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UP News : 2000 रुपये के चक्कर में बैंक का काट दिया बिजली कनेक्शन, सीएम योगी की नाराजगी अफसर पर पड़ी भारी

गोरखपुर में बैंक कर्मियों से कनेक्शन जोड़ने के नाम पर बिजली विभाग (electricity department) के लाइनमैनों ने रिश्‍वत मांगी। जब यह मामला सामने आया तो सीएम योगी आदित्‍यनाथ बेहद नाराज है। इसकी जानकारी होने पर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी ने एक्शन लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है।आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से. 
 
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HR Breaking News (नई दिल्ली)।   गोरखपुर (Gorakhpur News) में बिजली विभाग के कुछ संविदाकर्मियों ने दो हजार रुपये की घूस न मिलने पर बैंक का कनेक्‍शन काट दिया। हालांकि, जेई के कहने पर फिर से कनेक्‍शन जोड़ दिया गया। लेकिन इस मामले का जब वीडियो वायरल हुआ तो सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने अपनी नाखुशी जाह‍िर की। इसके बाद बिजली विभाग के अधिकारियों सहित कर्मचारियों पर गाज गिरी है।


मिली जानकारी के मुताबिक मोहद्दीपुर में आईसीसीआई बैंक की एक नई शाखा का शुभारंभ जुलाई माह में हुआ था। इसके कनेक्शन के लिए मकान मालिक ने ऑनलाइन अप्लाई किया गया था। एक सप्ताह बाद ही कनेक्शन स्वीकृत कर लिया गया। बावजूद इसके दो माह से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी मीटर नहीं लग पाया था। मकान मालिक की शिकायत के बाद 14 सितंबर को विभाग के तीन संविदाकर्मी बैंक में मीटर लगाने पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने मीटर लगाने के बाद 2000 रुपए की डिमांड की। बैंक कर्मियों का कहना है कि उन्हें जलपान कराने के बाद 500 रुपये दिए। लेकिन संविदा कर्मी 1500 और देने की मांग पर अड़ गए।

बैंक कर्मियों की तरफ से जब और रुपए देने से इनकार कर दिया गया तो नाराज होकर एक संविदा कर्मी ने पोल पर चढ़कर बैंक की लाइन काट दी। बैंक कर्मियों ने जब इसकी सूचना विभाग को दी तो जेई के निर्देश पर दोबारा कनेक्शन जोड़ दिया गया। इसी बीच इसका वीडियो किसी बैंक कर्मी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

इसकी जानकारी गोरखपुर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ को भी हुई जिस पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई। इसके बाद एक्शन में आए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभू कुमार ने चीफ इंजीनियर आशु कालिया की रिपोर्ट के बाद कार्य के प्रति लापरवाही को लेकर एक्सईएन बीके चौधरी, एसडीओ नीरज दुबे और जेई वीरेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया। वहीं तीनों संविदा कर्मियों को कार्य मुक्त कर दिया है। एमडी ने इस मामले में अपने अधीनस्थों पर नियंत्रण न रखने पर अधीक्षक अभियंता लोकेंद्र बहादुर सिंह को भी आरोप पत्र दिया है। वहीं जेई वीरेंद्र कुमार ने तीनों संविदा कर्मियों पर कैंट थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया है।