थर्मल प्लांट में नई यूनिट स्थापित की जाने वाली है। अब तीसरी यूनिट (Third unit in thermal power plant) स्थापित होने के बाद बिजली उत्पादन बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। इससे 2000 मेगावाट बिजली उत्पादन हो सकेगा। खबर में जानिए हिसार के इस नए प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से-
कंसल्टेंसी एजेंसी को किया हायर
दरअसल, आपको बता दें कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय (Union Environment Ministry) से राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट (Rajiv Gandhi Thermal Power Plant) खेदड़ में 800 मेगावाट की अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल विस्तार इकाई के लिए पर्यावरणीय मंजूरी के लिए अप्लाई किया जा रहा है। साथ ही कंसल्टेंसी एजेंसी भी हायर की है। नई 800 मेगावाट इकाई को लेकर कोल लिंकेज मिल गया है। नई यूनिट के बाद अब ईकाई के निर्माण को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। कंसल्टेंसी एजेंसी हायर करने के बाद अब एजेंसी यहां जमीन, आदि का कार्य देखेगी।
राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ की क्षमता
बिजली उत्पादन क्षमता की बात करें तो अभी राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ की क्षमता (Capacity of Rajiv Gandhi Thermal Power Plant Khedar) 1200 मेगावाट बिजली उत्पादन की है, जहां अभी 600-600 मेगावाट की दो इकाइयां हैं। तीसरी इकाई के शुरू होते ही प्लांट की बिजली उत्पादन क्षमता 2 हजार मेगावाट हो जाने वाली है। खेदड़ प्लांट का निर्माण का काम साल 2007 में शुरू हुआ था और साल 2010 में यहां दो इकाई की शुरुआत की गई थी।
नई यूनिट लगने से बढ़ेगी बिजली उत्पादन क्षमता
खेदड़ प्लांट में नई यूनिट (New unit at Khedar plant) लगने से बिजली उत्पादन क्षमता में इजाफा होगा, जिससे हरियाणा में बिजली सप्लाई सुचारू होगी। इससे पहले खेदड़ प्लांट की पहले 1200 मेगावाट क्षमता की दोनों यूनिट वर्ष 2010 में बनी थीं, बीते 16 साल में प्रदेश में बिजली उपभोक्ता बढ़ने के साथ ही लोड भी बढ़े हैं।
ऐसे में अब यह नई यूनिट अत्याधुनिक अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल तकनीक पर बेसड होगी, जो कम कोयले में ज्यादा बिजली का उत्पादन करेगी। नई यूनिट लगने से बिजली की भारी मांग पूरी हो सकेगी। साथ ही निर्माण और संचालन के दौरान स्थानीय स्तर पर तकनीकी और गैर-तकनीकी इलाकों में रोजगार बढ़ सकेंगे।
वर्तमान में हैं 600-600 मेगावाट की दो ईकाईयां
अभी वर्तमान में तो हिसार के राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट खेदड़ (Rajiv Gandhi Thermal Power Plant Kheda) में 600-600 मेगावाट की दो ईकाईयां मौजूद हैं, जिसमे पहली इकाई मार्च 2010 में शुरू की गई थी और दूसरी इकाई अक्टूबर 2010 में शुरू हुई थी। अभी प्लांट से सालाना तकरीबन 8,400 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होता है और अपनी तय क्षमता पर यह हर रोज लगभग 288 लाख यूनिट बिजली की सप्लाई करती है।
खेदड़ प्लांट की एक ईकाई 55 दिन रहेगी बंद
खेदड़ प्लांट की एक ईकाई (Khedar Plant Unit) अभी ओवरहोलिंग के चलते 55 दिन के लिए बंद रहने वाली है। यूनिट की टर्बाइन की सर्विसिंग व रिपेयर का कार्य चलेगा, जिससे की यूनिट पूरी क्षमता से बिजली का उत्पादन करती रहे। प्लांट प्रशासन के अनुसार यह नियमित प्रोसेस है। सर्दियों में में बिजली की डिमांड कम होने की वजह से ओवरहोलिंग का कार्य हो रहा है। यूनिट को 21 अक्टूबर से शटडाउन किया गया है।
चीफ इंजीनियर ने कही ये बात
खेदड़ के राजीव गांधी थर्मल पावर प्लांट के चीफ इंजीनियर का कहना है कि खेदड़ पावर प्लांट की 800 मेगावाट (MW of Khedar Power Plant) की नई यूनिट के लिए कोल लिंकेज की परमिशन मिल गई है। अब पर्यावरणीय मंजूरी के लिए अप्लाई किया जाने वाला है। सिविल वर्क के लिए कंसल्टेंसी एजेंसी भी हायर की है। अभी यूनिट निर्माण को लेकर फर्स्ट फेज के काम किए जा रहे हैं।
