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Home Loan Rates : होम लोन के लिए फिक्स्ड या फ्लोटिंग रेट में क्या है अंतर, लोन लेने वाले जान लें कहां ज्यादा फायदा

Home Loan Rates : अक्सर लोगों के मन में ये सवाल होता है कि होम लोन लेते समय फिक्स्ड या फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट में से कौन सा ऑप्शन बेहतर होगा, इंट्रेस्ट रेट सिर्फ कम या ज्यादा नहीं बल्कि ऐसे भी होते हैं जो समय-समय पर बदलते रहें। क्या होते हैं फिक्स्ड और फ्लोटिंग इंट्रेस्ट रेट्स और क्या होते हैं इनके फायदे और नुकसान, जानें सब यहां...
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Home Loan Rates : होम लोन के लिए फिक्स्ड या फ्लोटिंग रेट में क्या है अंतर, लोन लेने वाले जान लें कहां ज्यादा फायदा

HR Breaking News, Digital Desk - अपने घर का सपना (dream of home) पूरा करने के लिए अधिकतर लोग बैंकों से लोन लेते हैं. लोन लेते समय ब्याज की क्या दर है, यह भी फैसला लेने में बड़ी भूमिका निभाता है. कई लोगों के मन में सवाल आता है कि होम लोन के लिए फ्लोटिंग रेट  (Floating rate for home loan) सही है या फिक्स्ड (fixed) . दोनों ही विकल्पों के अपने फायदे और नुकसान हैं. ऐसे में आज हम आपको दोनों के बीच का अंतर बताएंगे, जो एक सही फैसला लेने में आपकी मदद करेगा.

फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट क्या है?


फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट में, लोन लेते समय ब्याज दर निश्चित कर दी जाती है. इस दौरान बाजार में किसी भी उतार-चढ़ाव के बावजूद आपके होम लोन पर इंटरेस्ट रेट स्थिर रहता है.  जिससे आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि, आपके रीपेमेंट क्या होंगे, लोन अवधि, EMI क्या होगी. 

इन परिस्थितियों में फिक्स्ड रेट होम लोन का विकल्प चुनना चाहिए:


1. आप उस EMI को लेकर संतुष्ट हों जो आपको पे करनी है. यह आपकी मंथली इन्कम के 25-30% से अधिक नहीं होनी चाहिए.

2. अगर आपको भविष्य में ब्याज दरों के बढ़ने का अनुमान हो, और इसलिए अपने होम लोन को मौजूदा दर पर लॉक करना चाहते हों.

3. फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट के साथ, लोन लेने वालों को यह पता होता है कि उन्हें हर महीने कितना पेमेंट करना है, जिससे वे भविष्य की फाइनेंस योजना बनाने में सक्षम होते हैं.

फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट क्या है?


फ्लोटिंग रेट में बाजार की स्थिति के आधार पर ब्याज की दर तय होती है. यह दर बेंचमार्क रेट से जुड़ा होता है. आरबीआई (RBI) द्वारा नीतिगत दरों में बढ़ोतरी के बाद बैंक भी अपनी दरें बढ़ा देता है, जिससे लोन की अधिक ब्याज दर चुकानी होती है. वहीं अगर  RBI नीतिगत दरों में बढ़ोतरी नहीं करता है तो बैंक भी रेट में कोई बडलाव नहीं करते. 

इन परिस्थितियों में फ्लोटिंग रेट होम लोन का विकल्प चुनना चाहिए:


1. अगर आप आमतौर से समय के साथ ब्याज दरों के गिरने की उम्मीद कर रहे हों, तो फ्लोटिंग रेट लोन का चुनाव करने से आपके लोन पर लागू ब्याज दर भी घट जाएगी, जिससे आपके लोन की कॉस्ट कम हो जाएगी.

2. फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट आम तौर पर फिक्स्ड रेट्स की तुलना में कम इंटरेस्ट रेट पेश करते हैं. इससे आपका लोन किफायती मासिक पेमेंट हो सकता है.

जानिए इन बैंकों का होम लोन इंटरेस्ट रेट


बैंक ऑफ बड़ौदा- 8.40% – 10.65%

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया- 8.40% – 10.15%

ICICI बैंक- 8.95%-9.15%

पंजाब नेशनल बैंक 8.5% to 9%