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Cibil Score: अब बिगड़े सिबिल स्कोर को कर सकते है झट से ठीक, बस ये टिप्‍स करें फॉलो

Cibil Score Tips : अगर आपका भी सिबिल स्कोर कई कारणें की वजह से खराब हो गया है तो अब आपको परेशान होने की कोई जरूरत नही है। आज हम आपको कुछ ऐसी टिप्स के बारे में बताने जा रहे है जिनसे कि आपको सिबिल स्कोर जल्द ही अच्छा हो जाएगा। साथ ही आपको लोन लेने में भी किसी परेशानी का सामना नही करना पड़ेगा। तो आइए जान लेते है कि क्या है ये टिप्स....

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Cibil Score: अब बिगड़े सिबिल स्कोर को कर सकते है झट से ठीक, बस ये टिप्‍स करें फॉलो

HR Breaking News, Digital Desk : जैसे ही आप लोन लेने के लिए बैंक में अप्‍लाई करते हैं तो सबसे पहले बैंक में आपका सिबिल स्‍कोर (Cibil score) ही देखा जाता है. सिबिल स्‍कोर को क्रेडिट स्‍कोर भी कहा जाता है. क्रेडिट स्कोर की सहायता से ही ये पता चलता है कि फाइनेंशियल मामलों में आपका रिकॉर्ड कैसा है. अगर आपका स्‍कोर अच्‍छा है तो आपको लोन आसानी से और बेहतर ब्‍याज दर के साथ मिल सकता है. लेकिन अगर सिबिल स्‍कोर ही गड़बड़ है, तो लोन मिलने में दिक्‍कत हो सकती है. यहां जानिए कितना क्रेडिट स्‍कोर अच्‍छा माना जाता है और अगर ये खराब हो गया है तो इसे सुधारने के तरीके क्‍या हैं.

इतना सिबिल स्‍कोर माना जाता है अच्‍छा


बता दें कि क्रेडिट स्‍कोर की रेंज (cibil score range) 300 से 900 के बीच निर्धारित होती है. अगर आपका क्रेडिट स्‍कोर 750 या इससे ज्‍यादा है तो इसे अच्‍छा माना जाता है. 550 से 750 के बीच का स्‍कोर ठीक माना जाता है और 300 से 550 तक का स्‍कोर खराब माना जाता है. आपका क्रेडिट स्‍कोर कई चीजों पर निर्भर करता है. 30% सिबिल स्कोर इस बात पर निर्भर करता है कि आप वक्त पर कर्ज चुका रहे हैं या नहीं, 25% सिक्योर्ड या अनसिक्योर्ड लोन पर, 25% क्रेडिट एक्सपोजर पर और 20% कर्ज के इस्तेमाल पर निर्भर करता है.

क्रेडिट स्‍कोर सुधारने के तरीके


यदि आपने बैंक से कोई लोन (bank loan) लिया है तो आपको उसके बिल का भुगतान समय से करना चाहिए. वहीं अगर क्रेडिट कार्ड का इस्‍तेमाल करते हैं, तो क्रेडिट कार्ड से किए गए खर्च का भुगतान भी समय से करें. इससे आपके क्रेडिट स्‍कोर में खुद ही सुधार आना शुरू हो जाएगा.

बार-बार ना बढ़ाएं अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट 

जानकारी के लिए बता दें कि क्रेडिट कार्ड की लिमिट ज्‍यादा होना कोई अचीवमेंट नहीं होता है, बल्कि इससे आपके खर्च ही बढ़ जाते हैं. इसलिए अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने (increase credit card limit) की कोशिश बार-बार न करें. 


कार्ड लिमिट को बढ़वाना इस बात का सबूत है कि आपके खर्चे बेतहाशा हैं. ऐसे में आप जितना क्रेडिट कार्ड से खर्च करेंगे, वो बिल आपको ही चुकाना होगा. कई बार बिल ज्‍यादा होने पर अगर आप समय से न चुका पाए, तो आपका क्रेडिट स्‍कोर खराब हो सकता है. 

एक समय पर सिर्फ 1 ही लोन लें

अगर आपने अपने क्रेडिट स्‍कोर (credit score) को बेहतर बनाए रखना है तो एक साथ कई लोन लेने से आपको बचना चाहिए क्‍योंकि ऐसी स्थिति में आप पर ईएमआई का बोझ काफी बढ़ जाता है. कई बार ईएमआई मिस भी हो सकती है. इससे आपका क्रेडिट स्‍कोर खराब हो सकता है.

लोन गारंटर बनने से पहले करे विचार विमर्श

अगर आप किसी के लोन गारंटर (loan guranter) बनते है तो इससे पहले आपको अच्‍छी तरह से विचार करें क्‍योंकि अगर लोन लेने वाले ने समय से लोन नहीं चुकाया या किस्‍तें समय पर नहीं दीं, तो आपको भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा और इससे आपका क्रेडिट स्‍कोर खराब हो सकता है. इसलिए अगर किसी के गारंटर बने भी है, तो इस बात पर नजर बनाकर रखें कि कर्जदार समय पर किस्‍त चुका रहा है या नहीं.

क्रेडिट कार्ड की लिमिट का सिर्फ 30 फीसदी तक करें इस्‍तेमाल

बता दें कि क्रेडिट कार्ड (credit card limit) की जितनी भी लिमिट है, उसकी 30 फीसदी तक का ही इस्‍तेमाल करें. बहुत ज्‍यादा बड़ी खरीद क्रेडिट कार्ड से करने से बचें. इससे आपका क्रेडिट स्‍कोर बिगड़ता है. अगर किसी स्थिति में आपको क्रेडिट कार्ड से बड़ी खरीददारी करनी भी पड़े तो बिलिंग साइकिल खत्‍म होने से पहले इसका भुगतान कर देना चाहिए.