Income Tax : टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी अपडेट, इनकम टैक्स के जुड़े 7 नियमों में बदलाव
Income Tax : नया वित्त वर्ष शुरू होने जा रहा है। इससे पहले आयकर विभाग के नियमों में बदलाव होने जा रहा है। हर किसी को आयकर विभाग के ये नियम पता होना चाहिए। आयकर विभाग (Income Tax) समय समय पर अपने नियमों में बदलाव करता रहता है। आइए जानते हैं आयकर विभाग से जुड़े 7 नियमों में बदलाव के बारे में-

HR Breaking News (Income Tax) आयकर विभाग के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। आयकर विभाग देश में धन के लेन देन पर नजर रखता है और कहीं भी किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई करता है। आयकर विभाग के नियमों में सात बड़े बदलाव हुए हैं। आइए जानते हैं आयकर विभाग के अपडेट नियमों के बारे में-
नियमों में बदलाव का किनपर पड़ेगा असर
नया वित्तीय वर्ष शुरू होने वाला है। यह शुरू होने पर इनकम टैक्स (Income Tax) से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव होने वाला है। आयकर के नियमों में प्रमुख बदलाव टैक्स स्लैब, छूट की सीमा, और करदाताओं की जेब पर असर डाल सकते हैं। आइए जानते हैं बड़े बदलावों के बारे में जरूरी अपडेट।
सरकार का यह है मकसद
हाल ही में आयकर (Income Tax) के नियमों में बदलाव किया गया है। सरकार की ओर से नियमों में संशोधनों के जरिए टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाने और कुछ मामलों में राहत देने का प्रयास किया गया है। कुछ नियमों से कर्मचारियों पर टैक्स का बोझ भी बढ़ सकता है। अपने टैक्स की बेहतर प्लानिंग के लिए आयकर के नियमों को जानना जरूरी है। निचे दिए गए सात नियम अब बदल गए हैं।
आयकर की धारा 87 ए के अनुसार छूट
आयकर अधिनियम 1961 के अनुसार धारा 87ए के अंदर कर व्यवस्था में कर छूट की सीमा को 25 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दिया गया है। आयकर की बढ़ी हुई सीमा अब आयकर (Income Tax) छूट 12 लाख तक की कर योग्य आय पर लागू होगी। इसमें पूंजीगत लाभ से प्राप्त आय शामिल नहीं होगी। बता दें कि नए आयकर संशोधन के अनुसार 12 लाख रुपये तक आय पर कोई टैक्स नहीं है, कर्मचारियों के लिए स्टेंडर्ड डिडक्शन के साथ यह सीमा 12 लाख 75 हजार रुपये है।
आयकर की स्लैब में किया गया बदलाव
आयकर देने की नई रिजीम में 1 अप्रैल से टैक्स स्लैब और दरों में बदलाव हो जाएगा। छूट की सीमा को 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख किया गया है। नई टैक्स स्लैब के अनुसार 24 लाख रुपये से अधिक आय पर उच्चतम टैक्स दर 30% लागू होगा। यह केवल नई रिजीम (Income Tax) में है।
टीडीएस की सीमा में भी किया गया बदलाव
आयकर विभाग की ओर से विभिन्न लेन-देन के लिए वह न्यूनतम राशि, जिसके ऊपर टीडीएस या टीसीएस लगता है पर टीडीएस की सीमा बढ़ाई जाएगी। कर्मचारियों के लिए बैंक जमा पर टीडीएस की सीमा 40,000 से बढ़कर 50,000 रुपये की जाएगी।
इन सुविधाओं में किया बदलाव
आयकर के नए नियमों के अनुसार 1 अप्रैल से कर्मचारियों को उनके नियोक्ताओं से प्राप्त होने वाली सुविधाएं और लाभ भत्तों की श्रेणी में नहीं गिने जाएंगे। इसी प्रकार किसी कर्मचारी के परिवार का कोई व्यक्ति बिमार होता है और उसे नियोक्ता के खर्च से विदेश भेजा जाता है तो इसे भत्ते के रूप में नहीं माना जाएगा।
एनपीएस में निवेश पर ये है अपडेट
1 अप्रैल से वेतनभोगी कर्मचारी और अन्य करदाता अपने बच्चों के एनपीएस (NPS) वात्सल्य खाते में निवेश कर सकेंगे। इसमें पुरानी कर व्यवस्था के अंतर्गत 50,000 की अतिरिक्त छूट का लाभ उठाया जा सकेगा। आयकर में यह भी बड़ा बदलाव है।
केवल दो संपत्तियों के लिए जीरो का अंक
आने वाले वित्त वर्ष में आयकर के बदले नियमों के अनुसार वेतनभोगी कर्मचारी और अन्य करदाता अधिकतम दो संपत्तियों के लिए शून्य मूल्य का दावा कर सकेंगे। वो संपत्ति चाहे किसी और के प्रयोग में हो या उनके ही प्रयोग में हो।