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लोन लेने वालों के लिए तगड़ा झटका, इस बैंक ने की EMI में बढ़ोतरी

किसी भी बैंक से लोन लेने से पहले आपको उसकी EMI रेट जान लेनी चाहिए, देश के सबसे बड़े बैंकों की लिस्ट में आने वाले एक बैंक ने लोन लेने वालों को एक बड़ा झटका दिया है, आइए खबर में जानते है उसके बारे में पूरी जानकारी।

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लोन लेने वालों के लिए तगड़ा झटका, इस बैंक ने की EMI में बढ़ोतरी

HR Breaking News (नई दिल्ली)। अगर आप निकट भविष्य में बैंक से लोन लेने का प्लान कर रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंकों में से एक यूको बैंक (UCO Bank) ने सभी टैन्योर के लिए अपने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में इजाफा कर दिया है। बैंक में एमसीएलआर रेट में 0.5 पर्सेंट की बढ़ोतरी कर दी है। यानी की अब बैंक से लोन लेना महंगा हो जाएगा और आपको पहले से ज्यादा EMI का भुगतान करना होगा। बढ़ी हुई नई ब्याज दरें 10 सितंबर से लागू हैं।

 

 


यूको बैंक के बढ़े हुए एमसीएलआर रेट


यूको बैंक ने ओवरनाइट एमसीएलआर रेट (Overnight MCLR Rate) को 7.90 पर्सेंट से बढ़ाकर 7.95 पर्सेंट कर दिया है। जबकि बैंक ने 1 महीने के एमसीएलआर रेट को 8.10 पर्सेंट से बढ़ाकर 8.15 पर्सेंट कर दिया है। दूसरी ओर बैंक ने 3 महीने के एमसीएलआर रेट(MCLR Rate) को 8.25 पर्सेंट से बढ़ाकर 8.30 पर्सेंट, 6 महीने के एमसीएलआर रेट को बढ़ाकर 8.50 पर्सेंट से 8.55 पर्सेंट जबकि 1 साल के एमसीएलआर रेट को 8.65 पर्सेंट से बढ़ाकर 8.70 पर्सेंट कर दिया है।

 

 

 

 

बैंक को हुआ 223.5 करोड़ रुपये का प्रॉफिट


चालू वित्त वर्ष की 30 जून को समाप्त हुई तिमाही में बैंक ने 223.5 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया था। जबकि हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बैंक के शेयर बीएसई इंडेक्स पर 1.92 पर्सेंट की तेजी के साथ 35.08 रुपये पर बंद हुए। बता दें कि यूको बैंक के शेयरों का 52 हफ्ते का हाई लेवल 38.15 रुपये है। वहीं, बैंक के शेयरों का 52 हफ्ते का लो लेवल 11.46 रुपये है।
 

क्या होता है MCLR रेट 


मार्जिनल कॉस्ट आफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स यानी MCLR रेट वह मिनिमम दर है जिस पर बैंक ग्राहकों को लोन दे सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अलग-अलग तरह के लोन की ब्याज दरों को निर्धारित करने के लिए साल 2016 में MCLR रेट की शुरुआत की थी। MCLR रेट के बढ़ने या घटने से ही ग्राहकों की EMI तय होती है। अगर MCLR रेट में कोई बैंक इजाफा करता है तो आपके लोन की दरें बढ़ जाएंगी। जबकि अगर बैंक एमसीएलआर रेट में कमी करेगा तो आपके लोन की दर भी कम हो जाएगी।