UP को मिली नई रेलवे लाइन, 81 किलोमीटर में बनेंगे 12 नए स्टेशन, इन गांवों की जमीन बनेगी सोना
New Railway Line in UP : यूपी में प्रगति कार्य लगातार रफ्तार पकड़ रहा है। अब यहां पर एक ओर नई रेलवे लाइन को बिछाने की तैयारी की जा रही है। इस रेलवे लाइन (Railway Line in UP) के तहत 81 किलोमीटर क्षेत्र में 12 नए स्टेशन का निर्माण किया जाने वाला है। इसके कारण गांव की जमीन के रेट भी काफी हद तक बढ़ जाएंगे।
HR Breaking News (Railway Line) हाल ही में योगी सरकार ने राज्यवासियों को एक बड़ी सौगात दे दी है। अब सरकार लोगों को बेहतर यातायात सुविधा देने के लिए एक और नई रेलवे लाइन को बिछाने वाली है। इस नई रेलवे लाइन (New Railway Line) के लिए 81 किलोमीटर भूमि का अधिग्रहण किया गया है, जिसमें कुल 12 नए स्टेशन का निर्माण होगा। आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी।
इतनी रेलवे लाइन का होगा विस्तार
इस नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 81.17 किलोमीटर तक रहने वाली है। इसे तीन अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा। इस परियोजना के पूरा हो जाने के बाद यह लाइन गोरखपुर से वाराणसी (Gorakhpur to Varanasi Distance) और लखनऊ जाने वाली ट्रेनों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने वाली है।
इस रेल परियोजना की होगी शुरुआत
पूर्वोत्तर रेलवे की बहु प्रतीक्षित परियोजना सहजनवां-दोहरीघाट नई रेल लाइन (new rail line) का कार्य शुरू किया जा चुका है। इस परियोजना के पहले चरण में गोरखपुर के सहजनवां से बांसगांव तक 32.95 किमी लंबी लाइन को बनाया जाने वाला है।
परियोजना के तहत बनेंगे इतने स्टेशनों और हाल्ट
नई रेल लाइन पर कुल 12 स्टेशन का निर्माण होने वाला है। इसमें चार हाल्ट स्टेशन (halt station Kya h) का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा सात क्रॉसिंग स्टेशन को भी बनाया जाने वाला है। परियोजना के पहले चरण के लिए जरूरी जमीन का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है।
हजारों लोगों को होगा लाभ
योजना के दूसरे चरण में बांसगांव से बड़हलगंज तक 185.78 हेक्टेयर भूमि का प्रकाशन किया जा चुका है। इसके अलावा तीसरे चरण के लिए बड़हलगंज से न्यू दोहरीघाट तक 12.82 हेक्टेयर जमीन को अधिग्रहित (Land acquisition) किया गया है। रेल लाइन के बनने की वजह से हजारों लोगों को रोजगार के मौके मिलने वाले हैं। स्थानीय मजदूरों और ठेकेदारों को काम के मौके भी मिलने वाले हैं।
व्यापार और आवागमन पर पड़ेगा प्रभाव
रेलवे लाइन के पूरा हो जाने की वजह से गोरखपुर और वाराणसी की दूरी कम हो जाएगी। इसके अलावा आवागमन आसान हो जाएगा और व्यापारिक गतिविधियां भी रफ्तार पकड़ेगी। पूर्वांचल के बड़े हिस्से को रेलवे (Land acquisition For Railway Line) सेवा से जोड़ा जाने वाला है। इसकी वजह से व्यापार और रोजगार की नई उम्मीदें खुलने वाली है।
स्थानीय लोगों पर पड़ेगा ये असर
रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य संतोष राय, व्यापार मंडल अध्यक्ष शिवकुमार जायसवाल और अन्य स्थानीय प्रतिनिधियों ने बताया कि यह परियोजना (New Railway Line Project) क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने वाली है। लोगों को वाराणसी व लखनऊ जाने के लिए नई रेल सुविधा उपलब्ध होने वाली है।
