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पर्सनल लोन लेते समय न करें ये 5 गलती 

personal loan - जब सेविंग खत्म हो जाती है और अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है तो लोग लोन लेने की सोचते हैं। बता दें कि लोन कई तरह का होता है। प्रॉपर्टी लोन, होम लोन, गोल्ड लोन, व्हीकल लोन और पर्सनल लोन। इमरजेंसी में लोग ज्यादातर पर्सनल लोन लेते हैं, क्योंकि यह आसानी से मिल जाता है। अगर आप भी पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं तो यह पांच गलतियां न करें, वरना आपको बाद में पछताना पड़ेगा। चलिए खबर में जानते हैं

 
पर्सनल लोन लेते समय न करें ये 5 गलती 

HR Breaking News - पर्सनल लोन किसी इमरजेंसी में पैसों का तुरंत जुगाड़ करने के काम आता है, क्योंकि पर्सनल लोन लेते समय किसी भी चीज को गिरवी नहीं रखना पड़ता और ना ही ज्यादा डॉक्यूमेंट (loan document) की जरूरत होती है। अप्लाई करने के बाद पर्सनल लोन जल्दी मिल जाता है, लेकिन पर्सनल लोन लेते समय आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। आपको वह गलतियां नहीं करनी चाहिए जो लोग करते हैं। ऐसा करने से आप कर्ज के दलदल में फंसने से बच जाएंगे और लोन चुकाने में भी दिक्कत नहीं होगी। 

बैंकों और NBFC के लोन ऑफर्स (bank loan)


जब आप बैंक या NBFC कंपनी के पास लोन (bank loan news) लेने के लिए जाते हैं तो आपको कई सारे ऑफर्स दिए जाते हैं। इन ऑफर्स की जांच पड़ताल किए बिना चुन लेने से आप महंगी ब्याज दरों और खराब शर्तों में फंस सकते हैं। हमेशा पर्सनल लोन या किसी भी तरह का लोन लेने से पहले सभी विकल्पों की तुलना जरूर करें और अपने लिए सबसे सही लोन चुने।

लेट फीस प्री पेमेंट पेनेल्टी ओर फॉर क्लोजर चार्जेस 

90% लोगों को लगता है कि लोन का असली खर्च केवल ब्याज है, लेकिन लेट फीस (Loan charges), प्री- पेमेंट, पेनल्टी और का क्लोज चार्ज जैसे छिपे हुए शुल्क मिलकर आपको एक बड़े कर्ज में फंसा सकते हैं। ‌ लोन के लिए एग्रीमेंट साइन करने से पहले सभी चार्ज के बारे में अच्छी तरह से जरूर जांच लें। इसके अलावा बैंक द्वारा लगाए जा रहे चार्ज की अन्य बैंकों के साथ तुलना जरूर करें। इससे आपको यह पता चलेगा कि कौन सा बैंक आपको कम शुल्क पर लोन दे रहा है।

बार-बार नए पर्सनल लोन लेना 


लोन लेते समय हर कोई यह सोचता है कि वह थोड़े-थोड़े पैसे जोड़कर एक निर्धारित समय तक लोन को चूका देगा। लेकिन कई बार आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती जिसके चलते कर्ज के जाल में फंसकर रह जाते हैं। वही कुछ लोग पैसों की कमी के चलते पुराने लोन को चुकाने के लिए या EMI भरने के लिए बार-बार नए पर्सनल (loan EMI) लोन लेते हैं। ऐसे करने से आप कर्ज के दलदल में फंस सकते हैं। हमेशा एक कर्ज के उतरने के बाद ही दूसरा कर्ज लेने की सोचे।

ज्यादा रकम उधार लेना या गलत अवधि को चुना 


पर्सनल लोन (personal loan) पर लगने वाले ब्याज उसकी अवधि और रकम से निर्धारित होता है। अगर आप एक बड़ी रकम कम समय के लिए उधार ले रहे हैं तो आपको कम किस्त चुकानी होगी। वहीं अगर आप ज्यादा अमाउंट लंबे समय के लिए उधार ले रहे हैं तो अधिक ब्याज और हर महीने मोटी EMI का भुगतान करना होगा। इसलिए लोन लेते समय सही अवधि चुनना बहुत जरूरी है।

समय पर ईएमआई का भुगतान न करना 


जब आप किसी भी बैंक (bank news) में पर्सनल लोन लेते हैं तो आपको एक निर्धारित समय पर लोन की किस्त भरनी होती है। अगर आप किस्त चुकाने में असमर्थ रहते हैं तो इसका सीधा प्रभाव आपके क्रेडिट स्कोर पर दिखेगा। EMI का भुगतान नहीं करने पर क्रेडिट स्कोर खराब हो सकता है जिससे आपको भविष्य में लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा। 

पर्सनल लोन (Personal Loan EMI Calculation) लेने से पहले सालाना आय और खर्च का पूरा कैलकुलेशन करने के बाद ही डिसाइड करें कि आप कितना लोन लेना चाहते हैं जिसे आप सही समय पर चुका पाए और हर महीने EMI का भुगतान करने में आपको दिक्कत ना हो। इससे आपका सिबिल स्कोर भी ठीक रहेगा और लोन चुकाने में भी परेशानी नहीं होगी।

निष्कर्ष - 

पर्सनल लोन (personal loan) को लेते समय केवल आपको ब्याज दरों पर ही ध्यान नहीं देना है। इसके अलावा लोन पर लगने वाले चार्ज के बारे में भी पता होना चाहिए, क्योंकि कई बार लोन लेने के बाद चार्ज इतने ज्यादा हो जाते हैं कि आप कर्ज के दलदल में फंस जाते हैं। ऐसे में Loan लेने से पहले कई बैंकों में ब्याज दर के साथ साथ छिपे (हीडन) चार्ज, लोन पर लगने वाली फीस, लोन की अवधि के बारे में भी जानना चाहिए।